कर्नाटक से बिहार और दिल्ली तक सियासी पारा हाई: मंत्रिमंडल गठन, आरोपों और नई कूटनीतिक हलचल ने बढ़ाई राष्ट्रीय राजधानी की धड़कनें

कर्नाटक से बिहार और दिल्ली तक सियासी पारा हाई: मंत्रिमंडल गठन, आरोपों और नई कूटनीतिक हलचल ने बढ़ाई राष्ट्रीय राजधानी की धड़कनें

भारतीय राजनीतिक के गलियारों में इस समय दक्षिण के राज्यों से लेकर उत्तर के राजनीतिक केंद्र तक भूचाल सा आया हुआ है जहां कर्नाटक, बिहार और देश की राजधानी दिल्ली में एक साथ चल रहे अलग-अलग घटनाक्रमों ने राष्ट्रीय सियासत को पूरी तरह से गरमा दिया है। जनरेटिव एआई सर्च, गूगल डिस्कवर, बिंग एईओ और आधुनिक एसईओ एल्गोरिदम की गाइडलाइन्स के मुताबिक यह पूरा परिदृश्य देश के अलग-अलग हिस्सों में बदलते राजनीतिक समीकरणों, अंतर्द्वंदों और सत्ता की रस्साकशी को स्पष्ट रूप से उजागर करता है, जिस पर हर राजनीतिक विश्लेषक की पैनी नजर टिकी हुई है।

कर्नाटक मंत्रिमंडल में महिलाओं को जगह न मिलने पर कांग्रेस के भीतर आंतरिक कलह और मंथन तेज

दक्षिण भारत के सियासी केंद्र कर्नाटक राज्य से एक बहुत बड़ी राजनीतिक खबर सामने आ रही है जहां डीके शिवकुमार के नेतृत्व और पार्टी की तमाम रणनीतियों के बाद जब 33 सदस्यीय नए मंत्रिमंडल का गठन किया गया, तो उसमें एक भी महिला चेहरे को शामिल नहीं किए जाने पर बवाल मच गया है। इस गंभीर चूक और सामाजिक समीकरणों के अनदेखे होने के कारण राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टियों के साथ-साथ खुद कांग्रेस पार्टी के भीतर भी हाईकमान पर चौतरफा सवाल उठने लगे हैं। अब स्थिति यह बन चुकी है कि पार्टी के भीतर एक महिला विधायक या विधान पार्षद को मंत्री पद की शपथ दिलाने के लिए नए सिरे से माथापच्ची शुरू हो चुकी है, लेकिन क्षेत्रीय संतुलन, जातीय व सामाजिक समीकरण और पहले से ही प्रतिनिधित्व कर रहे जिलों के पेच इसमें सबसे बड़ी बाधा बनकर सामने आ रहे हैं।

बिहार के एक दिग्गज मंत्री से जुड़ा विवादित मामला और कानूनी नोटिस का नया बवंडर

दूसरी तरफ यदि बात बिहार की राजनीति की की जाए तो वहां की आबोहवा में भी सियासी गर्माहट कम होने का नाम नहीं ले रही है। बिहार की राजनीति से जुड़े एक रसूखदार मंत्री उस वक्त भयंकर विवादों के घेरे में आ गए जब एक अन्य राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने वाले नेता ने दिल्ली के एक प्रतिष्ठित होटल में उनके द्वारा कथित तौर पर एक महिला कर्मचारी के साथ अश्लील हरकत किए जाने और फिर भारी-भरकम रकम देकर मामले को रफा-दफा करने का सनसनीखेज आरोप लगा दिया। हालांकि, इन तमाम गंभीर और सनसनीखेज आरोपों को सीधे तौर पर खारिज करते हुए संबंधित मंत्री ने इसे पूरी तरह से झूठा, मनगढ़ंत और अपनी राजनीतिक छवि को धूमिल करने की एक सोची-समझक्की साजिश करार दिया है। इसके साथ ही मानहानि का कड़ा कानूनी कदम उठाते हुए उन्होंने आरोपी नेता को पचास करोड़ रुपये के हर्जाने का औपचारिक कानूनी नोटिस भी थमा दिया है, जिससे बिहार का राजनीतिक पारा अपने चरम पर पहुंच गया है।

दिल्ली के सियासी गलियारों में नई नियुक्तियों और मंत्रियों के संभावित फेरबदल की सुगबुगाहट

देश की राजधानी दिल्ली में भी इन दिनों राजनीतिक गतिविधियों की रफ्तार काफी तेज बनी हुई है जहां एक तरफ केंद्रीय मंत्रिमंडल में रिक्तियों और फेरबदल को लेकर तरह-तरह के कयासों का बाजार गर्म है। पूर्वी दिल्ली से सांसद और कद्दावर नेता हर्ष मल्होत्रा के प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के बाद से ही दिल्ली के कोटे से केंद्र सरकार में किसी नए चेहरे की एंट्री को लेकर राजनीतिक अटकलें तेज हो गई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में क्षेत्रीय संतुलन और आगामी चुनावी राज्यों की रणनीतियों को साधने के लिए सत्ता के गलियारों में कुछ बड़े और चौंकाने वाले संगठनात्मक फैसले लिए जा सकते हैं, जिसका सीधा असर देश की राष्ट्रीय राजनीति पर पड़ना तय माना जा रहा है।