महाराष्ट्र के यवतमाल में दिल दहला देने वाला हादसा: उफनती नदी में बही कार, पति ने पेड़ पकड़कर बचाई जान, पत्नी और दो मासूम बेटियों की मौत
देश के कई हिस्सों में इन दिनों मानसून अपना बेहद खतरनाक और रौद्र रूप दिखा रहा है। असम और ओडिशा से लेकर महाराष्ट्र तक बाढ़ और मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। इसी बीच महाराष्ट्र के यवतमाल जिले से एक ऐसा दर्दनाक और दिल को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए। भारी बारिश के बाद उफान पर आई कुप्ती नदी के तेज बहाव को पार करने के दौरान एक एसयूवी (SUV) कार पानी में समा गई। इस भीषण हादसे में परिवार के मुखिया ने तो जैसे-तैसे पेड़ की एक शाखा को पकड़कर अपनी जान बचा ली, लेकिन उसकी पत्नी और दो मासूम बेटियां कार के साथ नदी के तेज बहाव में बह गईं। प्रशासनिक टीमों द्वारा चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद तीनों के शव और गाड़ी को बरामद कर लिया गया है।
अंधेरे में पुल पार करना पड़ा भारी
यह हृदय विदारक घटना गुरुवार की रात की है, जब अविनाश खंडारे अपने परिवार के साथ अहिल्यानगर जिले के लोनी इलाके की ओर जा रहे थे। इस दौरान दरव्हा इलाके में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते कुप्ती नदी का जलस्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया था और उफनता हुआ पानी पुल के ऊपर से बह रहा था।
परिवार के सदस्यों से मिली जानकारी के मुताबिक, अविनाश खंडारे और उनका परिवार रालेगांव में अपनी पत्नी माधवी के मायके गए थे। वहां कुछ वक्त बिताने और रात का खाना खाने के बाद उन्होंने देर रात अपनी वापसी का सफर शुरू किया था। लापरवाही यह रही कि अंधेरे में सही अंदाजा न होने के कारण अविनाश ने उफनते पानी और तेज बहाव के बीच ही पुल को पार करने की कोशिश की, जिससे कार अनियंत्रित होकर सीधे नदी में जा गिरी।
आंखों के सामने बह गया हंसता-खेलता परिवार
जैसे ही कार पानी के तेज बहाव में बहने लगी, अविनाश खंडारे ने सूझबूझ दिखाते हुए पास के ही एक पेड़ की शाखा को पकड़कर खुद को सुरक्षित कर लिया। उन्होंने अपनी एक बेटी का हाथ पकड़कर उसे भी बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन बाढ़ का पानी इतना उग्र और तेज था कि वह बच्ची उनके हाथ से छूट गई और पलक झपकते ही नजरों से ओझल हो गई। अविनाश पूरी तरह बेबस होकर अपनी आंखों के सामने अपनी पत्नी माधवी और दोनों छोटी बेटियों को कार के साथ पानी में बहते देखने के लिए मजबूर थे।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय आपदा प्रबंधन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। प्रशासन ने पूरी रात राहत और बचाव अभियान चलाया। बचाव दल ने रात करीब 1:30 बजे पेड़ से सुरक्षित नीचे उतारे गए अविनाश को तुरंत इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। इसके बाद शुक्रवार को चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान मां और दोनों बेटियों के शव बरामद कर लिए गए, साथ ही उनकी डूबी हुई कार भी मिल गई है।
महाराष्ट्र में अगले 5 दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट
इस दुखद घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि खराब मौसम और उफनती नदियों के बीच जरा सी लापरवाही कितनी भारी पड़ सकती है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने महाराष्ट्र के कई जिलों में पहले से ही व्यापक बारिश की भविष्यवाणी करते हुए रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किए हुए हैं। जुलाई के महीने में भी राज्य में बारिश से जुड़ी विभिन्न घटनाओं में 13 लोगों की जान जा चुकी है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 5 दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश का यह तांडव जारी रहेगा। इसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने राहत अभियान तेज कर दिए हैं और निचले इलाकों तथा संवेदनशील जगहों पर रहने वाले सैकड़ों परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने का काम किया जा रहा है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा करने से बचें और उफनते नालों या पुलों को पार करने की जोखिम भरी कोशिश बिल्कुल न करें।