झारखंड में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट, रांची समेत कई जिलों में बिगड़ा मौसम विमानों के मार्ग बदले
News India Live, Digital Desk: झारखंड में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने खौफनाक करवट ली है। राजधानी रांची समेत राज्य के एक दर्जन से अधिक जिलों में तेज आंधी, झमाझम बारिश और ओलावृष्टि (Hailstorm) ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मौसम विभाग (IMD) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। सोमवार को रांची में 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली धूलभरी आंधी के कारण विजिबिलिटी बेहद कम हो गई, जिसके चलते चेन्नई और हैदराबाद से आ रहे दो विमानों को डायवर्ट कर कोलकाता भेजना पड़ा।
काले बादलों ने दिन में किया अंधेरा, ओलों की बौछार मौसम विज्ञान केंद्र, रांची के अनुसार, पश्चिम बंगाल और आसपास के इलाकों में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण झारखंड का मौसम अचानक बदल गया है। सोमवार दोपहर बाद रांची, रामगढ़, हजारीबाग, लोहरदगा और खूंटी में आसमान काले बादलों से घिर गया और देखते ही देखते तेज गर्जना के साथ बारिश शुरू हो गई। कई इलाकों में बड़े आकार के ओले गिरने की भी खबर है, जिससे सड़क पर चल रहे लोग सुरक्षित ठिकानों की तलाश में भागते नजर आए। मौसम में आए इस बदलाव से तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है।
इन जिलों में वज्रपात और आंधी का खतरा मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए रांची, चतरा, हजारीबाग, खूंटी, लातेहार, लोहरदगा, रामगढ़ और सिंहभूम प्रमंडल के जिलों में भारी बारिश और वज्रपात (Lightning) की चेतावनी दी है। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह सिलसिला 2 अप्रैल तक रुक-रुक कर जारी रह सकता है। संताल परगना के राजमहल में सबसे अधिक 64 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। प्रशासन ने किसानों को ओलावृष्टि से फसलों को बचाने और आम लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदान या पेड़ों के नीचे न रुकने की सलाह दी है।
सांप्रदायिक हिंसा और मौसम की दोहरी मार झारखंड के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। एक तरफ कुदरत का कहर बरस रहा है, तो दूसरी तरफ रामनवमी के दौरान राज्य के कुछ हिस्सों में सांप्रदायिक तनाव और हिंसा की खबरें भी सामने आई हैं। हजारीबाग और कुछ अन्य जिलों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। खराब मौसम और आंधी ने राहत कार्यों और सुरक्षा व्यवस्था में भी बाधा डाली है। रांची का अधिकतम तापमान गिरकर 32.2 डिग्री पर आ गया है, जिससे फिलहाल गर्मी से तो राहत मिली है, लेकिन आंधी-बारिश ने सुरक्षा और बुनियादी ढांचे के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं।