बेंगलुरु में रैपिडो पिंक राइड के दौरान महिला से अभद्रता, राइडर ने जबरन पकड़ा हाथ और सोसाइटी के बाहर रुका; कंपनी ने लिया कड़ा एक्शन

बेंगलुरु में रैपिडो पिंक राइड के दौरान महिला से अभद्रता, राइडर ने जबरन पकड़ा हाथ और सोसाइटी के बाहर रुका; कंपनी ने लिया कड़ा एक्शन

देश की सिलिकॉन वैली कहे जाने वाले बेंगलुरु शहर से महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला और गंभीर मामला सामने आया है। ऐप-आधारित बाइक टैक्सी और कैब सेवाएं देने वाली कंपनी 'रैपिडो' (Rapido) की पिंक राइड के दौरान एक महिला यात्री के साथ बदसलूकी और असहज करने वाली घटना घटी है। महिला ने सोशल मीडिया पर अपनी आपबीती साझा करते हुए आरोप लगाया है कि सफर के दौरान राइडर ने न सिर्फ उनसे जरूरत से ज्यादा दोस्ताना बर्ताव करने की कोशिश की, बल्कि हेलमेट वापस लेते समय उनका हाथ भी जबरन पकड़ लिया। इस घटना के बाद से सोशल मीडिया पर महिलाओं की सुरक्षा और ऐप-आधारित परिवहन कंपनियों के बैकग्राउंड वेरिफिकेशन को लेकर एक बार फिर बड़ी बहस छिड़ गई है।

बारिश के बीच राइडर के बार-बार अनुरोध पर बुक की थी कैब

पीड़ित महिला, जिनका नाम सृष्टि (Srishti) है, ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी इस भयावह घटना का पूरा विवरण साझा किया। उन्होंने अपनी बुकिंग कन्फर्मेशन और ऑनलाइन पेमेंट की रसीद के स्क्रीनशॉट भी सबूत के तौर पर पोस्ट किए हैं। सृष्टि ने बताया कि घटना वाले दिन भारी बारिश हो रही थी, जिसके कारण वे शुरू में राइड बुक करने को लेकर असमंजस में थीं।

हालांकि, राइडर ने लगातार उनसे अनुरोध किया कि वे मौसम को देखते हुए अपनी बुकिंग रद्द न करें। महिला ने दया दिखाते हुए राइड कैंसिल नहीं की, लेकिन उन्हें क्या पता था कि उनका यह फैसला उनके लिए इतनी बड़ी मानसिक परेशानी का सबब बन जाएगा। सफर की शुरुआत से ही राइडर का रवैया सामान्य नहीं था और वह पैसेंजर की निजी सीमाओं को लांघने की कोशिश कर रहा था।

सफर के दौरान असहज करने वाली हरकतें और फोन नंबर मांगने की जिद

सृष्टि के मुताबिक, रास्ते भर राइडर ने उन्हें असहज महसूस कराने में कोई कसर नहीं छोड़ी। जबकि महिला ने अपने कानों में इयरफोन लगा रखे थे, इसके बावजूद राइडर बार-बार मुड़कर उनसे यह पूछता रहा कि क्या वे सहज महसूस कर रही हैं। उसने उन्हें अपना रेनकोट पहनने की भी पेशकश की, जिसकी कोई जरूरत नहीं थी।

मामला तब और ज्यादा गंभीर और डरावना हो गया जब बाइक उनकी मंजिल यानी उनकी सोसाइटी के गेट पर पहुंची। सृष्टि के अनुसार, जब उन्होंने राइडर को हेलमेट वापस किया, तो उस शख्स ने जानबूझकर और जबरन कई सेकंड तक उनका हाथ पकड़े रखा और एक अजीब सी मुस्कान के साथ उनकी तरफ देखने लगा, जिससे महिला बुरी तरह सहम गईं। इसके बाद जब उन्होंने ऑनलाइन पेमेंट करने के लिए क्यूआर कोड मांगा, तो राइडर ने यह कहकर टाल दिया कि बारिश की वजह से उसका फोन काम नहीं कर रहा है और उसने जिद करते हुए सृष्टि से उनका मोबाइल नंबर मांग लिया। हालांकि, सतर्कता दिखाते हुए महिला ने नंबर देने से साफ इनकार कर दिया और किसी तरह क्यूआर कोड का इंतजाम कर पेमेंट पूरा किया।

राइड खत्म होने के बाद भी 15 मिनट तक सोसाइटी के बाहर मंडराता रहा राइडर

परेशानी यहीं खत्म नहीं हुई। पेमेंट होने और राइड खत्म होने के बाद भी जब सृष्टि को अपनी सोसाइटी के अंदर जाना असुरक्षित लगा, तो वे मुख्य गेट पर ही करीब 15 मिनट तक रुकी रहीं। इस दौरान उन्होंने देखा कि वह राइडर वहां से जाने के बजाय अपनी बाइक वहीं खड़ी करके आसपास ही मंडरा रहा था।

महिला ने डरते हुए अपनी सोसाइटी के एक सुरक्षा गार्ड (Security Guard) को पूरी बात बताई और उस व्यक्ति को वहां से भगाने के लिए कहा। लेकिन उस राइडर की दुष्टता देखिए कि गार्ड के कहने के बाद भी वह यह बहाना बनाते हुए पांच मिनट और वहीं खड़ा रहा कि वह अपना फोन इस्तेमाल कर रहा है। अंततः, जब गार्ड ने कड़ाई दिखाते हुए उसे दूसरी बार वहां से जाने के लिए धमकाया, तब जाकर वह लगभग 10-15 मिनट बाद वहां से रवाना हुआ। इस पूरी घटना के बाद सृष्टि बुरी तरह सदमे में थीं और उन्होंने सवाल उठाया कि क्या आज के समय में इस तरह की ऐप-आधारित सेवाओं में सफर करना पूरी तरह सुरक्षित रह गया है?

रैपिडो कंपनी ने लिया कड़ा एक्शन, आरोपी राइडर को हमेशा के लिए किया सस्पेंड

सोशल मीडिया पर महिला की यह पोस्ट वायरल होते ही बेंगलुरु पुलिस और रैपिडो कंपनी का आधिकारिक प्रबंधन हरकत में आ गया। मामला तूल पकड़ता देख रैपिडो ने तुरंत इस पर संज्ञान लिया और अपने आधिकारिक हैंडल से महिला से संपर्क कर माफी मांगी।

कंपनी ने अपने बयान में इस अवांछित शारीरिक संपर्क (Unwanted Physical Contact) और परेशान करने वाले व्यवहार को बेहद गंभीरता से लिया। रैपिडो ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनकी सेवाओं में यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इस तरह के बर्ताव के लिए कंपनी में कोई जगह नहीं है। कंपनी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उस आरोपी 'कैप्टन' (राइडर) को रैपिडो प्लेटफॉर्म से हमेशा के लिए निलंबित (Permanent Ban) कर दिया है। इस त्वरित कार्रवाई के बाद से एक तरफ जहां कंपनी ने राहत की सांस ली है, वहीं नागरिक समाज और महिला सुरक्षा संगठनों का कहना है कि कंपनियों को राइडर्स की भर्ती से पहले उनका पुलिस वेरिफिकेशन और मानसिक मूल्यांकन बेहद कड़ाई से करना चाहिए।