फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट में टर्बुलेंस: हवा में 300 फीट नीचे गिरा प्लेन
आसमान में अचानक आए खतरनाक टर्बुलेंस (Turbulence) ने एक बार फिर यात्रियों की सांसे थाम दीं। फुकेट से नई दिल्ली आ रही एयर इंडिया (Air India) की एक फ्लाइट अचानक हवा में ही भयंकर एयर pockets में फंस गई। स्थिति इतनी डरावनी थी कि महज कुछ सेकंड के भीतर विमान करीब 300 फीट नीचे आ गिरा। इस भयानक झटके और उथल-पुथल के कारण विमान में सवार 10 यात्री और 4 क्रू मेंबर गंभीर रूप से घायल हो गए। विमान के भीतर मची अफरा-तफरी और इस दिल दहला देने वाली घटना ने एक बार फिर उड़ान के दौरान सुरक्षा मानकों और सीट बेल्ट पहनने की अनिवार्यता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अचानक आए झटकों से थर्राया आसमान
मिली जानकारी के अनुसार, एयर इंडिया की यह फ्लाइट फुकेट अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरकर सुरक्षित रूप से दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट की तरफ बढ़ रही थी। उड़ान का सफर सामान्य चल रहा था और यात्री अपनी सीटों पर आराम कर रहे थे। तभी अचानक विमान एक ऐसे वायुमंडलीय क्षेत्र (Atmospheric Turbulence) में जा पहुंचा जहां हवा का दबाव और गति बेहद असामान्य थी। पायलट को संभलने का मौका तक नहीं मिला और विमान एक जोरदार झटके के साथ अचानक नीचे की ओर धंस गया।
केबिन के अंदर मच गई चीख-पुकार
जैसे ही विमान 300 फीट नीचे गिरा, केबिन के भीतर चीख-पुकार मच गई। जिन यात्रियों ने सीट बेल्ट नहीं बांधी थी, वे अपनी सीटों से उछलकर सीधे छत और लगेजबिन से जा टकराए। कई यात्रियों के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। विमान में मौजूद क्रू मेंबर, जो उस वक्त यात्रियों की सेवा में जुटे थे, वे भी इस अचानक आए टर्बुलेंस की चपेट में आकर बुरी तरह घायल हो गए। विमान के भीतर का सामान और खाने-पीने की ट्रे इधर-उधर बिखर गईं, जिससे स्थिति और भी ज्यादा भयावह हो गई।
एयरपोर्ट पर उतरा विमान, घायलों को तुरंत भेजा गया अस्पताल
पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए विमान पर नियंत्रण पाया और स्थिति को संभालते हुए दिल्ली एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग कराई। विमान के उतरते ही एम्बुलेंस और मेडिकल टीम को तुरंत रनवे पर तैनात कर दिया गया। घायलों को तुरंत प्राथमिक उपचार दिया गया और गंभीर रूप से चोटिल यात्रियों व क्रू मेंबर को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। एयर इंडिया के अधिकारियों ने इस घटना पर दुख जताते हुए कहा है कि एयरलाइन की टीम सभी घायलों और उनके परिवारों को हरसंभव चिकित्सीय और प्रशासनिक सहायता प्रदान कर रही है। विमानन सुरक्षा से जुड़ी एजेंसियां इस पूरे मामले की जांच कर रही हैं कि आखिर इस वेदर फिनोमिना का पहले से अनुमान क्यों नहीं लगाया जा सका था।