यूपी, बिहार से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक भारी बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट, जानिए हिमाचल-उत्तराखंड में भूस्खलन की चेतावनी पर मौसम विभाग का ताजा अपडेट
देश भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता ने मैदानी इलाकों से लेकर पूर्वोत्तर के सुदूर जंगलों और हिमालयी चोटियों तक मौसमी हलचल को तेज कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा साप्ताहिक पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, उत्तरी ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल के ऊपर बना शक्तिशाली कम दबाव का क्षेत्र (Low-Pressure Area) अब मध्य और पूर्वी भारत की ओर धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है। इसके समानांतर, मानसून ट्रफ का पूर्वी छोर सामान्य स्थिति के करीब बना हुआ है, जबकि हिमालय की तलहटी में लगातार नमी से भरी मानसूनी हवाएं टकरा रही हैं।
इस बहुस्तरीय वेदर सिस्टम के चलते राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में 22 अगस्त 2026 तक रुक-रुक कर रिमझिम फुहारें, बूंदाबांदी और बादलों की आवाजाही का सिलसिला बना रहेगा। वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय में भारी से अत्यंत भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने (Lightning Strikes) का व्यापक अलर्ट जारी किया गया है। पहाड़ी राज्यों—हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड—में भारी वर्षा के कारण भूस्खलन और जलभराव का खतरा अपने चरम पर है।
दिल्ली-एनसीआर में 22 अगस्त तक का मौसम: हल्की बारिश और उमस का दोहरा वार
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद के निवासियों के लिए मौसम विभाग ने पूरे सप्ताह यानी 22 अगस्त तक का विस्तृत वेदर प्रोफाइल साझा किया है:
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रुक-रुक कर फुहारें, लेकिन भारी बारिश की संभावना कम: दिल्ली-एनसीआर के ऊपर सीधे तौर पर मानसून ट्रफ की मजबूत अक्ष रेखा न होने के कारण यहां मूसलाधार या जलभराव वाली भीषण बारिश के आसार कम हैं। हालांकि, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण दिन में आंशिक से लेकर सामान्य रूप से बादल छाए रहेंगे और सुबह से दोपहर के बीच 1 से 2 स्पेल में हल्की बारिश या बूंदाबांदी दर्ज की जाएगी।
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तापमान और उमस की स्थिति: दिल्ली के मानक सफदरजंग मौसम केंद्र पर अधिकतम तापमान 32°C से 35°C और न्यूनतम तापमान 26°C से 28°C के बीच रहने का अनुमान है। वातावरण में आर्द्रता (Humidity) का स्तर 65% से 88% के उच्च दायरे में रहने के कारण लोगों को उमस भरी चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ेगा।
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दैनिक ट्रेंड: 17 और 18 अगस्त को बादलों के बीच हल्की बौछारें पड़ेंगी। 19, 20 और 21 अगस्त को दोपहर बाद स्थानीय संवहन (Local Convection) के चलते कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ थोड़ी तेज फुहारें आ सकती हैं। 22 अगस्त को भी हल्की रिमझिम फुहारों के साथ आसमान में बादलों का डेरा बना रहेगा।
उत्तर प्रदेश और बिहार में मूसलाधार बारिश: 21 अगस्त तक वज्रपात और आंधी का साया
गंगा के मैदानी इलाकों में कम दबाव के क्षेत्र और चक्रवाती परिसंचरण का असर सबसे सघन रूप से महसूस किया जा रहा है:
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उत्तर प्रदेश का हाल: पश्चिमी यूपी के जिलों (नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, अलीगढ़, मथुरा और आगरा) से लेकर पूर्वी यूपी (लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, बहराइच, गोंडा, बस्ती, मिर्जापुर और सोनभद्र) तक मौसम सक्रिय रहेगा। विशेषकर पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में 21 अगस्त तक भारी से बहुत भारी बारिश (Heavy to Very Heavy Rain) होने और 50 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। लखनऊ में अधिकतम तापमान 31°C से 33°C के करीब दर्ज होगा।
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बिहार में वज्रपात (Lightning) की गंभीर चेतावनी: मौसम विभाग ने बिहार के 20 से अधिक जिलों के लिए 'येलो' और 'ऑरेंज' अलर्ट जारी किया है। पटना, गया, नालंदा, नवादा, औरंगाबाद, रोहतास, कैमूर, भागलपुर, पूर्णिया, कटिहार, अररिया, किशनगंज और समस्तीपुर में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश होगी। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने किसानों और ग्रामीणों को आकाशीय बिजली चमकने के दौरान खुले खेतों, पिलरों या ऊंचे पेड़ों के नीचे न खड़े होने की सख्त एडवाइजरी जारी की है।
अरुणाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर भारत: ब्रह्मपुत्र घाटी में भारी जलप्रलय का खतरा
पूर्वोत्तर भारत में बंगाल की खाड़ी से उठने वाली दक्षिण-पश्चिमी मानसूनी हवाओं का सीधा प्रवाह बना हुआ है:
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अरुणाचल प्रदेश में अलर्ट: पहाड़ी राज्य अरुणाचल प्रदेश के पासीघाट, तवांग, ईटानगर, चांगलांग और लोअर दिबांग घाटी में अगले 4 से 5 दिनों तक अत्यधिक भारी वर्षा (Extremely Heavy Showers) की संभावना है। अचानक पानी के तेज बहाव और पहाड़ी नालों में उफान से कई संपर्क मार्ग अवरुद्ध हो सकते हैं।
