IMD Warning : जाते-जाते कहर बरपा रहा मानसून, छत्तीसगढ़ के 9 जिलों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी
News India Live, Digital Desk: IMD Warning : जो लोग यह सोचकर बैठे थे कि छत्तीसगढ़ से मानसून की विदाई का वक्त आ गया है, उन्हें मौसम ने एक बड़ा सरप्राइज दिया है। मानसून ने एक बार फिर से रौद्र रूप दिखाया है और राज्य के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए मौसम विभाग ने 4 जिलों के लिए 'रेड अलर्ट' और 5 जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है।
क्या है रेड और ऑरेंज अलर्ट का मतलब?
आइए, इसे आसान भाषा में समझते हैं।
- रेड अलर्ट: इसका मतलब है कि इन जिलों में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान अत्यधिक भारी बारिश (200 मिमी से भी ज्यादा) हो सकती है। यह खतरे का संकेत है। इससे बाढ़ आने, नदियों का जलस्तर खतरनाक रूप से बढ़ने और निचले इलाकों में पानी भरने का खतरा है। प्रशासन को पूरी तरह तैयार रहने और लोगों को बेहद सावधान रहने की चेतावनी दी गई है।
- ऑरेंज अलर्ट: इसका मतलब है कि इन जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश (115 से 200 मिमी) होने की संभावना है। लोगों को खराब मौसम के लिए तैयार रहने की सलाह दी जाती है।
क्यों हो रही है इतनी बारिश?
मौसम विभाग के मुताबिक, इस भारी बारिश की मुख्य वजह बंगाल की खाड़ी में बना एक कम दबाव का क्षेत्र और उससे जुड़ा चक्रवाती घेरा है। यह सिस्टम इतना मजबूत है कि अपने साथ बंगाल की खाड़ी से बहुत सारी नमी ला रहा है, जिसके कारण छत्तीसगढ़ में घनघोर बारिश हो रही है।
इन जिलों पर है सबसे ज्यादा खतरा
- रेड अलर्ट वाले जिले: बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और नारायणपुर में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इन जिलों में रहने वाले लोगों को सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।
- ऑरेंज अलर्ट वाले जिले: बस्तर, कोंडागांव, कांकेर, बालोद और राजनांदगांव में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
इस मूसलाधार बारिश की वजह से कई जगहों पर सामान्य जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और कई जगहों पर सड़कों पर पानी भरने से यातायात भी प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अगले कुछ दिन बेहद जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें और किसी भी तरह के खतरे से बचने के लिए सुरक्षित स्थानों पर रहें।