यूपी में गुलाबी ठंड की दस्तक, लखनऊ में सुबह-शाम सिहरन, 1 नवंबर से कोहरे की चादर

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News India Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश में आखिरकार लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलने लगी है और गुलाबी ठंड ने अपनी दस्तक दे दी है। पिछले कुछ दिनों से मौसम में आए बदलाव ने सुबह और शाम के समय हल्की सिहरन का एहसास कराना शुरू कर दिया है। हवा का रुख अब उत्तर-पश्चिमी हो गया है, जो अपने साथ हिमालय की ठंडक लेकर आ रही है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में यह ठंडक और बढ़ेगी और न्यूनतम तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की जाएगी।

कैसा रहेगा आने वाले दिनों में मौसम?

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 31 अक्टूबर तक प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम साफ रहेगा और धूप खिलेगी, लेकिन हवा में ठंडक महसूस होती रहेगी। हालांकि, कुछ पश्चिमी जिलों में हल्के बादल भी छाए रह सकते हैं, लेकिन बारिश की कोई संभावना नहीं है। दिन के समय तापमान अभी भी 30-32 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहेगा, लेकिन रातें अब ठंडी होने लगी हैं।

1 नवंबर से दिखेगा मौसम का असली रंग

असली बदलाव 1 नवंबर से देखने को मिलेगा। इस दिन से सुबह के समय धुंध और हल्के कोहरे की शुरुआत हो सकती है, जो समय के साथ और घना होता जाएगा।

  • तापमान में गिरावट: दिन और रात के तापमान में अंतर बढ़ने लगेगा। न्यूनतम तापमान गिरकर 15-16 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है, जिससे सुबह-शाम की ठंड अच्छी-खासी महसूस होगी।
  • बढ़ेगा प्रदूषण, स्मॉग का खतरा: कोहरा बढ़ने के साथ-साथ हवा की गति भी कम हो जाएगी। इससे हवा में मौजूद प्रदूषण के कण (pollutants) नीचे ही जमा होने लगेंगे, जिससे स्मॉग (धुंध और धुएं का मिश्रण) की समस्या भी बढ़ सकती है, खासकर बड़े शहरों जैसे लखनऊ, कानपुर, नोएडा और गाजियाबाद में।

प्रमुख शहरों में क्या है हाल?

राजधानी लखनऊ में गुरुवार को सुबह से ही ठंडी हवाओं का दौर जारी रहा। दिन में धूप निकलने से थोड़ी राहत मिली, लेकिन शाम होते ही फिर से ठंडक बढ़ गई। न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस के नीचे दर्ज किया गया। कानपुर, मेरठ, आगरा, प्रयागराज और वाराणसी में भी कमोबेश यही स्थिति बनी हुई है।

मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों को अब अपने गर्म कपड़े निकालने की सलाह दी है, क्योंकि आने वाले हफ्ते में ठंड का असर और ज्यादा गहराने वाला है। साथ ही, स्मॉग की आशंका को देखते हुए सुबह की सैर पर निकलने वाले लोगों, खासकर बच्चों और बुजुर्गों को सावधानी बरतने के लिए भी कहा गया है।