असम के गुवाहाटी में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त: सड़कों पर सैलाब और जलभराव से लोग परेशान
पूर्वोत्तर भारत के प्रमुख व्यावसायिक और सांस्कृतिक केंद्र गुवाहाटी में मौसम ने एक बार फिर विकराल रूप धारण कर लिया है। सोमवार रात से शुरू हुई मूसलाधार और लगातार बारिश के कारण असम की इस राजधानी का जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। शहर के अधिकांश निचले इलाकों, प्रमुख सड़कों और रिहायशी कॉलोनियों में भारी जलजमाव होने से आम नागरिकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पानी भरने के कारण सुबह दफ्तर जाने वाले लोगों और स्कूली बच्चों को भारी ट्रैफिक जाम और आवाजाही की समस्याओं से दो-चार होना पड़ा। मानसून की इस बेमौसम या तीव्र बारिश ने एक बार फिर गुवाहाटी के ड्रेनेज सिस्टम और नगर निगम की तैयारियों की पोल खोलकर रख दी है, जिससे स्थानीय नागरिकों में प्रशासन के खिलाफ गहरी नाराजगी देखी जा रही है।
मूसलाधार बारिश से शहर के कई इलाके जलमग्न
सोमवार की रात से शुरू हुई झमाझम बारिश बिना रुके लगातार जारी रही, जिसके परिणामस्वरूप गुवाहाटी के कई महत्वपूर्ण और निचले इलाके पूरी तरह से जलमग्न हो गए। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कई मुख्य मार्गों पर पानी घुटनों तक भर गया। जलभराव के कारण दोपहिया और चार पहिया वाहन चालकों को पानी के बीच से गुजरने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। कई स्थानों पर वाहन बीच रास्ते में ही बंद हो गए, जिससे यातायात की रफ्तार पूरी तरह से थम गई। शहर के प्रसिद्ध गुवाहाटी क्लब इलाके और उसके आसपास की सड़कों पर भारी जलजमाव देखा गया, जहां से गुजरने वाले राहगीरों और यात्रियों को भयंकर परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्थानीय निवासियों का कहना है कि शहर में थोड़ी सी भी भारी बारिश होते ही जलभराव एक आम समस्या बन जाती है, जिससे रोजाना का कामकाज बुरी तरह प्रभावित होता है।
बारोवारी इलाके में गिरा भारी भरकम पेड़, वाहन क्षतिग्रस्त
इस भारी बारिश और तेज हवाओं के बीच गुवाहाटी के बारोवारी क्षेत्र से एक बड़े हादसे की खबर सामने आई। बारिश के दौरान नमी और तेज दबाव के कारण बारोवारी इलाके में एक विशालकाय पुराना पेड़ अचानक उखड़कर सड़क पर आ गिरा। इस दुर्घटना की चपेट में आने से वहां खड़े एक चार पहिया वाहन (कार) और एक स्कूटर को भारी नुकसान पहुंचा और दोनों वाहन बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए। गनीमत यह रही कि जिस समय पेड़ गिरा, उस वक्त वहां कोई पैदल यात्री या वाहन चालक मौजूद नहीं था, अन्यथा एक बड़ा जान-माल का नुकसान हो सकता था। हालांकि, पेड़ के सड़क के बीचों-बीच गिरने से यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया और दोनों तरफ वाहनों लंबी कतारें लग गईं। बाद में स्थानीय लोगों और आपदा प्रबंधन की टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद पेड़ को हटाकर रास्ता साफ किया।
बार-बार होने वाले जलभराव से नागरिकों में रोष और चिंता
गुवाहाटी में जलभराव की यह समस्या कोई नई नहीं है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर इसके स्थायी समाधान के अभाव में हर साल मानसून या भारी बारिश के दौरान लोगों को नरकीय जीवन जीने के लिए मजबूर होना पड़ता है। शहर में बार-बार उत्पन्न होने वाली इस जलभराव की समस्या को लेकर नागरिकों ने गहरी चिंता और असंतोष व्यक्त किया है। लोगों का आरोप है कि शहर के नालों और ड्रेनेज सिस्टम की समय पर उचित सफाई नहीं की जाती है, जिसके कारण बारिश का पानी सुचारू रूप से निकल नहीं पाता और सड़कों पर तालाब जैसी स्थिति बन जाती है। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने एक बार फिर जिला प्रशासन और गुवाहाटी नगर निगम (GMMC) से पुरजोर मांग की है कि शहर की जल निकासी व्यवस्था (ड्रेनेज सिस्टम) को तत्काल प्रभाव से दुरुस्त किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की आपदाओं से आम जनता को राहत मिल सके।