बैठक से पहले बिखर गया इंडी गठबंधन, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान बोले- 'हार का एडवांस बहाना तलाश रहा विपक्ष'

बैठक से पहले बिखर गया इंडी गठबंधन, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान बोले- 'हार का एडवांस बहाना तलाश रहा विपक्ष'

विपक्षी दलों के 'इंडी गठबंधन' (INDIA Alliance) द्वारा सरकार और संवैधानिक संस्थाओं पर लगातार उठाए जा रहे सवालों के बाद भारतीय जनता पार्टी ने बेहद आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को विपक्षी गठबंधन पर करारा पलटवार करते हुए कहा कि यह गठबंधन किसी भी ठोस विजन के बिना सिर्फ एक दिखावा है और अपनी हार तय देखकर विपक्षी दल अभी से एडवांस में बहाने तलाशने लगे हैं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि इस बैठक के होने से पहले ही इंडी गठबंधन के भीतर आंतरिक कलह के कारण बिखराव साफ तौर पर देखा जा रहा है।

दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता ने सवाल उठाया कि यदि विपक्षी दलों द्वारा उठाए जा रहे मुद्दे वास्तव में इतने ही गंभीर थे, तो अखिलेश यादव, अरविंद केजरीवाल, एमके स्टालिन और हेमंत सोरेन जैसे प्रमुख दल और नेता इस महत्वपूर्ण बैठक में व्यक्तिगत रूप से शामिल क्यों नहीं हुए? उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे को भी इस बैठक में वर्चुअली ही शामिल होना पड़ा, जो इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि इस तथाकथित गठबंधन में किस कदर दूरियां और दूरगामी मतभेद बने हुए हैं।

'इंडी गठबंधन के लोग ही राहुल गांधी को अपना नेता नहीं मानते'

कांग्रेस नेतृत्व और राहुल गांधी पर तीखा निशाना साधते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दावा किया कि खुद इंडी गठबंधन के घटक दल राहुल गांधी को अपना सर्वमान्य नेता स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक के दौरान भी यह बात खुलकर सामने आई थी, जहां राहुल गांधी को यह कहना पड़ गया था कि 'मुझ पर विश्वास करो'। इस बात का सीधा अर्थ यही है कि आज के समय में कांग्रेस पार्टी के अपने कार्यकर्ता और नेता भी उन पर भरोसा करने से कतरा रहे हैं।

शिवराज सिंह चौहान ने आगे कहा कि देश की जनता यह उम्मीद कर रही थी कि एक के बाद एक लगातार कई विधानसभा और आम चुनावों में करारी शिकस्त झेलने के बाद कांग्रेस पार्टी अपनी गंभीर गलतियों पर देश की जनता से माफी मांगेगी और आत्ममंथन का मार्ग चुनेगी। लेकिन कांग्रेस ने यह तय कर रखा है कि वह अपनी कार्यशैली में कभी कोई सुधार नहीं करेगी। अपनी राजनीतिक विफलताओं और गलतियों की जिम्मेदारी लेने के बजाए कांग्रेस पार्टी लगातार देश की जनता के बीच भ्रम फैलाने, झूठ बोलने और निराधार मनगढ़ंत आरोप लगाने की पुरानी राजनीति पर ही टिकी हुई है।

'शून्य विजन और सौ प्रतिशत हताशा का प्रतीक है गठबंधन का एजेंडा'

विपक्ष के आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों पर तंज कसते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस तथाकथित इंडी गठबंधन की बैठक का निष्कर्ष केवल तीन बातें हैं—'शून्य विजन, सौ प्रतिशत हताशा और हार का एडवांस बहाना'। चुनाव परिणाम आने से पहले ही विपक्ष ने अपनी पराजय की पटकथा और उसके बहाने तैयार करने शुरू कर दिए हैं। उन्होंने आगामी 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक घोषित किए गए 'सेव डेमोक्रेसी मार्च' (लोकतंत्र बचाओ मार्च) का जिक्र करते हुए कहा कि यह वास्तव में लोकतंत्र बचाओ नहीं, बल्कि 'सेव डायनेस्टी मार्च' (परिवारवाद बचाओ मार्च) है। देश की जागरूक जनता अब पूरी तरह से ठान चुकी है कि वे किसी भी कीमत पर देश में परिवारवाद और वंशवादी राजनीति को अब और अधिक बढ़ावा नहीं मिलने देंगे।

शिवराज सिंह चौहान ने पश्चिम बंगाल का एक पुराना वाकया याद दिलाते हुए कहा कि खुद राहुल गांधी ने बंगाल चुनाव से पहले एक वीडियो जारी करके यह स्वीकार किया था कि वहां ममता बनर्जी की गलतियों और कुप्रशासन के कारण भाजपा जीत रही है, न कि किसी अन्य वजह से। राहुल ने खुद ही असली जमीनी कारण देश के सामने उजागर कर दिए थे। इसके बावजूद जैसे ही देश में चुनाव नजदीक आते हैं, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और पूरा इंडी गठबंधन अचानक से न्यायपालिका, चुनाव आयोग और अन्य सर्वोच्च संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर ही बेबुनियाद सवाल उठाना शुरू कर देता है।

संवैधानिक संस्थाओं और विदेशी धरती का इस्तेमाल कर रहा विपक्ष

केंद्रीय मंत्री ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जब विपक्षी दल लोकतांत्रिक तरीके से देश की जनता के दिलों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और लोकप्रियता को कम नहीं कर पाते हैं, तो वे हताशा में देश के भीतर अराजकता और अशांति फैलाने के बड़े षड्यंत्र रचने लगते हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अक्सर विदेशी दौरों पर जाकर वहां की विदेशी ताकतों के सामने भारत के आंतरिक लोकतंत्र में हस्तक्षेप करने की वकालत करते नजर आते हैं। तमाम तरह के हथकंडे अपनाने के बावजूद देश की जनता प्रधानमंत्री मोदी के साथ मजबूती से खड़ी है और विपक्षी दलों की कोई भी चाल अब सफल होने वाली नहीं है।