MP Politics : दफ्तरों में नोट के बिना काम नहीं होता उमा दीदी के इस बयान ने मचा दिया भोपाल में हड़कंप

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News India Live, Digital Desk : मध्य प्रदेश की राजनीति (MP Politics) हमेशा सुर्खियों में रहती है, लेकिन इस बार मामला थोड़ा अलग और चौंकाने वाला है। अक्सर हम विपक्ष को सरकार पर आरोप लगाते हुए देखते हैं, लेकिन जब घर का ही कोई बड़ा बुजुर्ग या सीनियर लीडर अपनी सरकार को आइना दिखाए, तो समझ लीजिये बात गहरी है।

जी हाँ, हम बात कर रहे हैं फायरब्रांड नेता और मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती (Uma Bharti) की। उन्होंने हाल ही में एक ऐसा बयान दिया है जिसने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है।

'लोग बहुत गुस्से में हैं'

उमा भारती ने सीधे शब्दों में कहा है कि मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार (Corruption) चरम पर पहुंच गया है और आम जनता इस बात से बेहद नाराज है। उनका कहना है कि सरकारी दफ्तरों में, थानों में और तहसीलों में जिस तरह से काम हो रहा है, उससे लोग परेशान हो चुके हैं।

उमा जी ने एक बहुत बड़ी बात कही "लोगों के अंदर गुस्सा भरा हुआ है। अगर समय रहते इसे नहीं सुधारा गया, तो इसका परिणाम अच्छा नहीं होगा।" एक सीनियर लीडर की तरफ से ऐसा बयान आना सरकार के लिए किसी चेतावनी (Warning) से कम नहीं है।

'अधिकारी राज' पर साधा निशाना

उमा भारती का इशारा सीधे तौर पर अफसरशाही (Bureaucracy) की तरफ था। उनका मानना है कि नेता तो ठीक हैं, लेकिन सिस्टम में बैठे कुछ अधिकारी बेलगाम हो चुके हैं। उनका कहना है कि "योजनाएं बहुत अच्छी हैं, सरकार की नीयत साफ़ है, लेकिन जब उसे जमीन पर उतारने की बारी आती है, तो बीच में करप्शन का दीमक लग जाता है।"

हिंदुओं की एकता बनाम बुनियादी मुद्दे

अपनी बातचीत में उमा भारती ने हिंदुओं के एक होने की बात तो की, लेकिन उन्होंने यह भी साफ़ किया कि सिर्फ धार्मिक मुद्दों से पेट नहीं भरता। उनका कहना था कि अगर हम रोटी, रोजगार और ईमानदारी से काम नहीं देंगे, तो जनता माफ नहीं करेगी।

राजनीति में हलचल

उमा भारती के इस बेबाक अंदाज़ ने विपक्ष को बैठे-बिठाए मुद्दा दे दिया है। कांग्रेस अब पूछ रही है कि जब पूर्व सीएम खुद कह रही हैं कि 'भ्रष्टाचार' है, तो फिर सरकार क्या कर रही है? वहीं, बीजेपी खेमे में इस बयान को लेकर सन्नाटा है।

आपका क्या सोचना है?

दोस्तों, उमा भारती की आदत है सच को बेबाकी से बोलने की। कई लोग इसे उनकी 'नाराज़गी' कह रहे हैं तो कई इसे 'जनता की आवाज़'। एक आम नागरिक होने के नाते, क्या आपको भी लगता है कि दफ्तरों में काम करवाने के लिए वाकई पापड़ बेलने पड़ते हैं?

खैर, देखना यह होगा कि सरकार 'उमा दीदी' की इस सलाह को कितनी गंभीरता से लेती है। मध्य प्रदेश की हर खबर पर हम नजर बनाए हुए हैं।