फोन की लत ने छीन ली है मन की शांति? Digital Detox के ये 5 तरीके लौटा देंगे खोया हुआ सुकून
News India Live, Digital Desk : सुबह आंख खुलते ही सबसे पहले फोन चेक करना... दिन भर सोशल मीडिया पर स्क्रॉल करते रहना... और रात को भी देर तक स्क्रीन पर नजरें गड़ाए रखना। अगर आपकी दिनचर्या भी कुछ ऐसी ही है, तो यकीन मानिए, आप अकेले नहीं हैं। आज करोड़ों लोग 'डिजिटल एडिक्शन' यानी टेक्नोलॉजी की लत के शिकार हैं।
यह लत धीरे-धीरे हमारी मानसिक और शारीरिक सेहत पर बहुत बुरा असर डाल रही है। यह हमारे अंदर तनाव (Stress), चिंता (Anxiety), अकेलापन बढ़ा रही है और हमारी नींद को भी छीन रही है।
अगर आप भी इस वर्चुअल दुनिया से थोड़ा ब्रेक लेकर, अपनी असल जिंदगी में फिर से खुशियां और सुकून ढूंढना चाहते हैं, तो इसका एक ही इलाज है - डिजिटल डिटॉक्स (Digital Detox)।
क्या है यह Digital Detox?
डिजिटल डिटॉक्स का मतलब है, कुछ समय के लिए खुद को स्वेच्छा से हर तरह की डिजिटल डिवाइस जैसे स्मार्टफोन, कंप्यूटर, टैबलेट और सोशल मीडिया से पूरी तरह दूर कर लेना। यह ठीक वैसा ही है जैसे हम अपने शरीर को हानिकारक चीजों से बचाने के लिए 'उपवास' रखते हैं, बस यह उपवास हमारे 'दिमाग' के लिए होता है।
यह सुनने में मुश्किल लग सकता है, लेकिन आपको हमेशा के लिए साधु बनने की जरूरत नहीं है। आप छोटे-छोटे कदम उठाकर भी इसकी शुरुआत कर सकते हैं।
कैसे करें खुद को 'Digital Detox'? 5 आसान तरीके
1. सोने का कमरा बनाएं 'नो फोन ज़ोन' (Create a 'No Phone Zone')
यह सबसे पहला और सबसे जरूरी नियम है। रात को सोने से कम से कम एक घंटा पहले अपने फोन को किसी दूसरे कमरे में चार्जिंग पर लगा दें। सोने से पहले फोन चलाने की आदत आपकी नींद की सबसे बड़ी दुश्मन है। शुरुआत में आपको अजीब लगेगा, लेकिन कुछ ही दिनों में आपको गहरी और सुकून भरी नींद आने लगेगी। अलार्म के लिए आप एक पुरानी अलार्म घड़ी का इस्तेमाल कर सकते हैं।
2. नोटिफिकेशन को कहें 'Bye-Bye'
टिक-टिक... आपके फोन पर आने वाला हर नोटिफिकेशन आपके दिमाग को भटकने पर मजबूर कर देता है।
- क्या करें: अपने फोन की सेटिंग्स में जाकर फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और अन्य सभी गैर-जरूरी ऐप्स के नोटिफिकेशंस को बंद (Turn off) कर दें। इससे आप बार-बार फोन चेक करने की आदत से बच जाएंगे।
3. तय करें 'स्क्रीन फ्री' समय (Schedule 'Screen-Free' Hours)
अपने दिन में कुछ घंटे ऐसे तय करें जब आप बिल्कुल भी फोन का इस्तेमाल नहीं करेंगे। जैसे, खाना खाते समय, परिवार के साथ बात करते समय या सुबह उठने के बाद का पहला घंटा। इस खाली समय में कोई किताब पढ़ें, संगीत सुनें, वॉक पर जाएं या बस शांत बैठकर चाय पिएं।
4. पुराने शौक़ को दें नया जीवन (Reconnect with Hobbies)
सोचिए, फोन आने से पहले आप अपना खाली समय कैसे बिताते थे? पेंटिंग, सिंगिंग, डायरी लिखना, कोई म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट बजाना या दोस्तों से मिलना... अपने किसी पुराने शौक़ को फिर से अपनाएं। जब आप किसी ऐसे काम में व्यस्त होते हैं जो आपको खुशी देता है, तो आपको फोन का ख्याल भी नहीं आता।
5. हफ्ते में एक दिन 'डिजिटल उपवास'
अगर आप हिम्मत जुटा पाएं, तो हफ्ते का कोई भी एक दिन (जैसे रविवार) पूरी तरह से 'डिजिटल फास्ट' के लिए रखें। अपने परिवार को बता दें कि आप आज फोन से दूर रहेंगे। शुरुआत में आप कुछ घंटों से कर सकते हैं और धीरे-धीरे इसे पूरे दिन के लिए बढ़ा सकते हैं।
डिजिटल डिटॉक्स का मकसद टेक्नोलॉजी को पूरी तरह छोड़ना नहीं, बल्कि उसके और आपके बीच एक स्वस्थ संतुलन बनाना है। यह आपको सिखाता है कि टेक्नोलॉजी आपकी मालिक नहीं, बल्कि आप उसके मालिक हैं। इस डिटॉक्स के बाद आप पाएंगे कि आपका मन ज्यादा शांत है, आप ज्यादा खुश हैं और असल जिंदगी, वर्चुअल जिंदगी से कहीं ज्यादा खूबसूरत है।