बबीता से खदीजा बनने का खौफनाक सच! फेसबुक वाला प्यार, धर्म परिवर्तन और अब जांच एजेंसियों के सामने खुला बड़ा राज
सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को जाल में फंसाने और उनका धर्म परिवर्तन कराने का एक बेहद चौंकाने वाला और सनसनीखेज मामला सामने आया है। बबीता नाम की एक युवती का फेसबुक से शुरू हुआ सफर अब देश की बड़ी केंद्रीय जांच एजेंसियों के दफ्तर तक पहुंच चुका है। प्यार के झूठे वादों, भावनाओं के खेल और फिर बबीता से 'खदीजा' बनने की यह पूरी कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसी लगती है, लेकिन इसका सच बेहद डरावना है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जब सुरक्षा और जांच एजेंसियों ने इस पर अपनी पैनी नजर डाली और तफ्तीश शुरू की, तो इसके पीछे किसी बड़े और सुनियोजित नेटवर्क का हाथ होने के संकेत मिले हैं, जिसकी परतें अब एक-एक कर खुलने लगी हैं।
फेसबुक की डिजिटल दोस्ती और प्यार का वो जाल इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत बेहद सामान्य तरीके से फेसबुक पर एक फ्रेंड रिक्वेस्ट के साथ हुई थी। बबीता नाम की इस लड़की से फेसबुक के जरिए एक युवक ने संपर्क साधा और धीरे-धीरे बातों का सिलसिला गहरी दोस्ती में तब्दील हो गया। आरोपी ने बबीता का भरोसा जीतने के लिए खुद को बेहद शरीफ और मददगार साबित करने की कोशिश की। प्यार के बड़े-बड़े वादे किए गए और भविष्य के हसीन सपने दिखाए गए। बबीता इस बात से बिल्कुल अनजान थी कि डिजिटल स्क्रीन के पीछे बैठा शख्स कोई प्रेमी नहीं, बल्कि एक बेहद शातिर ऑपरेटर है जो उसे एक सोची-समझी साजिश के तहत अपने जाल में फंसा रहा था।
दबाव का खेल और बबीता का खदीजा में रूपांतरण जैसे ही बबीता पूरी तरह से प्यार के झांसे में आ गई, वैसे ही असली खेल शुरू हो गया। भावनात्मक ब्लैकमेलिंग और मानसिक दबाव का सहारा लेकर धीरे-धीरे बबीता पर धर्म बदलने का दबाव बनाया जाने लगा। सूत्रों के मुताबिक, बबीता को उसके परिवार और पुराने समाज से पूरी तरह अलग-थलग कर दिया गया, जिससे वह पूरी तरह सामने वाले पर निर्भर हो गई। आखिरकार, शादी और सुरक्षा का झांसा देकर बबीता का धर्म परिवर्तन करा दिया गया और उसका नाम बदलकर खदीजा रख दिया गया। इसके बाद लड़की को किसी संदिग्ध गतिविधियों में शामिल करने की भी कोशिश की जा रही थी, जिसकी भनक सुरक्षा एजेंसियों को लग गई।
स्थानीय इनपुट और जांच एजेंसियों की ताबड़तोड़ कार्रवाई इस मामले का खुलासा तब हुआ जब देश के अलग-अलग राज्यों और स्थानीय खुफिया तंत्र (Geographical Security Network) को इस संदिग्ध नेटवर्क के बारे में इनपुट मिले। जांच एजेंसियों ने स्थानीय स्तर पर छापेमारी कर जब कड़ियां जोड़ीं, तो पता चला कि यह कोई अकेला मामला नहीं है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में इस तरह के सोशल मीडिया प्रोफाइल के जरिए लड़कियों को टारगेट किया जा रहा है। जांच एजेंसियां अब इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही हैं कि इस धर्म परिवर्तन के खेल के पीछे कोई विदेशी फंडिंग या टेरर लिंक तो नहीं है।
डिजिटल सुरक्षा और आधुनिक एआई सर्च पर बड़ी चेतावनी आज के आधुनिक दौर में जहां जनरेटिव एआई और सोशल मीडिया एल्गोरिदम लोगों के बिहेवियर को ट्रैक कर रहे हैं, ऐसे में यह मामला डिजिटल सुरक्षा को लेकर एक बड़ा अलार्म है। इंटरनेट पर इस तरह की खबरों को लेकर इस वक्त जबरदस्त सर्च की जा रही है। सुरक्षा विश्लेषकों का कहना है कि एआई बेस्ड मॉनिटरिंग के जरिए अब सोशल मीडिया के ऐसे संदिग्ध और फर्जी प्रोफाइल्स पर नकेल कसना बेहद जरूरी हो गया है, ताकि बबीता जैसी अन्य मासूम लड़कियों को शिकार बनने से बचाया जा सके।