अब आंखें बंद करके रिन्यू नहीं कराते लोग! सस्ता और बेहतर प्लान पाने के लिए बदल रहे हैं कंपनी, टूटा रिकॉर्ड
कोरोना महामारी ने हमें एक चीज बहुत अच्छी तरह सिखा दी है - जिंदगी में हेल्थ इंश्योरेंस का होना कितना जरूरी है। यह सिर्फ एक कार्ड नहीं, बल्कि मुश्किल समय में हमारे परिवार का सबसे बड़ा आर्थिक सहारा है।
शायद यही वजह है कि इस साल देश में हेल्थ इंश्योरेंस खरीदने और अपनी पुरानी पॉलिसियों को रिन्यू कराने का एक नया रिकॉर्ड बन गया है।
लेकिन असली और सबसे दिलचस्प कहानी यह नहीं है। असली कहानी है इस रिकॉर्ड के पीछे छिपा एक बड़ा ‘बदलाव’!
बदलाव यह है कि अब भारत का आम आदमी पहले की तरह आंखें बंद करके, हर साल अपनी उसी पुरानी पॉलिसी को रिन्यू नहीं करा रहा है। वह अब ‘स्मार्ट’ हो गया है।
पुरानी पॉलिसी को कह रहे हैं ‘टाटा’, नए प्लान को ‘हाय’!
एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, हेल्थ इंश्योरेंस रिन्यू कराने वाले ग्राहकों में एक नया और जबरदस्त ट्रेंड देखने को मिल रहा है। लोग अपनी मौजूदा बीमा कंपनी को छोड़कर, दूसरी कंपनियों के नए, सस्ते और ज्यादा फायदेमंद प्लान की तरफ जा रहे हैं।
यह ठीक वैसा ही है जैसे हम 5 साल पुराने मोबाइल फोन के साथ चिपके नहीं रहते, क्योंकि हमें पता है कि बाजार में उससे कम कीमत पर बेहतर फीचर्स वाले नए फोन आ चुके हैं।
तो आखिर लोग अपनी पुरानी बीमा कंपनी को क्यों छोड़ रहे हैं?
- ज्यादा प्रीमियम, कम फायदे: पुरानी हेल्थ पॉलिसियां अक्सर महंगी होती हैं और उनमें आज के जमाने के हिसाब से मिलने वाले कई फायदे (जैसे- OPD का खर्च, ज्यादा कमरों के विकल्प) नहीं होते।
- बाजार में आ गए हैं नए और ‘स्मार्ट’ प्लान: नई बीमा कंपनियां अब ग्राहकों को लुभाने के लिए कम प्रीमियम में कहीं ज्यादा बेहतर और फ्लेक्सिबल प्लान ऑफर कर रही हैं।
- अब बदलना है बच्चों का खेल (Policy Portability): सबसे बड़ी वजह है ‘पोर्टेबिलिटी’ का नियम। अब आप अपना मोबाइल नंबर बदले बिना जैसे एक कंपनी से दूसरी में चले जाते हैं, ठीक वैसे ही आप अपनी हेल्थ पॉलिसी को भी पोर्ट कर सकते हैं। और सबसे अच्छी बात? आपके सारे पुराने फायदे, जैसे पुरानी बीमारियों के लिए वेटिंग पीरियड, भी नई कंपनी में ट्रांसफर हो जाते हैं। आपको जीरो से शुरुआत नहीं करनी पड़ती।
- ‘डिजिटल’ हुई दुनिया: अब Policybazaar जैसी वेबसाइटों पर आप एक ही जगह पर दर्जनों प्लान की तुलना कर सकते हैं, और जो आपके लिए सबसे अच्छा और सस्ता हो, उसे चुन सकते हैं।
यह सिर्फ एक रिकॉर्ड नहीं है कि लोग हेल्थ इंश्योरेंस खरीद रहे हैं। यह इस बात का रिकॉर्ड है कि भारत का ग्राहक अब जागरूक हो चुका है। वह अब सिर्फ पॉलिसी नहीं खरीदता, बल्कि अपने पैसे की पूरी कीमत वसूलना भी जानता है। यह बदलते, समझदार और अपने हक को जानने वाले भारत की एक खूबसूरत तस्वीर है।