Weather Alert Today: उत्तर, पूर्व और उत्तर-पूर्व भारत में भारी बारिश का रेड अलर्ट, दिल्ली-एनसीआर में सुहाने मौसम के बीच जलभराव की आफत
देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून (South-West Monsoon) पूरी तरह सक्रिय हो चुका है, जिसके कारण भारत के कई हिस्सों में झमाझम बारिश का दौर जारी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज यानी 11 जुलाई 2026 को उत्तर, पूर्व और उत्तर-पूर्व भारत के कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश (Heavy Rainfall Alert) का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार, जहां उत्तर और पूर्वी भारत के राज्यों में मूसलाधार बारिश के चलते बाढ़, आंधी और बिजली गिरने की गंभीर चेतावनी है, वहीं मध्य और दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की गतिविधियों में थोड़ी कमी देखने को मिल सकती है। लगातार हो रही इस बारिश से पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और मैदानी भागों में यातायात प्रभावित होने की आशंका है, जिसके चलते यात्रियों और किसानों को विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
आइए जानते हैं देश के सभी क्षेत्रों और राज्यों में आज कैसा रहेगा मौसम का हाल:
1. उत्तर भारत: उत्तराखंड और पश्चिमी यूपी में फ्लैश फ्लड का जोखिम
उत्तर भारत के मैदानी और पहाड़ी राज्यों में मानसून पूरी तरह मेहरबान है:
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दिल्ली-एनसीआर: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में पिछले दो दिनों से हो रही लगातार बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। भीषण गर्मी से राहत मिलने के साथ ही वायु गुणवत्ता (AQI) में बड़ा सुधार हुआ है और लोग स्वच्छ हवा में सांस ले रहे हैं। हालांकि, दिल्ली के कई इलाकों में जलभराव (Waterlogging) और भारी ट्रैफिक जाम की समस्या प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।
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पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश: इन राज्यों में गरज-चमक के साथ भारी वर्षा और 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
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उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश: मौसम विभाग ने इन दोनों क्षेत्रों के लिए अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी (Red/Orange Alert) जारी की है। पहाड़ी जिलों में अचानक बाढ़ (Flash Flood) और भूस्खलन का खतरा बेहद बढ़ गया है।
अगले 5 दिनों तक कैसा रहेगा दिल्ली का मौसम (11 से 15 जुलाई)?
दिल्ली-एनसीआर में आने वाले दिनों में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे और उमस से राहत बनी रहेगी:
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11 जुलाई: अधिकतम तापमान 36°C और न्यूनतम 25°C, गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना।
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12 जुलाई: तापमान 37/26°C, सामान्य रूप से बादल छाए रहेंगे।
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13 और 14 जुलाई: अधिकतम तापमान 37°C रहने और आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान।
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15 जुलाई: तापमान 35/26°C के आसपास रहेगा और हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
2. पूर्वी भारत: बिहार और पूर्वी यूपी में बहुत भारी बारिश का अनुमान
पूर्वी भारत के राज्यों में मानसूनी चक्रवात और द्रोणिका के असर से मौसम का मिजाज कड़ा बना हुआ है:
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बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश: इन क्षेत्रों में मौसम विभाग ने भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया है।
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पश्चिम बंगाल और सिक्किम: सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल और सिक्किम के पहाड़ी इलाकों में मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। आंधी और आकाशीय बिजली गिरने के साथ 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
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ओडिशा: राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होगी, जबकि कुछ तटीय स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।
3. उत्तर-पूर्वी भारत: असम और मेघालय में अत्यधिक भारी बारिश का खतरा
पूर्वोत्तर के राज्यों में सक्रिय मानसून के कारण जनजीवन प्रभावित हो सकता है:
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असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश: इन राज्यों में लगातार सक्रिय मानसून के कारण भारी से बहुत भारी वर्षा होने की पूरी संभावना है।
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नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: इन राज्यों के सब-हिमालयन क्षेत्रों में अत्यधिक भारी बारिश के चलते नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने का खतरा है।
4. पश्चिम और दक्षिण भारत: बारिश की गतिविधियों में आएगी कमी
देश के पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों में मानसून की रफ्तार फिलहाल थोड़ी धीमी रहेगी:
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पश्चिमी भारत (राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र): इन राज्यों में मानसून की गतिविधि कम रहेगी। अधिकांश इलाकों में मौसम साफ या हल्की धूप के साथ अलग-अलग स्थानों पर केवल हल्की फुहारें पड़ सकती हैं। हालांकि, कोंकण और गोवा के तटीय क्षेत्रों में अच्छी बारिश देखने को मिलेगी। मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।
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दक्षिणी भारत (कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल): मध्य और दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत में अगले 6-7 दिनों तक बारिश कम होने की उम्मीद है। इन राज्यों में आंधी और बिजली चमकने के साथ केवल हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश का पूर्वानुमान है।
मौसम डायरी नोट: आईएमडी (IMD) के दीर्घकालिक पूर्वानुमान के अनुसार, देश के अधिकांश हिस्सों में जुलाई महीने में सामान्य से थोड़ी कम बारिश की उम्मीद है, लेकिन उत्तर-पूर्व और पूर्वी भारत के कुछ विशेष क्षेत्रों में वर्षा का कोटा सामान्य या उससे अधिक रह सकता है। तापमान में भी कई जगहों पर सामान्य से थोड़ी बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।