BRO फंड घोटाला: CBI का बड़ा एक्शन! यूपी-बिहार से लेकर लद्दाख तक 11 राज्यों में 26 जगहों पर ताबड़तोड़ छापेमारी

BRO फंड घोटाला: CBI का बड़ा एक्शन! यूपी-बिहार से लेकर लद्दाख तक 11 राज्यों में 26 जगहों पर ताबड़तोड़ छापेमारी

देश के सीमावर्ती इलाकों में इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने वाले सीमा सड़क संगठन (BRO) में एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। बीआरओ फंड के भारी दुरुपयोग को लेकर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने एक बड़ा देशव्यापी ऑपरेशन चलाया है। जांच एजेंसी ने इस मामले में दर्ज चार आपराधिक मुकदमों के आधार पर 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक साथ 26 अलग-अलग ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की है।

इन 11 राज्यों में सीबीआई ने दी दबिश

सीबीआई का यह सर्च ऑपरेशन देश के बड़े हिस्से में चलाया गया। जांच एजेंसी की टीमों ने एक साथ दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, असम, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में छापेमारी की है। अधिकारियों के मुताबिक, इस सघन तलाशी अभियान के दौरान कई अहम और गोपनीय दस्तावेज़ों के साथ-साथ भारी मात्रा में डिजिटल साक्ष्य भी बरामद किए गए हैं, जिनकी बारीकी से जांच की जा रही है।

लद्दाख में 'प्रोजेक्ट विजयक' और 'योजक' में बड़ा खेल

दरअसल, यह पूरा मामला केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में चलाए जा रहे बीआरओ के महत्वपूर्ण 'प्रोजेक्ट विजयक' और 'प्रोजेक्ट योजक' से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि इन प्रोजेक्ट्स के तहत मजदूरों की तैनाती में भारी धांधली की गई। कागजों पर फर्जी मजदूरों की एंट्री दिखाकर उनके नाम पर करोड़ों रुपये का भुगतान निकाल लिया गया और सरकारी खजाने को भारी चूना लगाया गया।

रक्षा मंत्रालय की शिकायत पर दर्ज हुई 4 FIR

इस बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब बीआरओ के 'टेक्निकल बोर्ड ऑफ ऑफिसर्स' ने मामले की आंतरिक जांच की। इस विभागीय जांच में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं पाई गईं। इसके बाद रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सीधे आपराधिक शिकायत दर्ज कराई। इसी शिकायत के आधार पर सीबीआई ने तेजी दिखाते हुए चार अलग-अलग एफआईआर (FIR) दर्ज कर अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

इन गंभीर धाराओं में हो रही है जांच

सूत्रों के अनुसार, यह सिर्फ लापरवाही का नहीं, बल्कि एक सुनियोजित आपराधिक साजिश का मामला है। आरोपियों के खिलाफ सरकारी फंड का गलत इस्तेमाल करने, धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक विश्वासघात, आपराधिक कदाचार और रिश्वतखोरी जैसी गंभीर धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। सीबीआई अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे सिंडिकेट में बीआरओ के कौन-कौन से अधिकारी और ठेकेदार शामिल हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में कई बड़ी गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।

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