Assam Budget 2026: असम में दूसरी शादी करने वालों की खैर नहीं! बहुविवाह करने पर सरकारी योजनाओं का लाभ बंद, नौकरी से भी हो सकते हैं बर्खास्त

Assam Budget 2026: असम में दूसरी शादी करने वालों की खैर नहीं! बहुविवाह करने पर सरकारी योजनाओं का लाभ बंद, नौकरी से भी हो सकते हैं बर्खास्त

असम की राज्य सरकार ने सामाजिक सुधार और महिला अधिकारों की रक्षा की दिशा में एक बेहद ऐतिहासिक और कड़ा कदम उठाया है। असम बजट 2026 (Assam Budget 2026) को विधानसभा में पेश करते हुए राज्य के वित्त मंत्री जयंत मल्ल बरुआ (Jayanta Malla Baruah) ने बहुविवाह (Polygamy / Multiple Marriage) को लेकर एक बेहद बड़ा और चौंकाने वाला विधायी प्रस्ताव रखा है।

सरकार द्वारा जारी नए नीतिगत दिशा-निर्देशों के मुताबिक, अब असम राज्य में यदि कोई भी पुरुष एक से अधिक शादी (बहुविवाह) करता है, तो उसे असम सरकार द्वारा चलाई जा रही किसी भी लोक-कल्याणकारी योजना (Government Schemes) का लाभ नहीं दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि यह सख्त फैसला महिलाओं के कानूनी व सामाजिक अधिकारों की रक्षा करने और लैंगिक समानता (Gender Justice) सुनिश्चित करने के लिए बेहद जरूरी हो गया था।

आइए जानते हैं असम बजट 2026 में बहुविवाह और अन्य वित्तीय मोर्चों पर किए गए 5 सबसे बड़े और महत्वपूर्ण ऐलान:

1. सरकारी कर्मचारियों पर गिरेगी गाज, नौकरी से होंगे बर्खास्त

बजट प्रस्ताव में केवल आम नागरिकों पर ही बंदिशें नहीं लगाई गई हैं, बल्कि सरकारी सेवकों के लिए भी कड़े नियम तय किए गए हैं। बजट के मुताबिक, यदि असम सरकार का कोई भी सेवारत कर्मचारी (Government Employee) बहुविवाह या बिना पहली पत्नी को कानूनी तलाक दिए दूसरी शादी करने का दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ तत्काल प्रभाव से कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

इसके तहत दोषी कर्मचारी को सीधे सरकारी नौकरी से बर्खास्त (Terminate) भी किया जा सकेगा। इस कानूनी कार्रवाई को आसान और अचूक बनाने के लिए सरकार 'Assam Services (Discipline and Appeal) Rules, 1964' में एक बड़ा संशोधन करने की पूरी तैयारी कर चुकी है।

2. अपराधियों को भी नहीं मिलेगा सरकारी योजनाओं का फायदा

वित्त मंत्री ने बजट भाषण के दौरान एक और बेहद कड़े सामाजिक सुधार का प्रस्ताव रखा। इसके तहत, राज्य के किसी भी न्यायालय द्वारा किसी भी आपराधिक कानून के अंतर्गत गंभीर अपराधों में दोषी (Convicted) ठहराए गए अपराधियों को भी राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के दायरे से पूरी तरह बाहर कर दिया जाएगा। सरकार का मुख्य उद्देश्य समाज में ईमानदारी, पारदर्शिता और जिम्मेदार नागरिकता (Responsible Citizenship) की भावना को बढ़ावा देना है।

3. असम बहुविवाह निषेध कानून 2025: 7 साल की जेल का है प्रावधान

आपको बता दें कि असम विधानसभा पिछले साल ही 'असम बहुविवाह निषेध विधेयक, 2025' को पूर्ण बहुमत से पारित कर चुकी है। इस सख्त कानून के तहत पहली शादी को कानूनी रूप से खत्म किए बिना या पहली पत्नी की जानकारी के बिना दूसरी शादी रचाने या इस तथ्य को छिपाने पर दोषी पुरुष को अधिकतम 7 साल की कठोर जेल और भारी जुर्माने की सजा का प्रावधान है। हालांकि, यह विशिष्ट कानून भारतीय संविधान की छठी अनुसूची (Sixth Schedule) के अंतर्गत आने वाले स्वायत्त क्षेत्रों और राज्य की अनुसूचित जनजातियों (ST) पर उनकी पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था के कारण लागू नहीं होगा।

4. अगस्त से शुरू होंगी योजनाएं, PNG पर वैट 10% घटा

असम में पूर्व में संपन्न हुई चुनाव प्रक्रियाओं के कारण नियमित बजट समय पर पेश नहीं हो सका था। सरकार ने घोषणा की है कि आगामी अगस्त महीने से राज्य की सभी रुकी हुई प्रमुख कल्याणकारी योजनाएं दोबारा पूरी गति से शुरू की जाएंगी, जिसके लिए 6,000 करोड़ रुपये से अधिक का भारी-भरकम वित्तीय प्रावधान किया गया है।

इसके अलावा, 2.85 लाख करोड़ रुपये के इस कुल वार्षिक बजट में छोटे चाय उत्पादकों (Small Tea Growers) को बड़ी राहत देते हुए टैक्स छूट की सीमा को सीधे चार गुना बढ़ा दिया गया है। साथ ही, आम जनता की रसोई को राहत देते हुए पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) पर लगने वाले वैट (VAT) में करीब 10% की बड़ी कटौती का प्रस्ताव किया गया है।

5. युवाओं के लिए बंपर ऑफर: 5 साल में मिलेंगी 2 लाख सरकारी नौकरियां

बेरोजगारी से निपटने और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए वित्त मंत्री ने रोजगार के मोर्चों पर एक बड़ा बजटीय वादा किया है। असम सरकार का आगामी 5 वर्षों में राज्य के युवाओं को 2 लाख से अधिक सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र (PSUs) की नौकरियां उपलब्ध कराने का एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य है। रिक्त पड़े सभी पुराने पदों को तेजी से भरने के साथ-साथ विभिन्न विभागों में नए पदों का सृजन भी किया जाएगा। गौरतलब है कि राज्य सरकार पिछले पांच सालों में 1.64 लाख से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां दे चुकी है।

सरकार का मुख्य विजन: असम वित्त मंत्रालय के अनुसार, इन कड़े फैसलों का उद्देश्य केवल बजट के पैसों का सही आवंटन करना नहीं है, बल्कि समाज में महिला सशक्तिकरण को धरातल पर उतारना और बहुविवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों पर हमेशा के लिए लगाम लगाना है।

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