वीकेंड वेदर अपडेट: पहाड़ों से लेकर मैदानों तक मानसून का रौद्र रूप, गुजरात में रेड अलर्ट, भारी बारिश के चलते अमरनाथ यात्रा स्थगित

वीकेंड वेदर अपडेट: पहाड़ों से लेकर मैदानों तक मानसून का रौद्र रूप, गुजरात में रेड अलर्ट, भारी बारिश के चलते अमरनाथ यात्रा स्थगित

पहाड़ी इलाकों से लेकर मैदानी हिस्सों तक मौसम ने एक बार फिर से बेहद खतरनाक और डरावना मोड़ ले लिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, उत्तर भारत में मानसून पूरी तरह से एक्टिव है और देश के 20 से अधिक राज्यों में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। एक तरफ जहां लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है, वहीं दूसरी तरफ खराब मौसम और अचानक आई बाढ़ के खतरे को देखते हुए अमरनाथ यात्रा को भी कुछ दिनों के लिए रोक दिया गया है और जम्मू-श्रीनगर हाईवे को बंद करना पड़ा है। आइए विस्तार से जानते हैं कि इस वीकेंड आपके शहर और राज्य में मौसम का मिजाज कैसा रहने वाला है।

दिल्ली में कैसा रहेगा मौसम?

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से हल्की से मध्यम बारिश का दौर लगातार जारी है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले अगले कुछ दिनों तक यह सिलसिला ऐसा ही बना रहेगा। आसमान में ज्यादातर समय बादल छाए रहेंगे और कुछ चुनिंदा जगहों पर हल्की बूंदाबांदी या बौछारें देखने को मिल सकती हैं। तापमान की बात करें तो दिल्ली में अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है, जिससे उमस भरी गर्मी से थोड़ी राहत जरूर मिल रही है।

उत्तर प्रदेश में झमाझम बारिश का अलर्ट

पिछले कुछ दिनों से उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में लोग उमस भरी चिपचिपी गर्मी से परेशान थे, लेकिन अब मौसम विभाग ने एक बड़ी और राहतभरी खबर दी है। विभाग के अनुसार, आगामी 3 से 6 अगस्त के बीच यूपी के अधिकांश जिलों में भारी से अति भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा, जिससे तापमान में भारी गिरावट आएगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में तो अगले एक से दो दिनों के भीतर ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल जाएगा।

गुजरात में बारिश से भारी तबाही, सेना तैनात और रेड अलर्ट

इस बार मानसून की सबसे भयंकर मार गुजरात के कई जिलों पर पड़ी है। सूरत समेत कई इलाकों में मूसलाधार बारिश के कारण हालात बेहद खराब हो चुके हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सूरत जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को किसी भी आपातकालीन बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए हाई अलर्ट पर रखा गया है। राहत और बचाव कार्यों के लिए भारतीय सेना की दो विशेष टीमों को सूरत में तैनात किया गया है। सेना के जवान खास गाड़ियों, रेस्क्यू नावों, लाइफ जैकेट और अन्य जरूरी उपकरणों के साथ मोर्चा संभाल चुके हैं।

भारी बारिश और लैंडस्लाइड के कारण रुकी अमरनाथ यात्रा

पवित्र अमरनाथ यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक बुरी खबर है। लगातार हो रही भारी बारिश और खतरनाक लैंडस्लाइड (भूस्खलन) के चलते शुक्रवार को अमरनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। इसके अलावा भारी ट्रैफिक और सुरक्षा कारणों से जम्मू-श्रीनगर हाईवे को भी बंद कर दिया गया है।

अधिकारियों ने यह कड़ा फैसला तब लिया जब बालटाल सेक्टर में अचानक मूसलाधार बारिश शुरू हो गई और पवित्र अमरनाथ गुफा के आसपास पानी का बहाव खतरनाक रूप से बढ़ गया। मौसम विभाग ने 31 जुलाई से 2 अगस्त तक पूरे जम्मू-कश्मीर में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने सभी पर्यटकों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे घर से निकलने या यात्रा शुरू करने से पहले मौसम का पूर्वानुमान और आधिकारिक अलर्ट जरूर जांच लें।

पहाड़ों का हाल: हिमाचल और उत्तराखंड में भी आफत

पहाड़ी राज्यों की बात करें तो जम्मू-कश्मीर के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी मौसम कहर बरपा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में हिमाचल के पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। राज्य के कुछ जिलों में रेड अलर्ट तो कुछ जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। उधर, उत्तराखंड में भी लगातार हो रही बारिश ने पहाड़ी जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। भूस्खलन के कारण कई रास्ते बंद हो गए हैं और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

देश के 20 से अधिक राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

आईएमडी के ताजा बुलेटिन के मुताबिक, इस वीकेंड देश के 20 से ज्यादा राज्यों में भारी से अति भारी बारिश का तांडव देखने को मिलेगा। जिन राज्यों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, उनमें महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्य प्रमुख रूप से शामिल हैं। गौरतलब है कि जुलाई के महीने में मानसून सामान्य से कुछ कम बरसा है, लेकिन जिन इलाकों में बरसा है वहां सारे रिकॉर्ड टूट गए हैं। आईएमडी का यह भी अनुमान है कि अगस्त के महीने में भी मानसून सामान्य से थोड़ा कम ही बरस सकता है, लेकिन मौजूदा वेदर सिस्टम फिलहाल कई राज्यों के लिए बड़ी मुसीबत बना हुआ है।

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