सबरीमाला मंदिर के कपाट खुले: एडवम माह की पूजा शुरू, जानें दर्शन बुकिंग का पूरा तरीका
केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर के कपाट एक बार फिर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। इस बार मंदिर मलयालम कैलेंडर के दसवें महीने यानी एडवम माह की विशेष पूजा के अवसर पर खोला गया है। भगवान अयप्पा के भक्तों के लिए यह एक बड़ा और शुभ अवसर है।
गुरुवार शाम को हुआ मंदिर का विधिवत उद्घाटन
गुरुवार की शाम ठीक 5 बजे मंदिर के मुख्य तंत्री कंदर महेश मोहनार की पावन उपस्थिति में मंदिर के पट खोले गए। इस दौरान विधिवत दीप प्रज्वलित किया गया और उसके बाद मंदिर की प्रसिद्ध अठारहवीं सीढ़ी के नीचे स्थित गहरे कुएं में अग्नि डाली गई, जो एक अत्यंत पवित्र परंपरा मानी जाती है। एडवम माह के पहले दिन से सुबह 5 बजे से ही भक्तों को दर्शन की अनुमति दे दी गई।
19 मई को बंद होगा मंदिर, 25 मई को फिर खुलेगा
पांच दिनों की नियमित पूजा-अर्चना के बाद मंदिर 19 मई की रात 10 बजे बंद कर दिया जाएगा। हालांकि, भक्तों को निराश होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि 25 मई को मंदिर एक बार फिर प्रतिष्ठा दिवस की विशेष पूजा के लिए खोला जाएगा। प्रतिष्ठा दिवस 26 मई को मनाया जाएगा, जो मंदिर के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर होता है।
एडवम माह में पाडी पूजा का विशेष महत्व
इस माह की पूजाओं में एक खास बात यह है कि एडवम माह के पहले दिन से दीपाराधना के बाद अठारहवीं पाडी पर विशेष पाडी पूजा भी की जाएगी। यह पूजा सामान्य मासिक पूजाओं से अलग और अतिरिक्त रूप से आयोजित की जाती है, जो इस माह को और भी विशेष बना देती है। एडवम माह, जिसे 'इडावम' भी कहते हैं, मलयालम कैलेंडर का दसवां महीना है और आमतौर पर मई के मध्य यानी 14-15 मई के आसपास शुरू होता है।
बिना वर्चुअल कतार बुकिंग के नहीं मिलेगा प्रवेश
देवस्वम बोर्ड और पुलिस प्रशासन ने इस बार स्पष्ट कर दिया है कि सबरीमाला दर्शन के लिए आने वाले सभी श्रद्धालुओं को वर्चुअल कतार प्रणाली के माध्यम से पहले से स्लॉट बुक करना अनिवार्य होगा। बिना वर्चुअल कतार बुकिंग के किसी भी भक्त को दर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी। भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं को सुविधाजनक दर्शन दिलाने के मकसद से यह व्यवस्था लागू की गई है।
घर बैठे ऐसे करें दर्शन की बुकिंग, पूरी तरह निःशुल्क
सबसे पहले www.sabarimalaonline.org वेबसाइट पर जाएं और लॉगिन करें। अगर आप पहली बार बुकिंग कर रहे हैं तो 'पंजीकरण करें' बटन पर क्लिक करके अपना नाम, मोबाइल नंबर, फोटो और आधार कार्ड या वोटर आईडी जैसे पहचान पत्र की जानकारी भरें। पहले से खाता होने पर मोबाइल नंबर और पासवर्ड से लॉगिन कर सकते हैं। लॉगिन के बाद एक कैलेंडर दिखेगा जिसमें उपलब्ध तिथियां और समय स्लॉट दिखाई देंगे, अपनी पसंद का स्लॉट चुनें। एक खाते से पूरे समूह की बुकिंग की जा सकती है, लेकिन हर सदस्य की फोटो और पहचान पत्र की जानकारी देना जरूरी है। अरवाना और अप्पम जैसे प्रसाद भी ऑनलाइन पहले से बुक किए जा सकते हैं। सबमिट करने पर एक कूपन यानी रसीद मिलेगी, जिसे PDF में डाउनलोड करके प्रिंट करें या फोन में सेव रखें। मंदिर जाते समय यह कूपन और बुकिंग में इस्तेमाल किया गया मूल पहचान पत्र साथ ले जाना अनिवार्य है। पम्पा और नीलाक्कल चेकपोस्ट पर इसी कूपन की जांच होगी। सबसे अच्छी बात यह है कि यह पूरी बुकिंग प्रक्रिया बिल्कुल निःशुल्क है।