अब घर की छत पर सोलर पैनल लगाना होगा सस्ता, सरकार ने घटा दिया टैक्स!
नई दिल्ली: अगर आप अपने घर में सोलर पैनल लगवाने या ग्रीन एनर्जी से जुड़ा कोई काम शुरू करने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए एक बड़ी खुशखबरी है। सरकार ने भारत में ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए एक अहम कदम उठाया है, जिससे अब स्वच्छ ऊर्जा अपनाना पहले से कहीं ज़्यादा सस्ता हो जाएगा।
क्या है सरकार का बड़ा फैसला?
3 सितंबर को जीएसटी काउंसिल की बैठक में यह तय किया गया कि रिन्यूएबल एनर्जी से जुड़े उपकरणों और उनके पुर्जों पर लगने वाले टैक्स में भारी कटौती की जाएगी। अब सोलर पैनल, पवन चक्की, बायोगैस प्लांट, और सोलर वॉटर हीटर जैसे सामानों पर सिर्फ 5% जीएसटी लगेगा, जो पहले 12% था। इसका सीधा मतलब है कि अब ये सभी चीजें आपको पहले से सस्ती मिलेंगी।
लेकिन दूसरी तरफ, सरकार ने कोयले और लिग्नाइट पर लगने वाले टैक्स को 5% से बढ़ाकर 18% कर दिया है। यह फैसला साफ़ दिखाता है कि सरकार अब पारंपरिक ऊर्जा की जगह ग्रीन एनर्जी को आगे बढ़ाना चाहती है।
बैटरी और हाइड्रोजन गाड़ियों पर भी राहत
सिर्फ सौर और पवन ऊर्जा ही नहीं, सरकार का ध्यान एनर्जी को स्टोर करने पर भी है। इसलिए, लेड एसिड और सोडियम जैसी नॉन-लिथियम आयन बैटरियों पर भी जीएसटी को 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है। हालांकि, मोबाइल और लैपटॉप में इस्तेमाल होने वाली लिथियम-आयन बैटरियों पर टैक्स 18% ही रहेगा।
इसके अलावा, सरकार इलेक्ट्रिक गाड़ियों की तरह ही हाइड्रोजन से चलने वाली गाड़ियों को भी बढ़ावा देना चाहती है। इसी वजह से फ्यूल सेल कारों, बसों और ट्रकों पर लगने वाले जीएसटी को भी 12% से घटाकर 5% कर दिया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि ये नई दरें 22 सितंबर से पूरे देश में लागू हो जाएंगी।
इस फैसले का क्या होगा असर?
जानकारों का मानना है कि टैक्स में इस कटौती से ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट लगाने का खर्च कम होगा, जिससे सौर और पवन ऊर्जा से बनने वाली बिजली और भी सस्ती हो सकती है। इस कदम से रिलायंस, अडानी समूह, और टाटा पावर जैसी बड़ी कंपनियों के साथ-साथ नई कंपनियों को भी इस सेक्टर में आने का मौका मिलेगा। कुल मिलाकर, यह फैसला भारत को स्वच्छ ऊर्जा के मामले में एक कदम और आगे ले जाएगा।