ओवर स्पीडिंग पर सिर्फ चालान नहीं, अब 3 महीने के लिए सस्पेंड होगा ड्राइविंग लाइसेंस; ट्रैफिक पुलिस ने कड़े किए नियम

ओवर स्पीडिंग पर सिर्फ चालान नहीं, अब 3 महीने के लिए सस्पेंड होगा ड्राइविंग लाइसेंस; ट्रैफिक पुलिस ने कड़े किए नियम

सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग (RTO) ने सख्त रुख अपनाया है। अक्सर वाहन चालक यह सोचते हैं कि ओवर स्पीडिंग (तय गति सीमा से तेज गाड़ी चलाना) पकड़े जाने पर केवल ऑनलाइन ई-चालान भरकर बचा जा सकता है। लेकिन मोटर वाहन संशोधन अधिनियम की धारा 19, केंद्रीय मोटर वाहन नियम और सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा समिति (Supreme Court Committee on Road Safety) के स्पष्ट दिशा-निर्देशों के तहत, ओवर स्पीडिंग के मामले में चालान के साथ-साथ ड्राइविंग लाइसेंस (DL) को कम से कम 3 महीने के लिए सस्पेंड (निलंबित) करने का कड़ा कानूनी प्रावधान है।

किन-किन गलतियों पर कटता है 3 महीने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस?

यातायात नियमों के अनुसार, केवल ओवर स्पीडिंग ही नहीं, बल्कि कई गंभीर उल्लंघनों पर आरटीओ द्वारा 3 महीने का सस्पेंशन लागू किया जाता है:

  • ओवर स्पीडिंग (Over Speeding): शहर, एक्सप्रेसवे या नेशनल हाईवे पर निर्धारित गति सीमा से अधिक रफ्तार में वाहन चलाना।

  • रेड लाइट जंप करना (Jumping Red Light): ट्रैफिक सिग्नल तोड़कर तेजी से गाड़ी निकालना।

  • ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल: वाहन चलाते समय हाथ में फोन लेकर बात करना, टेक्स्ट करना या वीडियो देखना।

  • शराब पीकर गाड़ी चलाना (Drunk Driving): पहली बार पकड़े जाने पर न्यूनतम 6 महीने का निलंबन, भारी जुर्माना और जेल की सजा का प्रावधान।

  • कमर्शियल वाहनों में ओवरलोडिंग और खतरनाक ड्राइविंग: क्षमता से अधिक भार ढोना या बिना हेलमेट/सीटबेल्ट बार-बार नियम तोड़ना।

कैसे काम करता है ऑटोमैटिक स्पीड कैमरा और लाइसेंस सस्पेंशन का सिस्टम?

आजकल देश के सभी प्रमुख नेशनल हाईवे, एक्सप्रेसवे और बड़े शहरों के मुख्य चौराहों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) और लेजर-बेस्ड हाई-स्पीड कैमरे लगे हुए हैं:

  • ऑटोमैटिक कैप्चर: जैसे ही कोई वाहन तय स्पीड लिमिट (जैसे 60, 80 या 100 किमी/घंटा) से ऊपर निकलता है, कैमरा उसकी गति और गाड़ी की नंबर प्लेट कैप्चर कर लेता है।

  • ई-चालान और आरटीओ को सिफारिश: वाहन स्वामी के मोबाइल पर ई-चालान जेनरेट होता है। यदि गति बहुत अधिक (खतरनाक ड्राइविंग) है या बार-बार ओवर स्पीडिंग की जा रही है, तो ट्रैफिक पुलिस का सिस्टम सीधे संबंधित आरटीओ को लाइसेंस सस्पेंशन की सिफारिश भेज देता है।

  • सारथी पोर्टल पर डिजिटल ब्लॉकिंग: आरटीओ द्वारा नोटिस जारी होने के बाद केंद्रीय 'सारथी' (Sarathi) डेटाबेस में संबंधित ड्राइविंग लाइसेंस का स्टेटस 'सस्पेंडेड' दर्ज कर दिया जाता है।

3 महीने के सस्पेंशन के दौरान गाड़ी चलाने पर क्या होगा?

यदि आपका ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड हो चुका है और उस 3 महीने की अवधि के दौरान आप दोबारा गाड़ी चलाते हुए पकड़े जाते हैं, तो इसे अत्यंत गंभीर अपराध माना जाता है:

  • धारा 182 के तहत कार्रवाई: सस्पेंशन पीरियड में ड्राइविंग करने पर भारी जुर्माना (₹10,000 तक) और जेल की सजा हो सकती है।

  • स्थायी रद्दीकरण (Permanent Revocation): बार-बार नियमों की अनदेखी करने पर आरटीओ आपके ड्राइविंग लाइसेंस को स्थायी रूप से रद्द कर सकता है, जिसके बाद आप नया लाइसेंस भी नहीं बनवा पाएंगे।

  • बीमा क्लेम खारिज: यदि सस्पेंशन के दौरान कोई दुर्घटना हो जाती है, तो बीमा कंपनी किसी भी तरह के थर्ड-पार्टी या खुद के नुकसान का क्लेम पूरी तरह खारिज कर देती है।

सस्पेंशन की अवधि पूरी होने के बाद कैसे बहाल होता है लाइसेंस?

  • निर्धारित 3 महीने की अवधि समाप्त होने और सभी लंबित चालानों का भुगतान करने के बाद सारथी पोर्टल पर स्टेटस स्वतः अपडेट हो जाता है।

  • कुछ राज्यों में लाइसेंस दोबारा एक्टिव कराने के लिए वाहन चालक को ट्रैफिक ट्रेनिंग स्कूल या रिफ्रेशर कोर्स पूरा करने का सर्टिफिकेट आरटीओ में जमा करना होता है।

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