अगले 5 दिनों तक आफत बनेंगे बादल! दिल्ली, यूपी, बिहार समेत 21 राज्यों में मूसलाधार बारिश और आंधी का IMD अलर्ट
देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता के चलते मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ताजा मौसम बुलेटिन जारी करते हुए देश के 21 राज्यों में अगले 5 दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। बंगाल की खाड़ी और झारखंड-बिहार के ऊपर बने डिप्रेशन और मानसूनी ट्रफ के सक्रिय होने के कारण उत्तर, मध्य, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में घने बादलों का डेरा जम चुका है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस दौरान कई इलाकों में 60 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और तेज गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की गंभीर आशंका है।
दिल्ली-एनसीआर और मैदानी इलाकों का हाल
राजधानी दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में मानसूनी बारिश का नया दौर शुरू हो रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि दिल्ली-एनसीआर में रुक-रुक कर मध्यम से भारी बारिश दर्ज की जाएगी, जिससे उमस भरी गर्मी से तो राहत मिलेगी, लेकिन निचले इलाकों और प्रमुख सड़कों पर जलभराव और ट्रैफिक जाम की समस्या बढ़ सकती है। इसके साथ ही पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कई जिलों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की गति से आंधी चलने और मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया गया है।
उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी
उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी संभागों में मानसून का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर, बरेली और मेरठ समेत कई जिलों में बादलों की सक्रियता बनी रहेगी। वहीं बिहार के पटना, गया, भागलपुर, पूर्णिया और मुजफ्फरपुर में वज्रपात के साथ भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के ऊपर सक्रिय चक्रवाती दबाव के कारण अगले 48 से 72 घंटों में कई संभागों में अत्यधिक भारी वर्षा हो सकती है।
पहाड़ी राज्यों में लैंडस्लाइड और फ्लैश फ्लड का बड़ा खतरा
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के पर्वतीय इलाकों में मौसम सबसे ज्यादा संवेदनशील बना हुआ है। देहरादून, नैनीताल, टिहरी, पौड़ी, बागेश्वर, शिमला, कुल्लू और मंडी में अत्यधिक भारी वर्षा (Extremely Heavy Spells) की चेतावनी दी गई है। पहाड़ों पर लगातार होने वाली मूसलाधार बारिश से भूस्खलन (Landslide), चट्टानें खिसकने और पहाड़ी नदियों के उफान पर आने से फ्लैश फ्लड का खतरा गहरा गया है। स्थानीय प्रशासन ने चारधाम यात्रा और पर्वतीय मार्गों पर आवाजाही करने वाले यात्रियों और पर्यटकों को बेहद सतर्क रहने व अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के राज्यों का पूर्वानुमान
पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, असम, मेघालय और त्रिपुरा में भी मानसूनी बारिश की तीव्रता बनी रहेगी। दक्षिण भारत के तटीय राज्यों जैसे केरल, कर्नाटक, तेलंगाना और महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र में भी समुद्र तटीय तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की संभावना है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त चेतावनी जारी की गई है।
मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन की जरूरी एडवाइजरी
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गरज-चमक और आकाशीय बिजली कड़कने के समय किसी भी पुराने पेड़, धातु के खंभे या खुले टीन शेड के नीचे शरण न लें।
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किसान खेतों में काम करते समय मौसम की स्थिति पर नजर रखें और खुले में जाने से बचें।
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जलभराव वाले रास्तों, अंडरपास और कमजोर पुल-पुलियों से वाहन निकालने से बचें।
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किसी भी लंबी दूरी की यात्रा शुरू करने से पहले राज्य आपदा प्रबंधन और मौसम विभाग के 'नाउकास्ट' (Nowcast) बुलेटिन को अवश्य चेक करें।