Today Weather Alert: देश के 20 से अधिक राज्यों में भारी बारिश का तांडव, IMD ने जारी किया 60kmph की आंधी और वज्रपात का रेड अलर्ट
देश भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून के पूरी तरह रफ्तार पकड़ने के साथ ही मौसम का मिजाज काफी उग्र हो गया है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 3 जुलाई 2026 के लिए अपना ताजा मॉर्निंग वेदर बुलेटिन जारी कर दिया है. मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम और उससे सटे उत्तरी ओडिशा-पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों पर एक बेहद मजबूत कम दबाव का क्षेत्र (Low-Pressure Area) सक्रिय है. यह सिस्टम अगले 2 से 3 दिनों में और भी ताकतवर होने वाला है।
इस मानसूनी सिस्टम और कई अन्य चक्रवातीय परिसंचरणों (Cyclonic Circulations) के एक साथ एक्टिव होने के कारण आज देश के 20 से अधिक राज्यों में मूसलाधार बारिश, खतरनाक वज्रपात (Lightning) और तेज आंधी-तूफान का महा-अलर्ट जारी किया गया है. उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में आज और कल बारिश में थोड़ी राहत रहेगी, लेकिन 5 जुलाई से दिल्ली-यूपी समेत कई राज्यों में आसमानी आफत का नया दौर शुरू होने जा रहा है.
इन 5 राज्यों में 'रेड अलर्ट', मूसलाधार बारिश से मच सकती है तबाही
आईएमडी (IMD) के आधिकारिक बुलेटिन के अनुसार, आज देश के पांच प्रमुख राज्यों में मानसून अपना सबसे रौद्र रूप दिखाने वाला है. इन राज्यों के कुछ खास जिलों में अत्यधिक भारी बारिश को लेकर प्रशासन को अलर्ट पर रहने को कहा गया है:
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गुजरात और कोंकण-गोवा: तटीय इलाकों में भारी जलभराव की आशंका.
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मध्य महाराष्ट्र: 3 से 5 जुलाई के दौरान कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान.
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पश्चिम मध्य प्रदेश: 3 और 4 जुलाई को अलग-अलग पॉकेट्स में रिकॉर्डतोड़ बारिश की संभावना.
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ओडिशा: अगले 48 घंटों के भीतर समुद्र तटीय इलाकों में मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट.
इन राज्यों में होगी 'भारी से बहुत भारी' बारिश: बिजली गिरने की चेतावनी
मौसम विभाग ने देश के मध्य, पहाड़ी और दक्षिणी तटीय क्षेत्रों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी करते हुए भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान लगाया है:
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मध्य और पूर्वी भारत: छत्तीसगढ़, विदर्भ और पूर्वी मध्य प्रदेश में आज गरज-चमक के साथ बहुत भारी बारिश हो सकती है. मौसम विभाग ने पूरे मध्य भारत में तीव्र आकाशीय बिजली गिरने की कड़क चेतावनी जारी की है.
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उत्तर-पश्चिम भारत: पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई इलाकों में लैंडस्लाइड (भूस्खलन) की आशंका के बीच भारी बारिश का अलर्ट है. वहीं, पूर्वी राजस्थान में 3 से 6 जुलाई के बीच मौसम मेहरबान रहेगा और बहुत भारी बारिश होगी.
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दक्षिण भारत: केरल, माहे और तटीय कर्नाटक के इलाकों में समुद्र से उठने वाली मानसूनी हवाएं भारी बारिश कराएंगी.
यूपी, बिहार और दिल्ली-NCR में कब होगी झमाझम बारिश? देखें पूरा शेड्यूल
उत्तर प्रदेश और बिहार समेत देश के अन्य मैदानी राज्यों में भी मानसून की सक्रियता लगातार बनी हुई है:
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उत्तर प्रदेश और बिहार: उत्तर प्रदेश (पूर्वी और पश्चिमी दोनों भाग) और बिहार में आज छिटपुट स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है. इन दोनों राज्यों में 3 और 4 जुलाई को हल्की से मध्यम बारिश के बाद 5 से 7 जुलाई के बीच मॉनसून का दूसरा सबसे व्यापक और उग्र दौर देखने को मिलेगा.
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दिल्ली, हरियाणा और पंजाब: देश की राजधानी दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में आज और कल (3-4 जुलाई) केवल हल्की छिटपुट बौछारें गिरेंगी, जिससे उमस बढ़ सकती है. हालांकि, 5 से 8 जुलाई के बीच दिल्ली-एनसीआर और पंजाब-हरियाणा में भारी बारिश की धमाकेदार वापसी होगी, जिससे तापमान में बड़ी गिरावट आएगी.
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अन्य राज्य: मराठवाड़ा, गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड (4 से 8 जुलाई तक), आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर के राज्यों (असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा) में 3-4 जुलाई को भारी बारिश का येलो अलर्ट है.
60 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेगी आंधी, मौसम विभाग ने दी चेतावनी
बारिश के साथ-साथ आईएमडी ने देश के कई हिस्सों में तीव्र थंडरस्टॉर्म (Thunderstorm) और विनाशकारी हवाओं की चेतावनी जारी की है:
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40-50 किमी/घंटे की रफ्तार (झोंके 60 किमी/घंटे तक): दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, यूपी-उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों, झारखंड, पश्चिम बंगाल, गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में आज धूलभरी तेज आंधी और आकाशीय बिजली कड़कने की आशंका है.
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30-40 किमी/घंटे की रफ्तार: उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ, असम, मेघालय, सिक्किम, केरल और पूरे कर्नाटक में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी.
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उमस का टॉर्चर: अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के मैदानी इलाकों में 3 से 6 जुलाई के दौरान तापमान बढ़ने के साथ ही मौसम काफी गर्म और उमस भरा (Humid Weather) बना रहेगा.
मछुआरों के लिए रेड वॉर्निंग: 7 जुलाई तक समंदर में जाने पर पूरी तरह रोक
समुद्र में उठने वाली ऊंची लहरों, तूफानी हवाओं और बेहद खराब विजिबिलिटी को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को तटीय इलाकों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है:
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अरब सागर का हाल: गुजरात, कोंकण, गोवा और कर्नाटक के तटों के साथ-साथ सोमालिया व ओमान के तटीय इलाकों में 45-55 किमी प्रति घंटे (झोंके 65 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल रही हैं. केरल और लक्षद्वीप में 3 से 5 जुलाई के दौरान मौसम खतरनाक रहेगा. मछुआरों को 7 जुलाई 2026 तक समुद्र में न उतरने की सलाह दी गई है।
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बंगाल की खाड़ी का हाल: आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों सहित मध्य, उत्तरी और दक्षिणी बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में मौसम पूरी तरह तूफानी बना रहेगा. यहाँ हवा की रफ्तार 60 किमी/घंटे तक पहुंच सकती है.
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस समय देश के वायुमंडल में एक साथ कई शक्तिशाली प्रणालियां (Multi-Weather Systems) काम कर रही हैं. मुख्य मानसूनी ट्रफ लाइन इस समय राजस्थान से लेकर बंगाल की खाड़ी के लो-प्रेशर एरिया तक फैली हुई है. साथ ही, दक्षिण गुजरात से कर्नाटक तक फैली ऑफ-शोर ट्रफ और पाकिस्तान से आ रहे वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के आपस में टकराने के कारण पूरे भारत में यह मूसलाधार बारिश देखने को मिल रही है.