Sandeep Ghosh House Demolition: पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष के घर पर चलेगा बुलडोजर! कोलकाता नगर निगम का अल्टीमेटम, बचे हैं सिर्फ 2 दिन
आरजी कर मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। एक तरफ जहां वह अस्पताल में हुए बड़े वित्तीय भ्रष्टाचार और गंभीर घोटालों के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद से सलाखों के पीछे दिन काट रहे हैं, वहीं अब उनके आलीशान आशियाने पर भी कानून का शिकंजा पूरी तरह कस गया है। कोलकाता नगर निगम (KMC) ने भवन निर्माण नियमों के खुले उल्लंघन और अवैध निर्माण के गंभीर आरोपों में संदीप घोष के बेलेघाटा स्थित आवास के अवैध हिस्सों को तुरंत जमींदोज करने का अंतिम आदेश जारी कर दिया है। नगर निगम की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से साफ है कि अब भ्रष्टाचार के साथ-साथ उनके अवैध साम्राज्य पर भी बुलडोजर चलने की पूरी तैयारी हो चुकी है।
दरअसल, कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने बीते 20 मई को ही आरजी कर मेडिकल कॉलेज के पूर्व विवादित प्रिंसिपल संदीप घोष के घर की छत के एक बड़े हिस्से और कुछ अन्य अवैध कंस्ट्रक्शन को पूरी तरह से गिराने का कड़ा आदेश सुनाया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने बिना नगर निगम की मंजूरी और नक्शा पास कराए यह निर्माण कराया था। नगर निकाय ने इसके लिए संदीप घोष के परिवार को स्वेच्छा से अवैध हिस्सा हटाने के लिए 45 दिनों की कड़ी समयसीमा (डेडलाइन) दी थी। लेकिन इतने दिन बीत जाने के बाद भी घोष के परिवार की तरफ से वहां कोई तोड़फोड़ नहीं की गई। अब इस तय समयसीमा के पूरे होने में महज दो दिन का वक्त बचा है, जिसे देखते हुए केएमसी ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है।
दो साल पहले ही मिला था नोटिस, पर रसूख के दम पर दबाए रखा मामला
कोलकाता नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, केएमसी की एक विशेष तकनीकी टीम ने कुछ समय पहले ही संदीप घोष के बेलेघाटा स्थित आवास का औचक दौरा किया था और वहां किए गए अवैध निर्माण की बारीकी से पैमाइश की थी। जांच में यह बेहद चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि नगर निगम की बिल्डिंग विभाग की टीम ने इस अवैध निर्माण को लेकर करीब दो साल पहले ही घोष के परिवार को एक आधिकारिक नोटिस भेजा था। लेकिन अपने रसूख और पद के दम पर संदीप घोष ने इस मामले को ठंडे बस्ते में डलवा दिया था।
अब जब आरजी कर अस्पताल मामले के बाद संदीप घोष पर चौतरफा कानूनी गाज गिरी है, तो नगर निकाय ने भी साफ कर दिया है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। समयसीमा खत्म होने में सिर्फ दो दिन शेष रहने के कारण केएमसी ने घोष के घर पर एक और फाइनल नोटिस चस्पा कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि अगर अगले दो दिनों के भीतर परिवार ने खुद अवैध हिस्सा नहीं गिराया, तो म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन का बुलडोजर दस्ता भारी पुलिस बल के साथ वहां पहुंचेगा और बलपूर्वक उस अवैध निर्माण को ढहा देगा, जिसका पूरा खर्च भी संदीप घोष से ही वसूला जाएगा।
जानिए कहां है यह घर और किन नियमों की उड़ाई गई धज्जियां
केएमसी से प्राप्त आधिकारिक सूचना के अनुसार, संदीप घोष का यह विवादित और आलीशान घर कोलकाता के बेलेघाटा इलाके में स्थित '83, बदन रॉय लेन' के पते पर मौजूद है। जांच रिपोर्ट में साफ हुआ है कि संदीप घोष और उनकी पत्नी संगीता घोष के नाम पर रजिस्टर्ड इस प्रॉपर्टी के कुल तीन अलग-अलग हिस्से पूरी तरह से बिना किसी सरकारी मंजूरी के गैरकानूनी तरीके से बनाए गए थे।
यह निर्माण कोलकाता नगर निगम के साल 2009 के स्थापित बिल्डिंग नियमों के नियम 133 और नियम 134 का सीधा और गंभीर उल्लंघन करते हैं। नियमों के मुताबिक, बिना स्ट्रक्चरल स्टेबिलिटी जांचे और बिना अनुमति के छत पर अतिरिक्त फ्लोर या पक्का निर्माण करना पूरी तरह प्रतिबंधित है। आपको बता दें कि संदीप घोष के खिलाफ यह पूरी कानूनी जांच और उसके बाद का यह कड़ा एक्शन अंशुमान सरकार नाम के एक स्थानीय सजग नागरिक की लिखित शिकायत के आधार पर शुरू हुआ था। अंशुमान की शिकायत के बाद जब फाइलों को दोबारा खंगाला गया, तो पूर्व प्रिंसिपल के रसूख का यह काला सच सबके सामने आ गया।