कन्याओं के साथ एक लड़के को क्यों जिमाते हैं? यह ‘राज’ बहुत कम लोग जानते हैं

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Navratri 2025 Kanya Pujan dos and don'ts: नवरात्रि के आखिरी दिन, यानी अष्टमी और नवमी पर, हर घर में एक खूबसूरत परंपरा निभाई जाती है - कन्या पूजन। हम छोटी-छोटी बच्चियों को घर पर बुलाते हैं, उन्हें देवी का स्वरूप मानकर उनके पैर धोते हैं, उनकी पूजा करते हैं और बड़े प्यार से उन्हें हलवा-पूरी और चने का भोजन कराते हैं।

लेकिन क्या आपने कभी इस पूजा में एक छोटी सी, पर बहुत महत्वपूर्ण बात पर ध्यान दिया है? अक्सर, 9 कन्याओं के साथ एक छोटे लड़के को भी बैठाया और जिमाया जाता है।

कभी सोचा है आपने, कि जब पूजा देवी मां की है, तो इन कन्याओं के बीच इस एक बालक का क्या काम? वह कौन है और उसे कन्याओं के बराबर का सम्मान क्यों दिया जाता है?

यह कोई संयोग नहीं है, इसके पीछे एक बहुत गहरा आध्यात्मिक रहस्य छिपा है, जिसके बिना कन्या पूजन अधूरा माना जाता है।

कौन है यह बालक और क्यों है इतना जरूरी?

इस बालक को ‘बटुक’ या ‘लांगुर’ कहा जाता है। इन्हें भगवान शिव के अवतार, भैरव का बाल स्वरूप माना जाता है।

  • देवी का ‘रक्षक’ है यह बालक:
    पौराणिक कथाओं के अनुसार, जहां भी शक्ति (देवी) होती हैं, उनकी रक्षा के लिए शिव स्वयं भैरव के रूप में मौजूद रहते हैं। जब भगवान शिव ने देवी सती की रक्षा के लिए अवतार लिया, तो उन्होंने बटुक भैरव का रूप धारण किया था। इसी तरह, माता वैष्णो देवी की कथा में भी उनकी रक्षा के लिए हनुमान जी ‘लांगुर’ के रूप में हमेशा उनके साथ रहते हैं।
  • पूजा को सम्पूर्ण करता है:
    यह परंपरा हमें सिखाती है कि देवी मां की पूजा उनके रक्षक या गण की पूजा के बिना अधूरी है। जिस तरह एक रानी की सुरक्षा उसके अंगरक्षकों के बिना अधूरी होती है, उसी तरह मां दुर्गा की पूजा भी भैरव (लांगुर) की पूजा के बिना पूरी नहीं होती। कन्याएं जहां देवी के नौ रूपों का प्रतीक हैं, वहीं वह एक बालक उनके रक्षक भैरव का प्रतीक है।

साफ शब्दों में कहें तो, कन्याओं को पूजकर हम देवी से शक्ति और कृपा मांगते हैं, और उस एक बालक को पूजकर हम यह सुनिश्चित करते हैं कि उस कृपा की हमेशा रक्षा हो।

तो अगली बार जब आप कन्या पूजन करें और उन 9 बच्चियों के साथ उस एक लड़के को बैठा देखें, तो याद रखिएगा कि वह सिर्फ एक लड़का नहीं, बल्कि देवी मां का सबसे बड़ा रक्षक और सेवक है, जिसके सम्मान के बिना यह पवित्र पूजा अधूरी है।