PM मोदी की सुरक्षा में चूक बाड़मेर में VVIP मंच के पास पहुंचा संदिग्ध युवक, मची अफरा-तफरी
News India Live, Digital Desk: राजस्थान के बाड़मेर (बालोतरा) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुनावी जनसभा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक का मामला सामने आया है। पीएम के दौरे के लिए निर्धारित VVIP जोन और मंच के बेहद करीब एक संदिग्ध युवक के पहुँचने से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने बड़ी कार्रवाई की है और ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में पचपदरा SHO समेत तीन पुलिसकर्मियों को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।
VVIP घेरे को तोड़कर मंच के पास पहुँचा युवक
जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी जब बालोतरा में जनसभा को संबोधित करने वाले थे, उसी दौरान एक युवक सुरक्षा के कड़े घेरे (D-Area) को लांघकर मंच के काफी करीब पहुँच गया। सुरक्षा में तैनात अधिकारियों की नजर जैसे ही उस पर पड़ी, उसे तुरंत हिरासत में ले लिया गया। प्रधानमंत्री की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाली SPG और स्थानीय पुलिस के बीच इस चूक को लेकर काफी देर तक गहमागहमी बनी रही। पकड़े गए युवक से खुफिया एजेंसियां कड़ी पूछताछ कर रही हैं।
SHO और पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज
प्रधानमंत्री की सुरक्षा में इस सेंधमारी ने पुलिस प्रशासन की तैयारियों पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। बाड़मेर एसपी ने प्राथमिक जांच में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को दोषी पाया। पचपदरा थानाधिकारी (SHO) बाबूलाल और उनके साथ तैनात दो अन्य कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया है। इन पर आरोप है कि इनके द्वारा सुरक्षा घेरे की निगरानी में लापरवाही बरती गई, जिसके कारण बाहरी व्यक्ति प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश कर गया।
सुरक्षा एजेंसियों का 'अलर्ट मोड'
प्रधानमंत्री की जनसभाओं के लिए सुरक्षा के कई स्तर बनाए जाते हैं। इसमें स्थानीय पुलिस के अलावा, आरएसी (RAC) और सबसे भीतर का घेरा SPG का होता है। इस घटना के बाद पूरे सभा स्थल की सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है। खुफिया विभाग (IB) और सीआईडी (CID) भी इस मामले की जांच में जुट गई हैं कि आखिर युवक मंच तक पहुँचने में कैसे सफल रहा। क्या यह केवल एक प्रशंसक की दीवानगी थी या इसके पीछे कोई गहरी साजिश है, इसकी पड़ताल की जा रही है।
सियासी हलकों में चर्चा गरम
राजस्थान में विधानसभा चुनावों के बाद अब लोकसभा चुनावों की सरगर्मी तेज है। ऐसे में प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान हुई इस चूक ने राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा छेड़ दी है। भाजपा नेताओं ने इसे राज्य पुलिस की बड़ी नाकामी बताया है, वहीं पुलिस के उच्च अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा मानकों की दोबारा समीक्षा की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी कोई घटना न हो।