असम में अवैध वन्यजीव तस्करी का पर्दाफाश: एसटीएफ ने 6 लाख रुपये के हाथी दांत के साथ दो तस्करों को किया गिरफ्तार
असम के तामुलपुर जिले से वन्यजीव संरक्षण और तस्करों के खिलाफ एक बड़ी और बेहद सफल कार्रवाई सामने आई है। राज्य पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक गुप्त सूचना के आधार पर ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए दो शातिर तस्करों को रंगे हाथों दबोच लिया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 6 लाख रुपये की कीमत के हाथी के दो बहुमूल्य दांत बरामद किए गए हैं। असम में वन्यजीवों के अंगों की अवैध खरीद-फरोख्त और तस्करी के बढ़ते मामलों के बीच एसटीएफ की इस बड़ी कामयाबी से अपराधियों में हड़कंप मच गया है।
तामुलपुर के बंगालीपाड़ा में एसटीएफ का सफल ऑपरेशन
पुलिस अधिकारियों से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, असम पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने शुक्रवार की देर रात तामुलपुर जिले के बंगालीपाड़ा इलाके में एक विशेष अभियान चलाया था। इस सटीक ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने दो तस्करों को धर दबोचा और उनके पास से हाथी के दो बड़े दांत बरामद किए। जब्द किए गए दोनों हाथी दांतों का वजन क्रमशः 2.09 किलोग्राम और 1.97 किलोग्राम पाया गया है। शुरुआती पूछताछ और जांच में यह बात सामने आई है कि ये आरोपी इन हाथी दांतों को बाजार में ऊंचे दामों पर बेचने की फिराक में थे और इसके लिए उन्होंने 1.5 लाख रुपये प्रति किलोग्राम की दर तय की थी।
वन विभाग को सौंपे गए आरोपी, अंतर-राज्यीय नेटवर्क की तलाश जारी
पुलिस ने गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों और बरामद किए गए हाथी दांतों को आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत स्थानीय वन विभाग (Forest Department) को सौंप दिया है। इस मामले में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम (Wildlife Protection Act) के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह मामला केवल दो छोटे तस्करों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार असम और देश के अन्य हिस्सों में फैले एक बड़े अंतर-राज्यीय और अखिल भारतीय वन्यजीव तस्करी नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस अब इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि इन तस्करों को हाथी के ये दांत कहां से मिले थे और इस अवैध सिंडिकेट में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।