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असम और मेघालय: असम की ब्रह्मपुत्र घाटी और मेघालय के चेरापूंजी व मासिनराम बेल्ट में लगातार मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। काजीरंगा और निचले असम के जिलों में नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
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नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: इन राज्यों में भी व्यापक स्तर पर गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश का पूर्वानुमान है।
पहाड़ों पर आफत: उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन और फ्लैश फ्लड की चेतावनी
पश्चिमी विक्षोभ और मानसूनी हवाओं के संगम से पहाड़ी राज्यों की स्थिति लगातार संवेदनशील बनी हुई है:
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उत्तराखंड में ऑरेंज अलर्ट और चारधाम मार्ग: देहरादून, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत, बागेश्वर और उत्तरकाशी में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट घोषित है। भारी वर्षा के कारण बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्गों पर लैंडस्लाइड (भूस्खलन) और बोल्डर गिरने का खतरा मंडरा रहा है। राज्य प्रशासन ने चारधाम और हेमकुंड साहिब के तीर्थयात्रियों से मौसम का सटीक अपडेट देखकर ही सुरक्षित पड़ावों पर रुकते हुए यात्रा करने की अपील की है।
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हिमाचल प्रदेश में नदी-नालों का उफान: शिमला, मनाली, कुल्लू, मंडी, कांगड़ा, सिरमौर, चंबा और सोलन में 21 अगस्त तक बारिश का दौर तेज रहेगा। ब्यास, पार्वती, रावी और सतलुज नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों को नदी तटों और कच्चे नालों के पास जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।
मध्य और पश्चिमी भारत: मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा का मिजाज
देश के बाकी हिस्सों में भी मानसूनी बारिश का असर अलग-अलग रूपों में नजर आएगा:
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मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़: पूर्वी मध्य प्रदेश (जबलपुर, शहडोल, रीवा, सागर) और छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों में अगले 72 घंटों तक भारी बारिश का अलर्ट है। भोपाल और इंदौर में रुक-रुक कर बारिश होगी।
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पंजाब और हरियाणा: पंजाब के पठानकोट, होशियारपुर, अमृतसर, जालंधर, रूपनगर और फाजिल्का में तेज हवाओं और आंधी के साथ भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। हरियाणा के उत्तरी जिलों में बादलों की गर्जना के साथ बौछारें पड़ेंगी।
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राजस्थान: पूर्वी राजस्थान (कोटा, उदयपुर, भरतपुर) में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि पश्चिमी राजस्थान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और धूप निकलने से मौसम उमस भरा रहेगा।
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गुजरात और महाराष्ट्र: दक्षिण गुजरात (वलसाड, नवसारी, सूरत) तथा कोंकण-गोवा क्षेत्र में मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला 20 अगस्त तक जारी रहेगा।
मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन की जरूरी सुरक्षा एडवाइजरी
मूसलाधार बारिश, तेज आंधी और आकाशीय बिजली की संभावना को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और स्थानीय प्रशासनों ने आम नागरिकों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
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जलजमाव वाले रास्तों से बचें: भारी बारिश के दौरान अंडरपास, जलमग्न सड़कों और तेज बहाव वाले रपटों को वाहन से पार करने का जोखिम न उठाएं।
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खराब मौसम में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बंद रखें: तेज बादलों की गर्जना और आकाशीय बिजली चमकने के समय टीवी, फ्रिज और कंप्यूटर जैसे संवेदनशील इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें और पक्के मकानों में शरण लें।
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पेड़ों और जर्जर इमारतों से दूरी: तेज आंधी के दौरान कमजोर पेड़ों, होर्डिंग्स, टीन शेड और बिजली के खंभों के पास बिल्कुल न रुकें।
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पहाड़ी इलाकों में अनावश्यक यात्रा टालें: भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, रिवर राफ्टिंग और ट्रेकिंग ट्रेल्स पर जाने से पूरी तरह परहेज करें।
22 अगस्त 2026 तक देश के एक बड़े हिस्से में मानसूनी बादल पूरी ताकत से बरसेंगे। मैदानी इलाकों में उमस और बारिश का मिला-जुला असर रहेगा, जबकि पर्वतीय और पूर्वोत्तर के राज्यों को प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए अगले एक हफ्ते तक अत्यधिक सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। यात्रा या दैनिक कार्यों पर निकलने से पहले आईएमडी (IMD) और स्थानीय ट्रैफिक पुलिस के लाइव बुलेटिन पर जरूर नजर रखें।