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IRFC OFS: रेलवे की इस दिग्गज कंपनी में हिस्सेदारी बेचेगी सरकार, बाजार भाव से सस्ते दाम पर शेयर खरीदने का बड़ा मौका

शेयर बाजार के निवेशकों और रेलवे स्टॉक में रुचि रखने वालों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण खबर आ रही है। भारतीय रेलवे की वित्तीय रीढ़ मानी जाने वाली सरकारी कंपनी 'इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्पोरेशन' (IRFC) को लेकर केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार इस नवरत्न कंपनी में 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) के जरिए अपनी 2 प्रतिशत तक की हिस्सेदारी बेचने की पूरी तैयारी कर चुकी है। इस विनिवेश (Disinvestment) के जरिए सरकार का लक्ष्य बाजार से एक भारी-भरकम फंड जुटाना है। यदि आप भी शेयर बाजार में निवेश करते हैं या कमाई का कोई बेहतरीन मौका ढूंढ रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है।

क्या है सरकार का पूरा प्लान और 'ग्रीनशू ऑप्शन'?

केंद्र सरकार की तरफ से इस हिस्सेदारी बिक्री को लेकर विस्तृत योजना साझा की गई है। तय रणनीति के मुताबिक, सरकार शुरुआत में आईआरएफसी (IRFC) की 1 फीसदी इक्विटी हिस्सेदारी बाजार में बिक्री के लिए उतारेगी। यदि इस हिस्सेदारी को निवेशकों की तरफ से शानदार रिस्पॉन्स मिलता है और मांग ज्यादा रहती है, तो सरकार 'ग्रीनशू ऑप्शन' (Greenshoe Option) का इस्तेमाल करेगी। इस ऑप्शन के तहत अतिरिक्त 1 फीसदी हिस्सेदारी और बेची जाएगी। यानी कुल मिलाकर 2 फीसदी शेयर बाजार में निवेशकों के लिए उपलब्ध होंगे।

'DIPAM' ने दी जानकारी, जानिए कब खुलेगा आपके लिए यह मौका

निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पहले ट्विटर) पर आधिकारिक जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) बुधवार से निवेशकों के लिए लाइव हो रहा है।

इसकी समयसारणी को दो हिस्सों में बांटा गया है:

  • बुधवार (पहला दिन): इस दिन केवल गैर-रिटेल (Non-Retail) यानी संस्थागत निवेशक (Institutional Investors) ही शेयरों के लिए अपनी बोली लगा सकेंगे।

  • गुरुवार (दूसरा दिन): आम जनता यानी छोटे और हमारे-आपके जैसे रिटेल (Retail) निवेशकों के लिए यह विंडो गुरुवार को खुलेगी, जहां वे सस्ते दाम पर शेयरों के लिए आवेदन कर सकेंगे।

बाजार भाव से भारी डिस्काउंट: 91 रुपये तय हुआ फ्लोर प्राइस

इस ऑफर फॉर सेल की सबसे आकर्षक बात इसकी कीमत है। सरकार ने इस बिक्री के लिए 'फ्लोर प्राइस' (न्यूनतम कीमत) 91 रुपये प्रति शेयर तय की है। गौर करने वाली बात यह है कि पिछले कारोबारी सत्र यानी मंगलवार को बाजार बंद होने पर IRFC का शेयर 98.37 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। इसका सीधा मतलब यह है कि सरकार आम निवेशकों को मौजूदा बाजार भाव (Market Price) से करीब 7.5% के आकर्षक डिस्काउंट यानी सस्ते दाम पर शेयर ऑफर कर रही है। इस पूरी प्रक्रिया के तहत कुल 26.13 करोड़ शेयर बेचे जाने की उम्मीद है, जिससे सरकारी खजाने में 2,300 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि आएगी।

क्यों जरूरी है सरकार के लिए यह कदम?

'ऑफर फॉर सेल' (OFS) एक ऐसा आसान जरिया है जिसके तहत किसी भी लिस्टेड कंपनी के प्रमोटर (इस मामले में भारत सरकार) स्टॉक एक्सचेंज के माध्यम से सीधे अपनी हिस्सेदारी आम और संस्थागत निवेशकों को बेच सकते हैं। इससे पहले भी सरकार ने आईआरएफसी में अपनी 4 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की कोशिश की थी, लेकिन उस दौरान बाजार की परिस्थितियों के चलते केवल 1.71 फीसदी शेयर ही बिक पाए थे।

वर्तमान में इस कंपनी के भीतर सरकार की कुल हिस्सेदारी 84.65 फीसदी है। दरअसल, केंद्र सरकार ने इस चालू वित्तीय वर्ष (FY27) के बजट में विनिवेश (Disinvestment Target) के जरिए कुल 80,000 करोड़ रुपये जुटाने का एक बड़ा लक्ष्य रखा है। आईआरएफसी में हिस्सेदारी बेचने का यह हालिया कदम इसी बड़े टारगेट को पूरा करने की कड़ी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

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