दुबई में मोटी सैलरी वाली नौकरी का झांसा देकर लाखों की ठगी: जम्मू-कश्मीर में फर्जी वीजा रैकेट बेनकाब, जानिए जालसाजों का हैरान करने वाला पैंतरा
जम्मू-कश्मीर में विदेश जाकर अपना भविष्य संवारने का सपना देखने वाले कई मासूम युवाओं के साथ लाखों रुपये की ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और विशेषकर दुबई में मोटी सैलरी वाली आकर्षक नौकरियां दिलाने का वादा करके एक शातिर गिरोह ने दर्जनों युवाओं को अपने जाल में फंसाया। पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त जांच में इस बड़े जॉब-सह-वीजा रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। पीड़ित युवाओं की शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मामला दर्ज कर फर्जी कंसल्टेंसी चलाने वाले मुख्य आरोपियों के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
विदेश में जॉब का झांसा और फर्जी वीजा का खेल
जांच में सामने आया कि यह गिरोह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और स्थानीय स्तर पर फर्जी विज्ञापनों के जरिए युवाओं को आकर्षित करता था। गिरोह के सदस्य खुद को पंजीकृत ओवरसीज रिक्रूटमेंट एजेंट बताते थे और दुबई की बहुराष्ट्रीय कंपनियों में स्टोर कीपर, ड्राइवर, सुपरवाइजर और सिक्योरिटी गार्ड जैसे पदों पर ऊंचे वेतन वाली नौकरी दिलाने की गारंटी देते थे। भरोसा जीतने के लिए आरोपियों ने पीड़ितों को फर्जी कंपनी लेटरहेड पर फर्जी अपॉइंटमेंट लेटर और क्यूआर कोड वाले जाली वीजा दिए। इसके एवज में प्रति उम्मीदवार ₹1.5 लाख से ₹3 लाख तक की भारी रकम ऐंठ ली गई।
एयरपोर्ट पर खुला राज: पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारियां
इस पूरे घोटाले की पोल तब खुली जब कुछ युवा अपने वीजा और टिकट लेकर दुबई जाने के लिए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे। वहां इमिग्रेशन जांच के दौरान अधिकारियों ने उनके वीजा और दस्तावेज पूरी तरह जाली पाए। धोखा खाने का अहसास होते ही पीड़ितों ने जब संबंधित एजेंटों से संपर्क करने की कोशिश की, तो उनके मोबाइल नंबर बंद मिले और उनके कार्यालयों पर ताले लटके पाए गए। इसके बाद पीड़ितों ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरोह के ठिकानों पर छापेमारी की, जहां से भारी मात्रा में फर्जी पासपोर्ट, जाली मोहरें, फर्जी ऑफर लेटर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं।
विदेश में नौकरी तलाश रहे युवा फर्जीवाड़े से कैसे बचें?
विदेश में रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं को सलाह दी गई है कि वे किसी भी अनधिकृत एजेंट या कंसल्टेंसी के झांसे में न आएं। विदेश मंत्रालय के 'eMigrate' पोर्टल पर जाकर रिक्रूटमेंट एजेंट के रजिस्ट्रेशन नंबर की जांच अवश्य करें। किसी भी व्यक्ति या एजेंसी को वीजा शुल्क के नाम पर बिना रसीद या बिना पुख्ता सत्यापन के नकद राशि न दें। इसके अलावा, संबंधित देश के दूतावास की आधिकारिक वेबसाइट से वीजा स्टेटस की पुष्टि जरूर कराएं।