Sonia Gandhi Essay on Manmohan Singh: मनमोहन सिंह को इतिहास अच्छे शब्दों में याद रखेगा, सोनिया ने लिखा लेख, RTI से मनरेगा तक का जिक्र
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री और प्रख्यात अर्थशास्त्री डॉ. मनमोहन सिंह के योगदान, उनकी दूरदर्शिता और दूरगामी नेतृत्व शैली को रेखांकित करते हुए एक विशेष और विचारशील लेख लिखा है। अपने इस लेख में सोनिया गांधी ने वर्ष 2014 में पद छोड़ते समय डॉ. मनमोहन सिंह द्वारा कहे गए उस ऐतिहासिक कथन को याद किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि "इतिहास मेरे प्रति मीडिया से अधिक दयालु रहेगा।" सोनिया गांधी ने जोर देकर कहा है कि आज का समय यह साबित कर रहा है कि इतिहास डॉ. मनमोहन सिंह को एक ऐसे दूरदर्शी नेता के रूप में बेहद सम्मानजनक शब्दों में याद रखेगा, जिन्होंने बिना किसी आत्म-प्रचार और शोर-शराबे के देश की आर्थिक और सामाजिक बुनियाद को अभूतपूर्व मजबूती दी।
आर्थिक सुधारों से लेकर समावेशी विकास तक का ऐतिहासिक सफर
अपने लेख में सोनिया गांधी ने डॉ. मनमोहन सिंह के बहुआयामी करियर और देश के विकास में उनके ऐतिहासिक योगदान की चर्चा की है। उन्होंने लिखा कि 1991 में वित्त मंत्री के रूप में डॉ. सिंह ने जिस उदारीकरण (Economic Reforms) की शुरुआत की थी, उसने भारतीय अर्थव्यवस्था के द्वार दुनिया के लिए खोले और देश को आधुनिक विकास दर की नई राह पर ला खड़ा किया। बाद में जब 2004 से 2014 तक संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) की सरकार बनी, तो बतौर प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने आर्थिक वृद्धि (Economic Growth) का लाभ समाज के सबसे निचले और वंचित तबके तक पहुंचाना अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनाया।
आरटीआई, मनरेगा और भोजन के अधिकार जैसी अधिकार-आधारित क्रांति
सोनिया गांधी ने अपने लेख में विशेष रूप से यूपीए सरकार के शासनकाल में लागू किए गए ऐतिहासिक अधिकार-आधारित कानूनों (Rights-based Framework) का उल्लेख किया, जिनकी रूपरेखा में डॉ. मनमोहन सिंह की प्रतिबद्धता स्पष्ट दिखाई देती थी:
-
मनरेगा (MGNREGA): ग्रामीण क्षेत्रों से गरीबी और भुखमरी को खत्म करने वाली महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, जिसने करोड़ों ग्रामीण परिवारों को आजीविका की सुरक्षा दी।
-
सूचना का अधिकार (RTI Act 2005): आम नागरिकों को प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने का अधिकार देने वाला दुनिया का सबसे मजबूत कानून।
-
खाद्य सुरक्षा और शिक्षा का अधिकार (RTE & Food Security Act): हर बच्चे के लिए अनिवार्य शिक्षा और गरीब परिवारों के लिए रियायती दर पर अनाज की वैधानिक गारंटी।
-
ऐतिहासिक भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौता (Civil Nuclear Deal): राष्ट्रीय हितों से समझौता किए बिना भारत की भावी ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित करने वाला मजबूत रणनीतिक कदम।
राजनीतिक विरोध और कटु आलोचना के बीच भी कायम रखी गरिमा
सोनिया गांधी ने लिखा कि राजनीति के उथल-पुथल भरे दौर और मीडिया के तीखे हमलों के बावजूद डॉ. मनमोहन सिंह ने कभी भी अपनी गरिमा, शालीनता और बौद्धिक निष्ठा से समझौता नहीं किया। उन्होंने हमेशा व्यक्तिगत प्रचार-प्रसार और राजनीतिक नारेबाजी से खुद को दूर रखा और अपने काम को बोलने दिया। जब उन पर 'कमजोर प्रधानमंत्री' या 'मौन प्रधानमंत्री' होने के राजनीतिक आरोप लगाए गए, तब भी उन्होंने अत्यंत धैर्य और शांति के साथ देश सेवा को सर्वोपरि रखा। सोनिया ने लिखा कि किसी भी राष्ट्र निर्माता का सच्चा मूल्यांकन उनके द्वारा छोड़ी गई स्थायी उपलब्धियों से होता है, और इस कसौटी पर डॉ. मनमोहन सिंह का कार्यकाल भारतीय इतिहास के सबसे गौरवशाली अध्यायों में से एक के रूप में दर्ज रहेगा।