उत्तराखंड के चमोली में बादल फटने से कुदरत का भयंकर तांडव: ताश के पत्तों की तरह बहा पुल और गाड़ियां, कई लोग लापता, बदरीनाथ हाईवे हुआ बंद
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में मानसून की भारी बारिश और कुदरत का कहर रुकने का नाम नहीं ले रहा है। राज्य के सीमांत जिले चमोली में तड़के अचानक बादल फटने से भयानक तबाही मच गई। उफनते नाले और पहाड़ों से मलबा-पत्थर बहकर आने के कारण देखते ही देखते बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) का एक वैली ब्रिज खिलौने की तरह बह गया। इस अचानक आए सैलाब में कई वाहन बह गए हैं और सीमा सड़क संगठन के कुछ कर्मचारियों के लापता होने की आशंका जताई जा रही है। इस प्राकृतिक आपदा के चलते बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग कई जगहों पर पूरी तरह से बाधित हो गया है, जिससे सैकड़ों यात्री और स्थानीय लोग फंसे हुए हैं। प्रशासन, पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने में जुटे हुए हैं।
तड़के 3 बजे आया सैलाब: ताश के पत्तों की तरह ढह गया बीआरओ का मजबूत पुल
स्थानीय लोगों और प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा तड़के उस समय हुआ जब ज्यादातर लोग सो रहे थे। पहाड़ी के ऊपरी इलाके में बादल फटने के कारण नालों का जलस्तर अचानक कई फीट बढ़ गया। पानी के साथ भारी मात्रा में भारी-भरकम बोल्डर और मलबा तेजी से नीचे की ओर आया। सैलाब का वेग इतना प्रचंड था कि मार्ग को जोड़ने वाला बीआरओ का लोहे का वैली ब्रिज ताश के पत्तों की तरह ढह गया और पानी के तेज बहाव में बह गया। पुल के बह जाने से सीमांत इलाकों का संपर्क पूरी तरह कट गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पानी का शोर और पत्थरों की गड़गड़ाहट इतनी भयानक थी कि पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
कई गाड़ियां मलबे में बहीं, सीमा सड़क संगठन के कर्मचारी हुए लापता
घटना के समय सड़क किनारे और बीआरओ कैंप के पास खड़े कई वाहन, जिनमें भारी डंपर, जेसीबी और स्थानीय लोगों की कारें शामिल थीं, पानी के तेज बहाव में तिनके की तरह बह गए। कई गाड़ियां मलबे के नीचे दब गई हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि आपदा के बाद से बीआरओ के कुछ कर्मचारी और स्थानीय मजदूर लापता बताए जा रहे हैं, जो घटना के समय पास के शेड या वाहनों में मौजूद थे। जिला प्रशासन और पुलिस बल मलबे में दबे और लापता हुए लोगों की खोजबीन के लिए युद्धस्तर पर तलाशी अभियान चला रहे हैं। हालांकि, लगातार गिर रहे पत्थरों और खराब मौसम के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह ठप: सैकड़ों तीर्थयात्री और वाहन फंसे
बादल फटने और भूस्खलन के कारण प्रसिद्ध बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-539) कई स्थानों पर पूरी तरह से बंद हो गया है। पुल ढहने और सड़क का बड़ा हिस्सा धंसने के कारण वाहनों की आवाजाही ठप पड़ गई है। इसके चलते बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब की यात्रा पर जा रहे सैकड़ों तीर्थयात्री और पर्यटक बीच रास्ते में सुरक्षित स्थानों पर फंसे हुए हैं। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर तीर्थयात्रियों को जोशीमठ, पीपलकोटी और चमोली में बने राहत शिविरों व सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया है। हाईवे को दोबारा खोलने के लिए बीआरओ की भारी मशीनरी और पोकलैंड मशीनों को मलबे की सफाई में लगाया गया है, लेकिन लगातार हो रही बारिश से काम में बाधा आ रही है।
राहत और बचाव कार्य में जुटीं एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीमें
आपदा की सूचना मिलते ही चमोली के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक भारी पुलिस बल और आपदा प्रबंधन टीमों के साथ मौके पर पहुंच गए हैं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) की कई टीमें आधुनिक उपकरणों और स्निफर डॉग्स के साथ मलबे में जिंदगी की तलाश कर रही हैं। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन के पैकेट और पीने का पानी पहुंचाने के इंतजाम किए जा रहे हैं। घायलों को त्वरित इलाज देने के लिए एंबुलेंस और मेडिकल टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। पहाड़ी इलाकों में मोबाइल नेटवर्क बाधित होने की वजह से भी सूचनाएं जुटाने और रेस्क्यू टीम से संपर्क साधने में परेशानियां आ रही हैं।
मौसम विभाग की चेतावनी: अगले 48 घंटे चमोली समेत कई जिलों के लिए भारी
मौसम विभाग ने चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ सहित उत्तराखंड के कई संवेदनशील पहाड़ी जिलों के लिए अगले 48 घंटों का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग ने भारी से अत्यधिक भारी बारिश और कई जगहों पर भूस्खलन व बादल फटने जैसी घटनाओं की चेतावनी दी है। मुख्यमंत्री ने स्थिति का संज्ञान लेते हुए आपदा नियंत्रण कक्ष से पल-पल की रिपोर्ट ली है और सभी जिलाधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों से अपील की है कि वे उफनती नदियों, बरसाती नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के पास बिल्कुल न जाएं और केवल बहुत जरूरी होने पर ही यात्रा करें।