राहुल गांधी का संसद मार्ग थाने पर धरना: पैलेट गन पीड़ित के समर्थन में कांग्रेस नेता उतरे, भाजपा ने बताया ‘अराजकता’
दिल्ली के संसद मार्ग थाने के बाहर उस वक्त राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज हो गई जब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पैलेट गन से घायल हुए छात्र साहिल लोचन के समर्थन में धरने पर बैठ गए। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया है कि जब तक इस मामले में संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज नहीं की जाती, तब तक उनका यह धरना समाप्त नहीं होगा। इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बीच भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पार्टी पर जोरदार पलटवार करते हुए इस प्रदर्शन को "अराजकता की राजनीति" करार दिया है।
तीन घंटे से थाने के परिसर में बैठे हैं राहुल गांधी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राहुल गांधी दिल्ली के संसद मार्ग थाने के परिसर में पिछले 3 घंटे से धरने पर बैठे हुए हैं। उनके साथ बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भी मौजूद हैं और इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिसकर्मी लगातार उन्हें समझाने और शांत कराने का प्रयास कर रहे हैं।
पुलिस सूत्रों के हवाले से यह जानकारी सामने आई है कि पीड़ित साहिल द्वारा दी गई शिकायत को पुलिस ने ले लिया है। चूंकि जंतर-मंतर पर हुई हिंसा से जुड़े मामलों की जांच क्राइम ब्रांच द्वारा की जा रही है, इसलिए इस शिकायत को भी आगे की जांच के लिए क्राइम ब्रांच को सौंपा जाएगा।
पीड़ित साहिल लोचन ने बयां किया अपना दर्द
पैलेट गन की घटना का शिकार हुए साहिल लोचन ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि 20 जुलाई को कनॉट प्लेस के पास उन पर पैलेट गन से हमला किया गया था। इस गंभीर घटना के बाद उन्हें तुरंत लेडी हार्डिंग अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से बाद में उन्हें एम्स (AIIMS) रेफर कर दिया गया। एम्स में उनकी दो सर्जरी हुईं, लेकिन इसके बावजूद उनकी आंख की रोशनी पूरी तरह ठीक नहीं हुई है और उन्हें साफ दिखाई नहीं दे रहा है। पीड़ित का आरोप है कि उन्होंने 14 अगस्त को अपने वकील के माध्यम से 7 पेज की लिखित शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस ने अब तक इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की है।
भाजपा का तीखा हमला: ‘यह राजनीति से ध्यान भटकाने का प्रयास’
कांग्रेस के इस धरने और विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा सांसद रवि शंकर प्रसाद ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी ऐसी राजनीति में लिप्त हैं जिसे पूरी तरह से अराजक राजनीति कहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी बिना किसी पूर्व अनुमति या आधिकारिक सूचना के संसद स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पर धरने पर बैठ गए हैं।
रवि शंकर प्रसाद ने आगे कहा कि पुलिस ने उन्हें पहले ही सूचित कर दिया था कि इस घटना के संबंध में पूर्व में ही एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और मामले की निष्पक्ष जांच जारी है। इसके अलावा, माननीय सुप्रीम कोर्ट ने भी इसकी जांच के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया है। भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का यह कदम मुख्य रूप से वंदे मातरम् से जुड़े हालिया राजनीतिक और वैचारिक मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाने की एक सोची-समझी कोशिश है, जो यह साबित करता है कि वे देश के किसी भी कानून और नियम को नहीं मानते हैं।