Vaishno Devi Alert: त्रिकुटा पर्वत पर आसमानी आफत, तीसरे दिन भी माता वैष्णो देवी यात्रा स्थगित; कटड़ा में फंसे हजारों श्रद्धालु!

Vaishno Devi Alert: त्रिकुटा पर्वत पर आसमानी आफत, तीसरे दिन भी माता वैष्णो देवी यात्रा स्थगित; कटड़ा में फंसे हजारों श्रद्धालु!

जम्मू/कटड़ा। जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल माता वैष्णो देवी भवन (Mata Vaishno Devi Shrine) जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ी खबर सामने आ रही है। ज़ी न्यूज़ (Zee News) की एक विशेष ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, त्रिकुटा पर्वत (Trikuta Hills) और आधार शिविर कटड़ा में पिछले 72 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश और खराब मौसम के चलते माता वैष्णो देवी यात्रा लगातार तीसरे दिन भी अस्थायी रूप से स्थगित (Suspended) है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी किए गए भारी बारिश के 'यलो अलर्ट' (Yellow Alert) को देखते हुए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (SMVDSB) और स्थानीय प्रशासन ने यह कदम उठाया है। इस अचानक लगाई गई रोक के कारण कटड़ा और आसपास के क्षेत्रों में 10 हजार से अधिक श्रद्धालु फंसे हुए हैं, जो मौसम साफ होने और यात्रा दोबारा शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।

बैटरी कार मार्ग पर गिरे बड़े पत्थर, भैरव घाटी में भी भूस्खलन

पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश के कारण भूस्खलन (Landslides) का खतरा काफी बढ़ गया है, जिससे मार्ग बेहद असुरक्षित हो गए हैं:

  • सत्या भोजनालय के पास चट्टानें खिसकीं: बीती रात त्रिकुटा पर्वत पर हुई भीषण बारिश के कारण माता वैष्णो देवी के सबसे महत्वपूर्ण बैटरी कार मार्ग (New Track) के सत्या भोजनालय क्षेत्र में पहाड़ी से बड़ी-बड़ी चट्टानें, मलबे और कंकड़-पत्थर गिरने की सूचना मिली है।

  • भैरव घाटी मार्ग प्रभावित: इसके अलावा भवन से आगे भैरव घाटी (Bhairav Ghati Route) जाने वाले पैदल रास्ते पर भी आंशिक रूप से मिट्टी धंसने और पत्थर गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। हालांकि, मुस्तैद श्राइन बोर्ड का आपदा प्रबंधन स्टाफ रास्तों से मलबा हटाने के काम में लगातार जुटा हुआ है।

अमरनाथ और शिव खोड़ी यात्रा पर भी लगा ब्रेक, 23 जुलाई तक भारी अलर्ट

मौसम विभाग की यह चेतावनी इतनी गंभीर है कि इसने राज्य की सभी प्रमुख धार्मिक यात्राओं की रफ्तार थाम दी है:

  1. त्रिकोणीय स्थगन: वैष्णो देवी के साथ-साथ कश्मीर संभाग में चल रही पवित्र अमरनाथ यात्रा (Amarnath Yatra) को भी बालटाल और पहलगाम दोनों रूटों से पूरी तरह रोक दिया गया है। इसके अतिरिक्त, रियासी जिले में स्थित प्रसिद्ध शिव खोड़ी गुफा (Shiv Khori Shrine) की यात्रा को भी सुरक्षा कारणों से बंद कर दिया गया है।

  2. 23 जुलाई तक अलर्ट: आईएमडी (IMD) ने आगामी 23 जुलाई 2026 तक पूरे जम्मू संभाग और रियासी जिले में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश और आकाशीय बिजली (Thunderstorms) गिरने की आशंका जताई है।

श्राइन बोर्ड की अपील: 'जहां हैं, वहीं सुरक्षित रुकें श्रद्धालु'

प्रशासनिक प्रवक्ता ने जम्मू और कटड़ा पहुंचे सभी तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा के हित में अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग करें और जब तक मौसम पूरी तरह साफ नहीं हो जाता और आधिकारिक तौर पर ट्रैक को सुरक्षित (Route Safety) घोषित नहीं कर दिया जाता, तब तक भवन की ओर चढ़ाई करने का प्रयास बिल्कुल न करें।

कटड़ा के सभी पंजीकरण काउंटरों को फिलहाल बंद रखा गया है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपने ठहरने के स्थानों (होटल या धर्मशालाओं) में ही रुके रहें और किसी भी आपातकालीन स्थिति में श्राइन बोर्ड के हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें। श्राइन बोर्ड मौसम के हर बदलते मिजाज और रास्तों की स्थिति की पल-पल समीक्षा कर रहा है और स्थितियां सुधरते ही यात्रा को पुनः बहाल करने का निर्णय लिया जाएगा।

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