अभिषेक बनर्जी की संपत्तियों पर एक्शन: CM शुभेंदु अधिकारी को मिली 24 ठिकानों की लिस्ट

अभिषेक बनर्जी की संपत्तियों पर एक्शन: CM शुभेंदु अधिकारी को मिली 24 ठिकानों की लिस्ट

पश्चिम बंगाल की राजनीति में मचे घमासान के बीच अब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। राज्य के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के बड़े दावों के बाद कोलकाता नगर निगम (KMC) के अधिकारियों और इंजीनियरों ने अभिषेक बनर्जी और उनके परिवार से जुड़ी संपत्तियों की सरगर्मी से जांच शुरू कर दी है। खबर है कि जांच को रफ्तार देने के लिए नगर निगम के अधिकारियों ने रविवार (छुट्टी के दिन) को भी दफ्तर खोलकर फाइलों और रिकॉर्ड्स को खंगाला।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का बड़ा दावा: 'लीप्स एंड बाउंड्स' की फाइलें मेरे पास

इस पूरे मामले को हवा तब मिली जब मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने फाल्टा में आयोजित बीजेपी कार्यकर्ताओं की एक विशाल रैली में मंच से बड़ा एलान किया। शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि उन्हें 'लीप्स एंड बाउंड्स' नामक निजी कंपनी की संपत्तियों से संबंधित महत्वपूर्ण फाइलें मिल गई हैं, जिसका सीधा कनेक्शन अभिषेक बनर्जी से है। मुख्यमंत्री ने कहा, "मैंने कोलकाता नगर निगम से रिपोर्ट मांगी थी और मुझे दक्षिण 24 परगना जिले के आमतला में स्थित एक आलीशान कार्यालय समेत दो दर्जन (24) संपत्तियों का पूरा विवरण मिल गया है। अब मेरे पास 'भतीजे' की संपत्तियों की पूरी लिस्ट है और बहुत जल्द इनकी आधिकारिक जांच शुरू कराई जाएगी।"

भर्ती घोटाले से जुड़े हैं तार? नगर निगम के प्रॉपर्टी रिकॉर्ड्स की बारीकी से जांच

सूत्रों के मुताबिक, केएमसी के इंजीनियरों और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे नगर निगम के प्रॉपर्टी एसेसमेंट रिकॉर्ड्स की बारीकी से पड़ताल करें। जांच के दायरे में अभिषेक बनर्जी, उनके माता-पिता और उनकी कथित कंपनी 'लीप्स एंड बाउंड्स' से जुड़े सभी ठिकाने शामिल हैं। आरोप है कि यह प्राइवेट कंपनी बंगाल के बहुचर्चित शिक्षक भर्ती घोटाले के मनी ट्रेल (काले धन के लेन-देन) से जुड़ी हो सकती है। हालांकि, अभिषेक बनर्जी इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर चुके हैं और उन्होंने इसे पूरी तरह राजनीति से प्रेरित और द्वेषपूर्ण कार्रवाई बताया है।

नक्शों की भी हो रही है स्क्रूटनी: कहीं अवैध निर्माण तो नहीं?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस जांच की प्रक्रिया को बेहद गोपनीय और व्यवस्थित तरीके से अंजाम दिया जा रहा है। सबसे पहले नगर निगम के असेसमेंट डिपार्टमेंट (Assessment Department) ने अपने सरकारी कागजातों को खंगालकर अभिषेक बनर्जी और उनके करीबियों के नाम पर दर्ज संपत्तियों के पते और म्यूटेशन नंबर निकाले।

इसके बाद, तैयार की गई इस लिस्ट को नगर निगम के ही बिल्डिंग डिपार्टमेंट (भवन निर्माण विभाग) को सौंप दिया गया है। अब यह विभाग इस बात की जांच कर रहा है कि इन आलीशान इमारतों और दफ्तरों को बनाने के लिए जो नक्शा पास कराया गया था, उसमें कोई हेरफेर या अवैध निर्माण तो नहीं किया गया है। हालांकि, इस पूरे मामले पर कोलकाता नगर निगम की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

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