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April 27 2026 07:40 pm

अब बच्चे भी करेंगे PhonePe-Paytm! बिना बैंक अकाउंट के होगा पेमेंट, पापा-मम्मी रख सकेंगे पूरी नजर, RBI ने दी मंजूरी

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अब वो दिन दूर नहीं जब आपका बच्चा दुकान पर चिप्स खरीदने के लिए आपसे कैश मांगने के बजाय, अपना फोन निकालकर QR कोड स्कैन करेगा। डिजिटल पेमेंट की दुनिया में एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने जूनियो पेमेंट्स (Junio Payments) को प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट्स (PPI) जारी करने की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इस मंजूरी के बाद, अब बच्चों और किशोरों के लिए भी यूपीआई (UPI) इस्तेमाल करने का रास्ता खुल गया है, वो भी बिना किसी बैंक अकाउंट के।

यह काम कैसे करेगा? समझें बिल्कुल आसान भाषा में

यह एक तरह का 'डिजिटल गुल्लक' (Digital Piggy Bank) है, जिसे खासतौर पर बच्चों के लिए डिजाइन किया गया है, लेकिन इसका पूरा रिमोट कंट्रोल माता-पिता के हाथ में होगा।

  1. पैरेंट्स करेंगे पैसा ट्रांसफर: जूनियो जल्द ही एक डिजिटल वॉलेट लॉन्च करेगा। माता-पिता अपने बैंक अकाउंट से इस वॉलेट में बच्चों की पॉकेट मनी या जरूरत के हिसाब से पैसे ट्रांसफर कर सकेंगे।
  2. बच्चे करेंगे QR कोड स्कैन: बच्चे किसी भी दुकान पर लगे UPI QR कोड को अपने वॉलेट से स्कैन करके आसानी से पेमेंट कर पाएंगे।

यह सुविधा NPCI के 'UPI सर्किल इनिशिएटिव' के तहत लाई जा रही है, जिसका मकसद बच्चों को छोटी उम्र से ही पैसों के सही प्रबंधन की शिक्षा देना है।

पापा-मम्मी का पूरा कंट्रोल, टेंशन की कोई बात नहीं!

इस ऐप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह बच्चों को डिजिटल पेमेंट की आजादी तो देता है, लेकिन माता-पिता को पूरी तरह से नियंत्रण भी प्रदान करता है।

  • खर्च की लिमिट सेट करें: पैरेंट्स यह तय कर सकते हैं कि उनका बच्चा एक दिन, हफ्ते या महीने में कितना पैसा खर्च कर सकता है।
  • हर खर्च पर नजर: बच्चा कहां, कितना और किस चीज पर पैसा खर्च कर रहा है, इसकी रियल-टाइम जानकारी माता-पिता को ऐप पर मिलती रहेगी।

सिर्फ खर्च नहीं, बचत और कमाई भी सीखेंगे बच्चे

जूनियो ऐप सिर्फ पैसे खर्च करने के लिए नहीं है, बल्कि यह बच्चों को पैसे की कीमत समझाने और उन्हें बचाने के लिए भी प्रेरित करता है।

  • टास्क-बेस्ड रिवॉर्ड: माता-पिता घर के छोटे-मोटे कामों (जैसे अपना कमरा साफ करना, होमवर्क पूरा करना) के लिए बच्चों को टास्क दे सकते हैं, जिन्हें पूरा करने पर उनके वॉलेट में इनाम के तौर पर पैसे ट्रांसफर किए जाएंगे।
  • फिजिकल और वर्चुअल कार्ड: जूनियो के रुपे-ब्रांडेड कार्ड फिजिकल और वर्चुअल, दोनों रूपों में उपलब्ध हैं, जिनका इस्तेमाल ऑनलाइन और ऑफलाइन, कहीं भी किया जा सकता है।

कंपनी के पहले से ही 20 लाख से ज्यादा यूजर्स हैं, जो इसकी बढ़ती लोकप्रियता को दिखाता है।

भविष्य में और भी फीचर्स जुड़ेंगे

जूनियो के को-फाउंडर अंकित गेरा ने बताया कि RBI से मंजूरी मिलना उनके विजन को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। कंपनी अगले कुछ महीनों में कई और नए फीचर्स जोड़ने की योजना बना रही है, जिनमें शामिल हैं:

  • बचत करने पर रिवॉर्ड पॉइंट्स
  • ब्रांड वाउचर्स
  • मेट्रो और बस में सफर के लिए ट्रांजिट पेमेंट की सुविधा, जिससे बच्चे बिना कैश के भी ट्रैवल कर सकेंगे।