मणिपुर में फिर भड़की हिंसा: कुकी समुदाय के व्यक्ति की गोली मारकर हत्या, कई इलाकों में आगजनी और 5 जिलों में जनजीवन ठप
पूर्वोत्तर भारत का सुंदरी राज्य मणिपुर एक बार फिर से अशांति, हिंसा और खूनी संघर्ष की आग में सुलग रहा है। पिछले लंबे समय से जातीय तनाव का सामना कर रहे मणिपुर में हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। राज्य के कांगपोकपी (Kangpokpi) जिले से एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां मंगलवार की सुबह अज्ञात उग्रवादियों ने अंधाधुंध गोलीबारी कर कुकी समुदाय के एक व्यक्ति पाओलेन खोंगसाई (Paolen Khongsai) की निर्मम हत्या कर दी। इस ताजा हत्या के बाद से पूरे इलाके में भारी तनाव व्याप्त है। एक तरफ जहां कुकी संगठनों ने इस घटना के विरोध में 24 घंटे के बंद का ऐलान किया है, वहीं दूसरी तरफ मैतेयी समुदाय के लोगों की हत्या के विरोध में घाटी के पांच जिलों में पहले से ही 48 घंटे का शटडाउन जारी है। इस हिंसा के बीच आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो चुका है। आइए विस्तार से जानते हैं कि मणिपुर में ताजा हिंसा की यह पूरी घटना क्या है और वर्तमान में वहां के हालात कैसे बने हुए हैं।
जंगल में बांस की कोपलें तोड़ने गए कुकी व्यक्ति पर उग्रवादियों का घातक हमला
पुलिस और स्थानीय प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक पाओलेन खोंगसाई मंगलवार की सुबह अपने गांव के ही एक अन्य व्यक्ति के साथ कांगपोकपी जिले के जंगली इलाके में बांस की कोपलें (Bamboo Shoots) इकट्ठा करने के लिए गए थे। वे दोनों जंगल के भीतर ही थे कि तभी घात लगाए बैठे सशस्त्र उग्रवादियों ने उन पर अचानक हमला बोल दिया और ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दीं।
इस अचानक हुए हमले में पाओलेन खोंगसाई को कई गोलियां लगीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि, उनके साथ गया दूसरा व्यक्ति किसी तरह जान बचाकर वहां से भागने में सफल रहा और उसने गांववालों को इस घटना की जानकारी दी। इस जघन्य हत्या के विरोध में 'कमेटी ऑन ट्राइबल यूनिटी' (COTU) ने कांगपोकपी जिले में आधी रात से ही 24 घंटे के पूर्ण बंद का आह्वान कर दिया है, जिसके कारण सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है।
एक दिन पहले मैतेयी समुदाय के 3 लोगों की हुई थी हत्या, घाटी के 5 जिलों में शटडाउन
मणिपुर में हिंसा का यह दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस घटना से ठीक एक दिन पहले यानी सोमवार को इसी कांगपोकपी जिले के सुनरोक क्षेत्र में एक अन्य खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया था। वहां उग्रवादियों ने जंगल से जलावन की लकड़ी बीन रहे मैतेयी समुदाय के 14 निवासियों पर घात लगाकर हमला कर दिया था। इस अंधाधुंध गोलीबारी में मैतेयी समुदाय के 3 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी, जिससे दोनों समुदायों के बीच एक बार फिर प्रतिशोध की आग भड़क उठी है।
मैतेयी समुदाय के इन तीन लोगों की हत्या के विरोध में विभिन्न संगठनों द्वारा मंगलवार को 48 घंटे के बंद का ऐलान किया गया था, जिसके चलते घाटी के पांच प्रमुख जिलों में जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित रहा। इंफाल पूर्व, इंफाल पश्चिम, बिष्णुपुर, थौबल और काकचिंग जिलों में सभी बाजार, स्कूल, कॉलेज, शिक्षण संस्थान और व्यावसायिक प्रतिष्ठान पूरी तरह से बंद रहे। सड़कों पर सार्वजनिक परिवहन (Public Transport) के साधन पूरी तरह से ठप नजर आए, हालांकि इक्का-दुक्का निजी वाहन ही सड़कों पर चलते हुए दिखाई दिए। 'नेटिव पीपुल्स कमेटी मणिपुर' के सदस्यों ने भी इस बंद का समर्थन किया है, जिससे आम नागरिकों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई: दो उग्रवादी गिरफ्तार, हथियारों का जखीरा बरामद
इस बीच, मणिपुर पुलिस और अन्य केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभालते हुए अपराधियों की धरपकड़ के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान (Search Operation) शुरू कर दिया है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) दोरजी लहातू ने मीडिया को जानकारी दी कि सुरक्षाबलों ने कांगपोकपी जिले में छापेमारी के दौरान तीन संदिग्ध उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है।
जब पुलिस ने हिरासत में लिए गए इन आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की, तो उनमें से दो उग्रवादियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उन्होंने स्वीकार किया कि वे उसी खूंखार उग्रवादी समूह का हिस्सा थे, जिसने सुनुरोक पहाड़ियों में मैतेयी समुदाय के लोगों पर घात लगाकर हमला किया था। इन उग्रवादियों की निशानदेही और दी गई जानकारी के आधार पर पुलिस ने भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री का एक बड़ा जखीरा बरामद किया है। इसके अलावा, थौबल जिले में हाल ही में दो समुदायों के बीच भड़की झड़पों में एक युवक की मौत के मामले में संलिप्त पाए गए दो अन्य लोगों को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने विपक्षी नेताओं के साथ की उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक
राज्य में लगातार बिगड़ती कानून-व्यवस्था और हिंसक वारदतों को नियंत्रित करने के लिए राजनीतिक स्तर पर भी बैठकों का दौर तेज हो गया है। मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह (Y. Khemchand Singh) ने मंगलवार को राजधानी इंफाल स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय में विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' (INDIA) के वरिष्ठ नेताओं के साथ एक अहम उच्चस्तरीय बैठक की।
इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ओकराम इबोबी सिंह, कांग्रेस विधायक दल के नेता मेघचंद्र सिंह, लोकसभा सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम और विपक्षी गठबंधन में शामिल विभिन्न राजनीतिक दलों के कई प्रमुख नेता उपस्थित रहे। बैठक के दौरान विपक्षी नेताओं ने राज्य के मौजूदा हालात पर गहरी चिंता जताई और मणिपुर में शांति बहाली के लिए तुरंत एक सर्वदलीय बैठक (All-Party Meeting) बुलाए जाने की मांग की।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि बैठक में राज्य की समग्र सुरक्षा स्थिति की बेहद बारीकी से समीक्षा की गई है। मुख्यमंत्री ने विपक्षी नेताओं को आश्वासन दिया कि सर्वदलीय बैठक बुलाने की उनकी मांग पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। साथ ही, सरकार राज्य के सभी समुदायों के बीच आपसी विश्वास बहाल करने और शांति स्थापित करने के लिए हरसंभव सामूहिक प्रयास कर रही है।