अब घूमना-फिरना होगा और भी मज़ेदार, क्योंकि सरकार ने कर दिया होटल में रुकना सस्ता

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त्योहारों का मौसम शुरू हो रहा है और सर्दियों की छुट्टियां भी ज़्यादा दूर नहीं हैं. अगर आप भी इस मौके पर कहीं घूमने-फिरने का प्लान बना रहे हैं, तो आपके लिए एक बहुत बड़ी ख़ुशख़बरी है. अब आपको अपनी पसंदीदा जगह पर होटल में रुकने के लिए पहले से कम पैसे ख़र्च करने होंगे. जी हां, सरकार ने आपकी जेब का ख़याल रखते हुए होटलों पर लगने वाले टैक्स में कटौती कर दी है.

जीएसटी काउंसिल की बैठक में लिए गए इस फ़ैसले का सीधा-सीधा फ़ायदा आम आदमी को मिलने वाला है. तो अगली बार जब आप होटल बुक करें, तो बिल देखकर चौंकिएगा मत, क्योंकि अब आपकी अच्छी-ख़ासी बचत होने वाली है.

चलिए, आसान भाषा में समझते हैं पूरा गणित

यह फ़ायदा उन लोगों को मिलेगा जो ऐसे होटल रूम बुक करते हैं जिनका किराया एक रात के लिए 7,500 रुपये तक है.

  • क्या बदला है?: पहले 1,001 रुपये से लेकर 7,500 रुपये तक के होटल रूम पर 18% जीएसटी लगता था. लेकिन अब इसे घटाकर 12% कर दिया गया है.
  • आपकी बचत कितनी होगी?: सीधी-सीधी 6% की बचत. उदाहरण के लिए, अगर आप एक ऐसे रूम का किराया दे रहे थे जो टैक्स के बिना 7,500 रुपये का है, तो पहले आपको उस पर 18% जीएसटी यानी 1,350 रुपये देने पड़ते थे. अब आपको उसी रूम पर सिर्फ़ 12% जीएसटी यानी 900 रुपये देने होंगे. यानी एक रात रुकने पर आपकी सीधी-सीधी 450 रुपये की बचत होगी.

किस पर नहीं पड़ेगा असर?

यह भी जान लें कि 7,500 रुपये से ज़्यादा के किराए वाले लक्ज़री होटल रूम्स पर लगने वाले टैक्स में कोई बदलाव नहीं किया गया है. उन पर पहले की तरह ही 28% जीएसटी लगता रहेगा. साथ ही, 1,000 रुपये से कम के किराए वाले होटल रूम पहले की तरह ही जीएसटी के दायरे से बाहर हैं, यानी उन पर कोई टैक्स नहीं लगता.

सिर्फ़ घूमना ही नहीं, इंडस्ट्री को भी मिलेगी रफ़्तार

अगर आपको गैस सब्सिडी, किसान सम्मान निधि या पेंशन जैसी सरकारी योजनाओं का पैसा अपने खाते में आने में कोई दिक्कत नहीं आ रही है, तो इसका मतलब है कि आपकी केवाईसी शायद पूरी हो गई है। लेकिन अगर आपको कोई संदेह है, तो सबसे अच्छा तरीका है कि आप अपनी बैंक शाखा में जाकर पता करें।

तो अब देर किस बात की? अपना बैग पैक कीजिए और निकल पड़िए अपनी अगली छुट्टियों पर, क्योंकि अब अच्छा होटल आपकी जेब पर भारी नहीं पड़ेगा.