Pitru Paksha 2025: क्या पूर्वजों का श्राद्ध न करने से बच्चों को मिलता है पितृ दोष, जानिए इसका सच
- by Archana
- 2025-08-20 12:04:00
News India Live, Digital Desk: Pitru Paksha 2025: हिन्दू धर्म में पितृ पक्ष का विशेष महत्व है, यह वह समय है जब दिवंगत पूर्वजों को याद किया जाता है और उनके प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए श्राद्ध और तर्पण किया जाता है। अक्सर यह माना जाता है कि यदि कोई अपने पितरों का श्राद्ध ठीक से नहीं करता है, तो बच्चों को पितृ दोष लगता है, जिससे उनके जीवन में विभिन्न प्रकार की परेशानियां आती हैं। पितृ पक्ष 7 सितंबर से 21 सितंबर 2025 तक चलेगा। आइए जानते हैं क्या यह सच है और पितृ दोष से बचने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं।
क्या श्राद्ध न करने से बच्चों को लगता है पितृ दोष?
धर्म-शास्त्रों के अनुसार, यह सत्य है कि यदि कोई परिवार अपने पूर्वजों का श्राद्ध, तर्पण या पिंडदान विधिपूर्वक नहीं करता है, तो उस परिवार में पितृ दोष की संभावना बढ़ जाती है। इसका सीधा असर घर के बच्चों और वंश पर पड़ता है। पितृ दोष के कारण बच्चों के जीवन में कई तरह की समस्याएं आ सकती हैं, जैसे:
- विवाह में बाधा: अक्सर पितृ दोष से पीड़ित बच्चों के विवाह में अनावश्यक देरी या परेशानियां आती हैं।
- संतान प्राप्ति में समस्या: कुछ मामलों में संतान प्राप्ति में भी दिक्कतें आ सकती हैं।
- शिक्षा और करियर में बाधाएं: बच्चों को अपनी पढ़ाई या पेशेवर जीवन में सफलता पाने के लिए अत्यधिक संघर्ष करना पड़ता है।
- पारिवारिक कलह और बीमारी: घर में अक्सर झगड़े और अनावश्यक बीमारियां बनी रह सकती हैं।
- धन हानि: आर्थिक मोर्चे पर भी पितृ दोष नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है, जिससे धन हानि और कर्ज की स्थिति बन सकती है।
पितृ दोष से बचने के उपाय:
पितृ दोष से मुक्ति पाने और पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए कुछ विशेष उपाय किए जा सकते हैं:
- पितृ पक्ष में श्राद्ध और तर्पण: पितृ पक्ष के दौरान अपने पूर्वजों की तिथि के अनुसार विधि-विधान से श्राद्ध और तर्पण करना चाहिए। यदि तिथि याद न हो, तो सर्व पितृ अमावस्या पर श्राद्ध किया जा सकता है।
- ब्राह्मणों को भोजन कराना: श्राद्ध के दिन ब्राह्मणों को भोजन कराना और उन्हें दान-दक्षिणा देना अत्यंत शुभ माना जाता है। इससे पितृ प्रसन्न होते हैं।
- तर्पण: दक्षिण दिशा की ओर मुख करके तर्पण करना चाहिए। इससे पूर्वजों को शांति मिलती है।
- दान: पितृ पक्ष में अन्न, वस्त्र और अन्य वस्तुओं का दान करना चाहिए।
- पीपल के पेड़ की सेवा: पीपल के पेड़ को देवताओं का वास माना जाता है, खासकर पितरों का। शनिवार को पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाना और दीपक जलाना शुभ होता है।
- गरीबों की मदद: गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करने से भी पितृ प्रसन्न होते हैं।
शास्त्रों में यह भी कहा गया है कि पूर्वजों का अपमान करना या उन्हें भुला देना भी पितृ दोष का कारण बन सकता है। इसलिए पितृ पक्ष का सम्मानपूर्वक पालन करना अत्यंत महत्वपूर्ण है ताकि परिवार में सुख-शांति बनी रहे और वंश वृद्धि हो।
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