मोदी दुनिया के सबसे ताकतवर नेता, तानाशाही की बातें बकवास पूर्व ऑस्ट्रेलियाई PM ने बताया भारत का सच
News India Live, Digital Desk: ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी एबॉट (Tony Abbott) ने नई दिल्ली में आयोजित 'रायसीना डायलॉग' (Raisina Dialogue) के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की है। एबॉट ने एक लेख के जरिए उन पश्चिमी नैरेटिव्स पर कड़ा प्रहार किया है, जिनमें भारत को एक 'तानाशाह' या 'सत्तावादी' देश के रूप में पेश करने की कोशिश की जाती है।
'तानाशाही वाली बातें पूरी तरह बकवास (Total BS)' टोनी एबॉट ने अपने लेख 'What Davos Should Be' में स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो लोग यह दावा करते हैं कि बीजेपी के शासन में भारत एक अधिनायकवादी (Authoritarian) देश बन गया है, वे सरासर गलत हैं। उन्होंने कहा:
जिस देश में निष्पक्ष चुनाव होते हों, स्वतंत्र न्यायपालिका हो और 'दबंग' मीडिया (Riotously Free Media) हो, वहां तानाशाही का खतरा हो ही नहीं सकता।
उन्होंने तर्क दिया कि कोई भी तानाशाह देश ऐसे वैश्विक सम्मेलन (रायसीना डायलॉग) की मेजबानी नहीं करेगा, जहां हर मुद्दे पर खुलकर बहस हो और किसी को दबाया न जाए।
PM मोदी की 'विनम्रता' के कायल हुए एबॉट पूर्व ऑस्ट्रेलियाई पीएम ने प्रधानमंत्री मोदी की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए उन्हें दुनिया का संभवतः तीसरा सबसे शक्तिशाली नेता बताया (अमेरिका और चीन के राष्ट्रपतियों के बाद)। एबॉट ने कहा:
सुनने की क्षमता: एक दशक से अधिक समय तक सत्ता में रहने के बावजूद पीएम मोदी में रत्ती भर भी अहंकार नहीं है। वे न केवल नेतृत्व करते हैं, बल्कि दूसरों को सुनते भी हैं।
सीखने की ललक: एबॉट ने उल्लेख किया कि मोदी अक्सर उद्घाटन सत्रों में मुख्य अतिथि (जैसे पिछले साल न्यूजीलैंड के पीएम और इस साल फिनलैंड के राष्ट्रपति) को सुनने के लिए मौजूद रहते हैं, लेकिन खुद वहां भाषण नहीं देते।
संन्यासी जीवन का असर: उन्होंने पीएम मोदी के इस व्यवहार को उनके शुरुआती जीवन के 'हिंदू संन्यासी' होने से जोड़कर देखा, जो उन्हें सत्ता के मोह और अहंकार से दूर रखता है।
रायसीना डायलॉग बनाम दावोस टोनी एबॉट ने भारत के 'रायसीना डायलॉग' को स्विट्जरलैंड के मशहूर 'दावोस' (विश्व आर्थिक मंच) से बेहतर बताया। उनका मानना है कि दावोस केवल अमीर लोगों का जमावड़ा बनकर रह गया है, जबकि भारत का यह मंच अधिक गतिशील और वास्तविक वैश्विक मुद्दों पर आधारित है, जहां 'ग्लोबल साउथ' की आवाज को प्रमुखता दी जाती है।
भारत: एक उभरती लोकतांत्रिक महाशक्ति एबॉट ने भारत को एक 'लोकतांत्रिक महाशक्ति' (Democratic Superpower) करार दिया। उन्होंने कहा कि भारत न केवल चीन के विकल्प के रूप में उभर रहा है, बल्कि वैश्विक मंच पर एक विश्वसनीय और भरोसेमंद साथी भी साबित हो रहा है।