तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (KCR) के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाने वाले एन. राजलिंगमूर्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर दी गई है।
पुलिस ने शुरुआती जांच में किसी राजनीतिक ऐंगल से इनकार किया है।
राजलिंगमूर्ति ने मेदीगड्डा बैराज (कालेश्वरम प्रोजेक्ट) में करप्शन का आरोप लगाया था।
बुधवार को जयशंकर भुपालपल्ली कस्बे में स्थित अपने घर के पास उन्हें मृत पाया गया।
गुरुवार को इस मामले में अदालत में सुनवाई होनी थी।
कैसे हुई हत्या?
50 साल के एन. राजलिंगमूर्ति पर हमला हुआ जब वे मोटरसाइकिल से कहीं जा रहे थे।
दो अज्ञात हमलावरों ने उन पर चाकू से हमला कर दिया।
शाम 7:30 बजे यह घटना घटी, गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि हत्या का कारण जमीन विवाद हो सकता है।
हालांकि, उनकी मौत स्वाभाविक नहीं बल्कि हत्या की गई है।
KCR के खिलाफ क्या आरोप लगाए थे?
राजलिंगमूर्ति ने अक्टूबर 2023 में अदालत में शिकायत दर्ज कराई थी।
उन्होंने KCR और उनके भतीजे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और एफआईआर दर्ज कराने की मांग की थी।
सेशन कोर्ट ने KCR और उनके सहयोगियों के खिलाफ जांच शुरू करने का आदेश दिया था।
KCR ने इस आदेश को सस्पेंड करवाने के लिए तेलंगाना हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी।
अब जब इस मामले की सुनवाई होनी थी, ठीक उससे पहले राजलिंगमूर्ति की हत्या हो गई, जिससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
पुलिस का क्या कहना है?
पुलिस का कहना है कि यह हत्या जमीन विवाद के कारण हुई है और इसमें राजनीतिक कोण नहीं है।
हत्या के पीछे के असली कारणों की जांच की जा रही है।
क्या यह हत्या महज संयोग है या कुछ और? 
ऐसे समय पर जब राजलिंगमूर्ति की कोर्ट में सुनवाई होनी थी, उनकी हत्या होना कई सवाल खड़े करता है।
क्या यह वास्तव में जमीन विवाद का मामला है, या उनके आरोपों की वजह से उन्हें निशाना बनाया गया?
अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में आगे क्या खुलासा करती है।