BREAKING:
March 27 2026 07:50 pm

Mokshada Ekadashi 2025 : क्या आप भी तुलसी को जल देने की सोच रहे हैं? रुकिए पहले ये पढ़ लें

Post

News India Live, Digital Desk: मोक्षदा एकादशी का दिन भगवान विष्णु की आराधना का दिन है और हम सब जानते हैं कि भगवान विष्णु को तुलसी कितनी प्यारी है। उन्हें 'विष्णुप्रिया' कहा जाता है। मान्यता है कि बिना तुलसी दल (तुलसी के पत्तों) के श्री हरि का भोग भी पूरा नहीं माना जाता।

लेकिन, यहीं पर कई भक्त एक बड़ी चूक कर देते हैं। जोश और भक्ति में हम कुछ ऐसे काम कर देते हैं जो शास्त्रों के हिसाब से सही नहीं हैं। चलिए जानते हैं उन बातों के बारे में जिनका ध्यान आपको इस एकादशी पर रखना बहुत ज़रूरी है।

1. क्या तुलसी के पत्ते तोड़ने चाहिए? (बिल्कुल नहीं!)
यह सबसे महत्वपूर्ण नियम है जिसे अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। एकादशी के दिन, रविवार को और सूर्यग्रहण-चंद्रग्रहण के समय तुलसी के पत्ते भूलकर भी नहीं तोड़ने चाहिए
पुरानी मान्यताओं के अनुसार, एकादशी के दिन माँ तुलसी भी भगवान विष्णु के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। अगर आप पत्ते तोड़ते हैं, तो उनका ध्यान भंग होता है और उन्हें कष्ट होता है। इसलिए, पूजा के लिए पत्ते एक दिन पहले यानी 'दशमी' तिथि को ही तोड़कर रख लें। तुलसी के पत्ते बासी नहीं माने जाते, इसलिए घबराने की कोई बात नहीं है।

2. जल चढ़ाने में सावधानी
कुछ लोग एकादशी के दिन भी रोज की तरह लोटा भरकर तुलसी में जल चढ़ा देते हैं। कई विद्वानों का मानना है कि इस दिन तुलसी जी को ज्यादा जल नहीं देना चाहिए क्योंकि वह उपवास पर होती हैं। बेहतर होगा कि आप केवल दीपक जलाएं और उनकी परिक्रमा करें। अगर जल चढ़ाना भी है, तो बहुत ही थोड़ी मात्रा में अर्पण करें, जड़ों को डुबोएं नहीं।

3. गंदे हाथों से न छुएं
तुलसी का पौधा सिर्फ एक पौधा नहीं, बल्कि साक्षात् देवी का रूप है। अक्सर हम जल्दबाजी में बिना नहाए या गंदे हाथों से गमले को इधर-उधर खिसकाने लगते हैं। एकादशी के दिन पवित्रता का खास ध्यान रखें। बिना स्नान किए तुलसी के पास न जाएं।

4. दिया (दीपक) जलाने का सही तरीका
शाम के वक्त तुलसी के पास घी का दीपक जलाना बहुत शुभ माना जाता है। इससे घर में सुख-समृद्धि आती है और दरिद्रता दूर भागती है। ध्यान रखें कि दीपक को पौधे की जड़ों के एकदम ऊपर या पत्तों के बहुत करीब न रखें जिससे पौधे को नुकसान पहुंचे। थोड़ी दूरी बनाकर दीपक रखें।