रूसी सेना से भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी की कोशिशें तेज, 55 अब भी फंसे; 140 भारतीयों की हुई स्वदेश वापसी

रूसी सेना से भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी की कोशिशें तेज, 55 अब भी फंसे; 140 भारतीयों की हुई स्वदेश वापसी

भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय संबंधों और कूटनीतिक मोर्चे पर चल रही उच्च स्तरीय बैठकों के बीच एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। भारत और रूस के बीच हाल ही में संपन्न हुई सलाहकार समिति की बैठक के बाद यह जानकारी सामने आई है कि रूसी सेना (Russian Armed Forces) में कथित तौर पर फंसे या भर्ती किए गए लगभग 140 भारतीय नागरिकों को सफलतापूर्वक सेवा से मुक्त कर दिया गया है। इसके साथ ही, भारत सरकार अब रूस के सशस्त्र बलों में अभी भी सेवा दे रहे अन्य 55 भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी और उनकी पूरी जानकारी हासिल करने के लिए लगातार मॉस्को के संपर्क में बनी हुई है।

समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय कूटनीतिक अधिकारियों ने ऐसे सभी नागरिकों को जल्द से जल्द और सुरक्षित तरीके से सेवा से मुक्त कराने के लिए रूसी अधिकारियों के साथ शीर्ष स्तर पर गंभीर बातचीत की है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहे हैं।

भारत-रूस सलाहकार समिति की बैठक में हुआ बड़ा खुलासा

इस महत्वपूर्ण सलाहकार समिति की बैठक के दौरान दोनों देशों के अधिकारियों के बीच कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक की जानकारी साझा करते हुए आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि भारत सरकार ने रूसी पक्ष के समक्ष इस मामले को पूरी दृढ़ता से उठाया है।

बैठक में यह आधिकारिक रूप से बताया गया, "भारतीय पक्ष रूसी सेना में कथित तौर पर मौजूद अन्य 55 भारतीय नागरिकों के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त करने और उनकी शीघ्र रिहाई के लिए रूसी अधिकारियों के निरंतर संपर्क में है। इसके साथ ही, भारत की कानून प्रवर्तन एजेंसियां और केंद्रीय एजेंसियां उन बेईमान और धोखेबाज एजेंटों के खिलाफ भी बहुत सख्त कानूनी कार्रवाई कर रही हैं, जिन्होंने भोले-भाले युवाओं को गुमराह कर रूस भेजा था।"

विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने साझा किए थे ताजा आंकड़े

इससे पहले, पिछले महीने विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने प्रेस को संबोधित करते हुए इस पूरे मामले से जुड़े ताजा और विस्तृत आंकड़े साझा किए थे। उस दौरान विदेश सचिव ने जानकारी दी थी कि कुल 227 भारतीय नागरिकों के बारे में जानकारी मिली थी जिन्हें रूसी सशस्त्र बलों में भर्ती किया गया था। इनमें से 139 नागरिकों को उस समय तक सेवा से मुक्त कराया जा चुका था, जबकि यह भी दुखद सत्य है कि इस दौरान 55 भारतीयों की जान चली गई थी।

विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने स्पष्ट किया था कि यह गंभीर मुद्दा रूस के साथ अलग-अलग स्तरों पर और विभिन्न कूटनीतिक अवसरों पर पूरी प्रमुखता से उठाया गया है। उन्होंने कहा था, "आखिरी गिनती के अनुसार, हमारे पास रूसी सेना में भर्ती किए गए कुल 227 भारतीय नागरिकों का डेटा था। उनमें से हमें यह आधिकारिक जानकारी मिली कि हमारे 139 नागरिकों को सेना से पूरी तरह मुक्त कर दिया गया है। हालांकि, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारे 55 ऐसे नागरिक भी हैं जिनकी अब तक विभिन्न कारणों से मौत हो चुकी है।"

भारत सरकार अभी भी रूसी सेना में मौजूद शेष भारतीयों की सुरक्षित वापसी के लिए मॉस्को के साथ कूटनीतिक स्तर पर लगातार संवाद बनाए हुए है ताकि सभी को जल्द से जल्द सुरक्षित स्वदेश लाया जा सके।