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April 10 2026 05:36 pm

झारखंड पुलिस में मातम राइफल साफ करते समय चली गोली, सीने में लगी और मौके पर ही शहीद हो गया जवान

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News India Live, Digital Desk: झारखंड के खूंटी जिले से एक बेहद हृदयविदारक खबर सामने आई है। जिला बल के एक जवान की अपनी ही सर्विस राइफल (INSAS) साफ करने के दौरान दुर्घटनावश चली गोली से मौत हो गई। यह घटना मंगलवार, 24 मार्च 2026 की दोपहर पुलिस लाइन के बैरक में हुई। गोली सीधे जवान के सीने के पार निकल गई, जिससे उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला। इस दर्दनाक हादसे ने पुलिस महकमे की सुरक्षा ड्रिल और हथियारों के रखरखाव के दौरान बरती जाने वाली सावधानी पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

1. ड्यूटी पर जाने की तैयारी और वो काल का क्षण

मृतक जवान की पहचान कांस्टेबल सुमित उरांव के रूप में हुई है, जो मूल रूप से लोहरदगा जिले के रहने वाले थे।

घटनाक्रम: सुमित अपनी दोपहर की शिफ्ट की ड्यूटी पर जाने के लिए तैयार हो रहे थे। बैरक में अपनी राइफल की सफाई (Cleaning) के दौरान अचानक ट्रिगर दब गया।

चैम्बर में थी गोली: माना जा रहा है कि राइफल के चैम्बर में एक राउंड गोली फंसी रह गई थी, जिसे अनलोड किए बिना सफाई शुरू कर दी गई। गोली चलने की आवाज सुनकर साथ रह रहे अन्य जवान दौड़कर आए, लेकिन तब तक सुमित खून से लथपथ होकर गिर चुके थे।

2. अस्पताल पहुँचने से पहले तोड़ा दम

साथी जवानों ने आनन-फानन में सुमित को सदर अस्पताल, खूंटी पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें 'ब्रॉट डेड' (Brought Dead) घोषित कर दिया।

अधिकारियों का दौरा: खूंटी एसपी अमन कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी तुरंत अस्पताल और घटनास्थल (बैरक) पहुँचे। एसपी ने इस घटना को एक 'दुर्भाग्यपूर्ण मानवीय भूल' करार दिया है।

फॉरेंसिक जांच: पुलिस लाइन के उस हिस्से को सील कर दिया गया है और फॉरेंसिक (FSL) टीम को बुलाया गया है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि गोली किस एंगल से चली और क्या हथियार में कोई तकनीकी खराबी (Misfire) थी।

3. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

शहीद जवान सुमित उरांव के परिजनों को सूचना दे दी गई है। उनके लोहरदगा स्थित पैतृक गांव में मातम पसरा हुआ है। सुमित के साथियों का कहना है कि वह एक मिलनसार और अनुशासित सिपाही थे। विभाग ने घोषणा की है कि सुमित का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा और उनके परिवार को नियमानुसार अनुग्रह राशि (Ex-gratia) प्रदान की जाएगी।

4. सुरक्षा प्रोटोकॉल पर उठते सवाल

झारखंड पुलिस में पहले भी हथियारों की सफाई या लोड-अनलोड करते समय 'एक्सीडेंटल फायर' (Accidental Fire) की घटनाएं सामने आती रही हैं।

ट्रेनिंग की कमी? विशेषज्ञ सवाल उठा रहे हैं कि क्या जवानों को समय-समय पर हथियारों के सुरक्षित रखरखाव की रिफ्रेशर ट्रेनिंग दी जा रही है।

नियम: प्रोटोकॉल के अनुसार, किसी भी हथियार की सफाई से पहले मैगजीन निकालकर चैम्बर को कम से कम तीन बार 'क्लियर' करना अनिवार्य होता है, जिसका पालन न करना जानलेवा साबित होता है।