Palmistry : हाथ में क्रॉस का निशान ,क्या आपके लिए यह शुभ है या अशुभ? जानें 2025 में आपका भाग्य
News India Live, Digital Desk: Palmistry : हस्तरेखा विज्ञान, यानी पामिस्ट्री, हमारी हथेलियों पर बनी रेखाओं, निशानों और पर्वतों के अध्ययन पर आधारित एक प्राचीन विज्ञान है. इन रेखाओं और चिह्नों को देखकर व्यक्ति के स्वभाव, भविष्य, स्वास्थ्य, करियर और जीवन के कई रहस्यों को उजागर किया जाता है. हाथ पर कई तरह के निशान होते हैं, जिनमें से एक है 'क्रॉस का निशान' (X-चिह्न). यह क्रॉस का निशान हथेली के अलग-अलग स्थानों पर होने पर अलग-अलग महत्व रखता है और व्यक्ति के जीवन में शुभ-अशुभ प्रभावों की ओर संकेत करता है. तो चलिए, 2025 में हस्तरेखा के इस ज्ञान से जानते हैं कि हथेली में क्रॉस का निशान क्या दर्शाता है.
क्रॉस के निशान का सामान्य महत्व:
आम तौर पर, हथेली में क्रॉस का निशान एक रहस्यमय चिह्न माना जाता है. यह निशान सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह के संकेत दे सकता है, यह पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करता है कि यह हथेली में किस पर्वत या रेखा पर स्थित है. कुछ जगहों पर यह भाग्यशाली होता है, तो कुछ जगहों पर यह परेशानी का सूचक हो सकता है.
हथेली में अलग-अलग स्थानों पर क्रॉस का निशान और उसका अर्थ:
- बृहस्पति पर्वत पर क्रॉस (तर्जनी उंगली के नीचे): यह स्थान इच्छाशक्ति, नेतृत्व और महत्वाकांक्षा का प्रतीक है. अगर बृहस्पति पर्वत पर क्रॉस का निशान है, तो यह बहुत ही शुभ माना जाता है. ऐसे लोग बेहद सफल होते हैं, खासकर वैवाहिक जीवन में इन्हें अपार सुख मिलता है. इनकी लव लाइफ भी बेहतरीन होती है और ये सामाजिक रूप से प्रतिष्ठित होते हैं. ये जीवन में हर क्षेत्र में आगे बढ़ते हैं.
- शनि पर्वत पर क्रॉस (मध्यमा उंगली के नीचे): शनि पर्वत भाग्य, अनुशासन और गंभीरता का सूचक है. अगर यहां क्रॉस का निशान हो, तो यह बहुत शुभ नहीं माना जाता. ऐसे लोगों को दुर्भाग्य का सामना करना पड़ सकता है. जीवन में सफलता के लिए इन्हें बहुत संघर्ष करना पड़ता है और अचानक दुर्घटनाओं या बाधाओं का भी सामना करना पड़ सकता है.
- सूर्य पर्वत पर क्रॉस (अनामिका उंगली के नीचे): सूर्य पर्वत मान-सम्मान, यश और ऊर्जा का प्रतीक है. सूर्य पर्वत पर क्रॉस का निशान अशुभ माना जाता है. यह व्यक्ति को बदनामी, धोखे या कानूनी समस्याओं का सामना करा सकता है. ऐसे लोगों को प्रसिद्धि और पहचान पाने में भी कठिनाई होती है, या मिलती भी है तो नकारात्मक तरीके से.
- बुध पर्वत पर क्रॉस (कनिष्ठा उंगली के नीचे): बुध पर्वत व्यापार, संचार और बुद्धि का स्थान है. बुध पर्वत पर क्रॉस का निशान होना व्यक्ति के लिए शुभ नहीं होता. यह व्यापार में घाटा, संबंधों में दिक्कत, या वाणी से संबंधित परेशानियों का कारण बन सकता है. ऐसे लोगों को धोखे का शिकार भी होना पड़ सकता है.
- मंगल पर्वत पर क्रॉस (अंगूठे के ऊपर और हथेली के बीच):
- निचले मंगल (ऊर्जा और साहस): निचले मंगल पर क्रॉस का निशान शुभ माना जाता है. ऐसे व्यक्ति बहुत साहसी होते हैं और किसी भी मुश्किल से घबराते नहीं. उन्हें संघर्ष में सफलता मिलती है.
- ऊपरी मंगल (धैर्य और संयम): ऊपरी मंगल पर क्रॉस का निशान हो, तो यह दर्शाता है कि व्यक्ति को अपने गुस्से या अधीरता पर नियंत्रण रखने की ज़रूरत है. यह जीवन में तनाव और झगड़ों का संकेत दे सकता है.
- शुक्र पर्वत पर क्रॉस (अंगूठे के नीचे): शुक्र पर्वत प्रेम, सौंदर्य और कलात्मकता का प्रतीक है. शुक्र पर्वत पर क्रॉस का निशान अशुभ माना जाता है. यह व्यक्ति के प्रेम संबंधों में निराशा, धोखे या बड़े नुकसान का संकेत दे सकता है. इन्हें भावुक होने से बचना चाहिए.
- चंद्र पर्वत पर क्रॉस (हथेली के बिल्कुल निचले भाग पर): चंद्र पर्वत कल्पना, यात्रा और भावनाओं का प्रतीक है. चंद्र पर्वत पर क्रॉस का निशान अशुभ माना जाता है. यह व्यक्ति के मन में डर, कल्पनाशील समस्याओं, या पानी से संबंधित यात्रा में खतरों का संकेत हो सकता है. ऐसे लोगों को डिप्रेशन या अकेलेपन की भावना घेर सकती है.
- जीवन रेखा पर क्रॉस: जीवन रेखा पर क्रॉस का निशान किसी गंभीर बीमारी या दुर्घटना का संकेत हो सकता है, लेकिन इसका सही आकलन जीवन रेखा की स्थिति और अन्य सहायक रेखाओं को देखकर ही किया जाता है.
- भाग्य रेखा पर क्रॉस: भाग्य रेखा पर क्रॉस होना व्यक्ति के भाग्य में बाधाओं या बड़े नुकसान का सूचक हो सकता है, जिससे करियर या आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव आ सकता है.
- हृदय रेखा पर क्रॉस: हृदय रेखा पर क्रॉस प्रेम संबंधों में निराशा या हृदय से जुड़ी परेशानियों का संकेत हो सकता है.
यह केवल एक सामान्य अवलोकन है. हस्तरेखा विज्ञान बहुत विस्तृत है, और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पूरे हाथ की रेखाओं, पर्वतों और अन्य निशानों का गहराई से अध्ययन करना महत्वपूर्ण है.