गैर मर्द से हाथ मिलाना इस्लाम में हराम, मौलाना के बयान पर छिड़ी नई बहस
बरेली की दरगाह आला हजरत से जुड़े एक प्रभावशाली मुस्लिम धर्मगुरु, मौलाना शहाबुद्दीन बरेलवी, ने एक ऐसा बयान दिया है, जिसने मुस्लिम समाज, खासकर महिलाओं के बीच, एक नई बहस छेड़ दी है. मौलाना शहाबुद्दीन ने साफ शब्दों में कहा है कि मुस्लिम महिलाओं का किसी भी 'गैर मर्द' (ऐसे पुरुष जिनसे खून का रिश्ता न हो) से हाथ मिलाना (Handshake) इस्लाम में 'हराम' (पूरी तरह से वर्जित) और नाजायज़ है.
उन्होंने यह बयान हाल ही में हुई एक घटना के संदर्भ में दिया है, जहाँ मंच पर एक मुस्लिम महिला नेता ने किसी दूसरे पुरुष नेता से हाथ मिलाया था, जिसकी तस्वीरें वायरल होने के बाद काफी चर्चा हुई थी.
क्या है मौलाना के बयान का आधार?
मौलाना शहाबुद्दीन बरेलवी, जो ऑल इंडिया जमात रजा-ए-मुस्तफा के राष्ट्रीय महासचिव भी हैं, ने अपने बयान में इस्लामी शरीयत का हवाला दिया है. उनके अनुसार:
- इस्लाम में पर्दा एक अहम हुक्म है: उन्होंने कहा कि इस्लाम महिलाओं को पर्दा करने और अपनी पवित्रता बनाए रखने का आदेश देता ਹੈ.
- सिर्फ इन पुरुषों से हाथ मिलाना जायज़: एक मुस्लिम महिला सिर्फ अपने 'मेहरम' पुरुषों से ही हाथ मिला सकती ਹੈ. मेहरम वो पुरुष होते हैं जिनसे इस्लाम में शादी की इजाज़त कभी नहीं होती, जैसे: पिता, दादा, नाना, भाई, ससुर, दामाद, बेटा, पोता, और नवासा.
- बाकी सब हैं 'गैर मेहरम':इन रिश्तों के अलावा, बाकी सभी पुरुष, यहाँ तक कि चचेरे भाई-बहन भी, 'गैर-मेहरम' की श्रेणी में आते हैं। उनसे हाथ मिलाना, उन्हें छूना या बिना वजह बात करना भी शरिया के खिलाफ है।
बयान पर शुरू हुई बहस
मौलाना के इस बयान के बाद सोशल मीडिया और मुस्लिम समाज के भीतर एक बहस छिड़ गई ਹੈ.
- कुछ लोगों का समर्थन: कई पारंपरिक और रूढ़िवादी सोच वाले लोग उनके बयान का समर्थन कर रहे हैं और इसे इस्लामी शरीयत का सही पालन बता रहे हैं.
- कुछ का विरोध: दूसरी ओर, कई प्रगतिशील मुसलमान, खासकर महिलाएँ, इस बयान को अव्यावहारिक मान रही हैं और महिलाओं को पीछे धकेल रही हैं। उनका कहना है कि कॉर्पोरेट संस्कृति, शिक्षा और सामाजिक जीवन में, पुरुषों और महिलाओं को अक्सर एक-दूसरे से हाथ मिलाना पड़ता है, और इसे गलत नज़रिए से नहीं देखा जाना चाहिए।
यह बहस इस्लाम की पारंपरिक शिक्षाओं और आधुनिक दुनिया की ज़रूरतों के बीच टकराव को दर्शाती है, जिस पर मुस्लिम समाज में हमेशा चर्चा होती रहती है।