अब बच्चे भी करेंगे PhonePe-Paytm! बिना बैंक अकाउंट के होगा पेमेंट, पापा-मम्मी रख सकेंगे पूरी नजर, RBI ने दी मंजूरी

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अब वो दिन गए जब बच्चों को चॉकलेट या खिलौने खरीदने के लिए पापा-मम्मी से कैश या छुट्टे पैसे मांगने पड़ते थे। डिजिटल पेमेंट की दुनिया में एक बड़ा और दिलचस्प बदलाव होने जा रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 'Junio Payments' नाम की एक कंपनी को ऐसा डिजिटल वॉलेट लॉन्च करने की इजाजत दे दी है, जिससे अब बच्चे भी बिना किसी बैंक अकाउंट के UPI QR कोड स्कैन करके दुकानों पर आसानी से पेमेंट कर सकेंगे।

यह पहल सिर्फ बच्चों को डिजिटल पेमेंट की सुविधा देना ही नहीं, बल्कि उन्हें छोटी उम्र से ही पैसों का सही इस्तेमाल और वित्तीय अनुशासन सिखाना भी है।

यह काम कैसे करेगा? समझें बिल्कुल आसान भाषा में

यह एक तरह का 'डिजिटल गुल्लक' (Digital Piggy Bank) है, जो बच्चों के लिए बनाया गया है, लेकिन इसका पूरा कंट्रोल माता-पिता के हाथ में होगा।

  1. पैरेंट्स करेंगे पैसा ट्रांसफर: माता-पिता Junio ऐप के जरिए अपने बैंक अकाउंट से बच्चों के डिजिटल वॉलेट में पॉकेट मनी या जरूरत के हिसाब से पैसे ट्रांसफर कर सकेंगे।
  2. बच्चे करेंगे QR कोड स्कैन: बच्चे दुकान पर कोई सामान खरीदने के लिए अपने वॉलेट से सीधे UPI QR कोड को स्कैन करके पेमेंट कर पाएंगे।

पापा-मम्मी का पूरा कंट्रोल, टेंशन की कोई बात नहीं!

इस ऐप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह बच्चों को आजादी तो देता है, लेकिन माता-पिता को पूरी तरह से नियंत्रण भी प्रदान करता है।

  • खर्च की लिमिट सेट करें: पैरेंट्स यह तय कर सकते हैं कि उनका बच्चा एक दिन या एक हफ्ते में कितना पैसा खर्च कर सकता है।
  • हर खर्च पर नजर: बच्चा कहां, कितना और किस चीज पर पैसा खर्च कर रहा है, इसकी रियल-टाइम जानकारी माता-पिता को ऐप पर मिलती रहेगी।
  • जिम्मेदारी सिखाने का जरिया: इससे बच्चे पैसे की कीमत समझेंगे और जिम्मेदारी से खर्च करना सीखेंगे।

सिर्फ खर्च नहीं, बचत करना भी सीखेंगे बच्चे

Junio ऐप सिर्फ पैसे खर्च करने के लिए नहीं है, बल्कि यह बच्चों को बचत और कमाई के लिए भी प्रेरित करता है। इसमें कई शानदार फीचर्स हैं:

  • सेविंग गोल्स (Saving Goals): बच्चे अपनी पसंद की किसी चीज (जैसे वीडियो गेम या खिलौना) के लिए बचत का लक्ष्य बना सकते हैं।
  • टास्क रिवार्ड्स (Task Rewards): माता-पिता घर के छोटे-मोटे कामों (जैसे अपना कमरा साफ करना) के लिए बच्चों को टास्क दे सकते हैं, जिन्हें पूरा करने पर उनके वॉलेट में इनाम के तौर पर पैसे ट्रांसफर किए जाएंगे।

अब तक इस ऐप से 20 लाख से ज्यादा युवा जुड़ चुके हैं, जो इसकी बढ़ती लोकप्रियता को दिखाता है।

Junio Payments के को-फाउंडर्स अंकित गेरा और शंकर नाथ का कहना है कि उनका मकसद बच्चों को पैसों की समझदारी सिखाना है, ताकि वे भविष्य में एक आर्थिक रूप से समझदार नागरिक बन सकें। यह कदम 'डिजिटल इंडिया' के सपने को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में एक बड़ी पहल है।