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Assam Cabinet Big Decision: असम में 18 साल से ऊपर वालों का अब नहीं बनेगा आधार कार्ड, सीएम हिमंता बिस्वा सरमा का बड़ा ऐलान

असम सरकार ने राज्य में आधार कार्ड (Aadhaar Card) के नियमों को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा फैसला किया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को कैबिनेट बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि असम मंत्रिमंडल ने नए आधार कार्ड जारी करने की प्रक्रिया पर एक कड़ा निर्णय लिया है। इसके तहत अब राज्य में 18 वर्ष से अधिक उम्र के नए आवेदकों को आधार कार्ड जारी नहीं किया जाएगा।

हालांकि, सरकार ने राज्य के कुछ विशेष वर्गों को इसमें बड़ी रियायत दी है। अनुसूचित जनजाति (ST), अनुसूचित जाति (SC) और चाय बागान (Tea Garden) समुदाय से जुड़े लोगों को इस नियम से फिलहाल बाहर रखा गया है। इन विशिष्ट समुदायों के पात्र लोग मार्च 2027 तक अपने नए आधार कार्ड के लिए आवेदन कर सकेंगे और उन्हें यह सुविधा मिलती रहेगी।

गुवाहाटी पर दबाव कम करने के लिए बनेगा नया 'सैटेलाइट टाउन'

आधार कार्ड के कड़े नियमों के अलावा मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्य में शहरी विकास (Urban Development) को रफ्तार देने के लिए एक और ऐतिहासिक घोषणा की। असम कैबिनेट ने गुवाहाटी महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) क्षेत्र के अंतर्गत एक अत्याधुनिक और नए सैटेलाइट शहर (Satellite City) के निर्माण को मंजूरी दे दी है। इस महापरियोजना का मुख्य उद्देश्य तेजी से बढ़ते महानगर गुवाहाटी पर आबादी और ट्रैफिक के बढ़ते दबाव को कम करना है, साथ ही इसके आसपास के इलाकों में वर्ल्ड-क्लास बुनियादी ढांचा और नागरिक सुविधाएं विकसित करना है।

नीति आयोग की बैठक में गूंजी 'भौगोलिक समानता' की मांग

शुक्रवार को नई दिल्ली में नीति आयोग (Niti Aayog) द्वारा आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में सीएम सरमा ने पूर्वोत्तर के सभी मुख्यमंत्रियों और मुख्य सचिवों के साथ हिस्सा लिया था। इस मंच से उन्होंने देश के सामने "भौगोलिक समानता" पर आधारित एक नए विकास मॉडल की वकालत की। मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि वर्ष 2047 तक 'विकसित भारत' (Viksit Bharat @2047) के विजन को पूरा करने के लिए केवल देश की जीडीपी या आर्थिक प्रगति को देखना काफी नहीं होगा। बल्कि यह सुनिश्चित करना होगा कि विकास का पहिया देश के सुदूर क्षेत्रों और हर पिछड़े समाज तक पहुंचे।

मुख्यधारा में लौटा पूर्वोत्तर, 'एक्ट ईस्ट नीति' से बदली तस्वीर

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि पहले के दौर में पूर्वोत्तर भारत (North East India) राष्ट्रीय नीतियों और चर्चाओं के हाशिये पर रहता था, लेकिन आज यह देश के रणनीतिक और आर्थिक फैसलों का केंद्र बन चुका है। पिछले कुछ वर्षों में पूरे नॉर्थ-ईस्ट में सड़क, रेलवे और हवाई कनेक्टिविटी का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। क्षेत्र में आई स्थायी शांति, मजबूत बुनियादी ढांचे और केंद्र सरकार की 'एक्ट ईस्ट नीति' (Act East Policy) के प्रभावी क्रियान्वयन से असम समेत पूरे पूर्वोत्तर का महत्व वैश्विक स्तर पर काफी बढ़ गया है।

असम में आ रहा है रिकॉर्ड निवेश, बढ़ रहे हैं रोजगार के मौके

राज्य की आर्थिक तरक्की का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि असम अब देश और दुनिया के बड़े निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है। सरकार की अनुकूल नीतियों के कारण राज्य में मैन्युफैक्चरिंग (Manufacturing), लॉजिस्टिक्स (Logistics), रिन्यूएबल एनर्जी (सौर ऊर्जा) और टेक्नोलॉजी जैसे बड़े सेक्टर्स में भारी निवेश आ रहा है। यह बढ़ता हुआ इंडस्ट्रियल निवेश न केवल असम की अर्थव्यवस्था को एक नई मजबूती दे रहा है, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के लाखों नए और आधुनिक अवसर भी पैदा कर रहा है।

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