बंगाल विधानसभा में हाई-वोल्टेज ड्रामा: शुभेंदु सरकार का बड़ा फैसला-अब लाइव दिखेगी सदन की कार्यवाही
सत्ता परिवर्तन के बाद विधानसभा का पहला सत्र पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन के बाद विधानसभा का पहला सत्र हंगामेदार रहा। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की सरकार ने सदन की पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए घोषणा की है कि अब विधानसभा की कार्यवाही का लाइव टेलीकास्ट (सीधा प्रसारण) किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस फैसले से जनता यह जान सकेगी कि उनके प्रतिनिधि सदन के भीतर जनहित के मुद्दों को कैसे उठा रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सदन संवैधानिक सिद्धांतों और स्थापित नियमों के आधार पर ही चलेगा।
TMC के 'पोस्ट-पोल हिंसा' के आरोपों पर तीखी बहस सदन के भीतर विपक्ष के नेता सोभनदेब चट्टोपाध्याय (TMC) ने राज्य में चुनाव के बाद हुई कथित हिंसा का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। चट्टोपाध्याय ने आरोप लगाया कि चुनाव नतीजों के बाद राज्य के कई हिस्सों में हिंसा हुई है, जिससे डरे-सहमे लोग अपने घर छोड़कर भागने को मजबूर हुए हैं। उन्होंने सरकार से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और विस्थापितों की घर वापसी की मांग की।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का जवाब: 'जांच के बाद ही होगी कार्रवाई' विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उनकी सरकार के पास फिलहाल ऐसी किसी संगठित हिंसा की जानकारी नहीं है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि:
अगर कोई भी व्यक्ति विस्थापित हुआ है, तो पुलिस और प्रशासन उन्हें सुरक्षित घर पहुंचाने का काम करेंगे।
हिंसा की किसी भी शिकायत की उचित जांच की जाएगी।
दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह किसी भी दल का क्यों न हो।
सदन में बोलने का समय सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच 50-50 के आधार पर बांटा जाएगा ताकि लोकतंत्र में असहमति की आवाज को भी जगह मिले।
रथिंद्र बोस बने निर्विरोध स्पीकर, TMC का वॉकआउट विधानसभा सत्र के दौरान भाजपा विधायक रथिंद्र बोस को निर्विरोध बंगाल विधानसभा का स्पीकर चुना गया। वह उत्तर बंगाल से इस प्रतिष्ठित पद पर पहुंचने वाले पहले विधायक बन गए हैं। हालांकि, स्पीकर के चुनाव की प्रक्रिया के दौरान टीएमसी सदस्यों ने सदन से वॉकआउट किया। विपक्षी सदस्यों ने आरोप लगाया कि भाजपा विधायकों ने सदन में 'चोर-चोर' के नारे लगाए, जिससे आहत होकर उन्होंने कुछ देर के लिए सदन की कार्यवाही का बहिष्कार किया।
RG कर केस और IPS अफसरों पर गाज मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती ममता सरकार के कार्यकाल के दौरान हुए बहुचर्चित आरजी कर मेडिकल कॉलेज रेप-मर्डर केस का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में 3 आईपीएस अधिकारियों को पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उनकी सरकार कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर है और किसी भी स्तर पर प्रशासनिक कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।