Weather Live Updates: पूरे देश में मानसून का तांडव; दिल्ली-एनसीआर में 'येलो अलर्ट', उत्तराखंड में 'रेड अलर्ट' के साथ भारी तबाही की आशंका
भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून ($South-West\ Monsoon$) पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और इसने पूरे देश को अपनी आगोश में ले लिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 10 जुलाई 2026 को उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के कई राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का 'हाई अलर्ट' जारी किया है।
आईएमडी के दीर्घकालिक पूर्वानुमान के मुताबिक, हालांकि जुलाई के पूरे महीने में कुल वर्षा दीर्घकालिक औसत (LPA) से थोड़ी कम यानी लगभग 94% रहने की उम्मीद है, लेकिन स्थानीय स्तर पर (Local Level) होने वाली मूसलाधार बारिश शहरों में जलभराव (Waterlogging), बाढ़ और खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा सकती है। आइए जानते हैं देश भर का विस्तृत राज्यवार मौसम बुलेटिन।
दिल्ली-एनसीआर: अगले 48 घंटे कैसा रहेगा मौसम?
दिल्ली और इसके आस-पास के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया है।
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क्या कहते हैं वैज्ञानिक: आईएमडी दिल्ली के सीनियर साइंटिस्ट डॉ. नरेश यादव के अनुसार, एक्टिव मानसून ट्रफ के चलते दिल्ली में आने वाले दिनों में रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहेगा।
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शुक्रवार का अलर्ट: शुक्रवार (10 जुलाई) को दिल्ली-एनसीआर के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के आसार हैं, जिसके लिए विभाग ने 'येलो अलर्ट' (Yellow Alert) जारी किया है। इस दौरान आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और अधिकतम तापमान 34°C से 36°C के बीच रहने का अनुमान है।
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शनिवार का पूर्वानुमान: शनिवार को भी हल्की बारिश जारी रह सकती है, हालांकि इसके लिए कोई विशेष चेतावनी या अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
उत्तराखंड में 'रेड' और 'ऑरेंज' अलर्ट; पहाड़ों पर सफर न करने की सलाह
पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में मौसम विभाग ने अगले 2 से 3 दिनों तक अत्यंत भीषण बारिश का दौर जारी रहने की चेतावनी दी है। कई संवेदनशील पहाड़ी इलाकों में कम समय में अत्यधिक वर्षा (Cloud Burst जैसी स्थिति) होने की संभावना है।
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10 जुलाई का रेड अलर्ट: कुमाऊं के मैदानी क्षेत्रों समेत उधम सिंह नगर, नैनीताल और चंपावत जिलों में आज 'रेड अलर्ट' (Red Alert) प्रभावी रहेगा। इन जिलों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
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ऑरेंज अलर्ट: राज्य के बागेश्वर, पौड़ी गढ़वाल और राजधानी देहरादून समेत कई मध्य पर्वतीय जिलों में 'ऑरेंज अलर्ट' (Orange Alert) जारी किया गया है। भूस्खलन (Landslide) के खतरे को देखते हुए पर्यटकों को पहाड़ों की यात्रा टालने की हिदायत दी गई है।
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आगे का हाल: 10 से 13 जुलाई तक राज्य के शेष अन्य जिलों में 'येलो अलर्ट' रहेगा। अगले 5 से 6 दिनों तक पूरे सूबे में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है।
राज्यवार देश के मौसम का विस्तृत हाल
1. उत्तरी भारत
उत्तराखंड के अलावा पड़ोसी राज्यों हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब और हरियाणा में भी मानसून पूरी रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। 10 जुलाई को इन सभी राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान जताया गया है। पूर्वी उत्तर प्रदेश (UP) के इलाकों में मूसलाधार बारिश के चलते नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है।
2. पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत
बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में मानसून के पैर पूरी तरह जम चुके हैं।
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बिजली गिरने का खतरा: पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश और बिहार के कई जिलों में शुक्रवार को बहुत भारी बारिश के साथ वज्रपात (आकाशीय बिजली) का तांडव देखने को मिल सकता है।
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तेज हवाएं: हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में मूसलाधार बारिश जारी रहेगी। इस दौरान 30 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से चक्रवाती हवाएं चल सकती हैं। पूर्वोत्तर के राज्यों (अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और नागालैंड) में भी भारी बारिश की चेतावनी है।
3. पश्चिमी भारत
राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र में मानसून की मिश्रित स्थिति बनी हुई है।
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भारी बारिश: पूर्वी राजस्थान, गुजरात के तटीय इलाकों और कोंकण-गोवा क्षेत्र में भारी बारिश (Heavy Rainfall) की संभावना है। मुंबई और मायानगरी के आसपास के इलाकों में भी मानसून सक्रिय है।
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सूखे जैसी स्थिति: पश्चिमी राजस्थान और गुजरात के कुछ आंतरिक हिस्सों में बारिश काफी कम देखी जा रही है, जिससे वहां तापमान सामान्य से ऊंचा बना रहेगा।
4. मध्य भारत
मध्य प्रदेश (MP) और छत्तीसगढ़ के अधिकांश जिलों में भारी बारिश का दौर जारी है। विशेषकर पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में अगले 24 घंटों के भीतर भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जिससे निचले इलाकों में पानी भर सकता है।
5. दक्षिणी भारत
दक्षिण के राज्यों केरल, तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में मानसून का प्रदर्शन शानदार बना हुआ है। कर्नाटक और केरल के तटीय क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ भारी बौछारें पड़ने की उम्मीद है। चेन्नई जैसे बड़े महानगरों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। समुद्र में उठने वाली ऊंची लहरों को देखते हुए तटीय इलाकों के मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त चेतावनी दी गई है।