Maruti की Made in India SUV अब विदेशों में मचाएगी धूम Across बैज के साथ शुरू हुआ एक्सपोर्ट

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News India Live, Digital Desk: भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki) ने ग्लोबल मार्केट में अपनी धाक जमाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने अपनी बेहद लोकप्रिय मिड-साइज SUV (विटारा ब्रेज़ा/ग्रैंड विटारा प्लेटफॉर्म आधारित) का एक्सपोर्ट शुरू कर दिया है। दिलचस्प बात यह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में यह कार मारुति के नहीं, बल्कि 'Across' (एक्रॉस) बैज के साथ बेची जाएगी।

यह कदम न केवल भारत को 'ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब' के रूप में स्थापित करता है, बल्कि सुजुकी और टोयोटा के वैश्विक गठबंधन की मजबूती को भी दर्शाता है।

क्यों बदला गया नाम? 'Across' बैज का गणित

मारुति सुजुकी और टोयोटा के बीच हुए वैश्विक समझौते के तहत दोनों कंपनियां एक-दूसरे के प्लेटफॉर्म और गाड़ियों को री-बैज (नाम बदलकर) करके बेचती हैं।

ग्लोबल पार्टनरशिप: यूरोप और कुछ अन्य विकसित बाजारों में सुजुकी अपनी प्रीमियम इमेज बनाने के लिए 'Across' नाम का उपयोग कर रही है।

प्रीमियम अपील: यह SUV उन बाजारों को ध्यान में रखकर डिजाइन की गई है जहाँ हाइब्रिड और हाई-टेक फीचर्स की मांग सबसे अधिक है।

'Made in India' SUV की ताकत

भारत में निर्मित जिस SUV को एक्सपोर्ट किया जा रहा है, वह अत्याधुनिक फीचर्स और दमदार परफॉरमेंस से लैस है:

इंजन विकल्प: इसमें शक्तिशाली हाइब्रिड इंजन तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जो लो-एमिशन (कम प्रदूषण) और हाई-माइलेज सुनिश्चित करती है।

डिजाइन: एक्सपोर्ट मॉडल के एक्सटीरियर में मामूली बदलाव किए गए हैं ताकि यह अंतरराष्ट्रीय मानकों और 'Across' की डिजाइन भाषा से मेल खा सके।

सेफ्टी: ग्लोबल मार्केट के लिए इसमें एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS), मल्टीपल एयरबैग्स और इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल जैसे फीचर्स दिए गए हैं।

मारुति के एक्सपोर्ट बिजनेस में उछाल

मारुति सुजुकी का लक्ष्य साल 2030 तक अपने एक्सपोर्ट को तीन गुना बढ़ाना है।

प्रमुख बाजार: कंपनी इन गाड़ियों को मुख्य रूप से अफ्रीका, मध्य पूर्व, दक्षिण-पूर्व एशिया और अब लैटिन अमेरिका व यूरोप के चुनिंदा हिस्सों में भेज रही है।

अर्थव्यवस्था को मजबूती: 'मेक इन इंडिया' के तहत भारत में बनी गाड़ियों का विदेशों में जाना देश के विदेशी मुद्रा भंडार और ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए शुभ संकेत है।

रिपोर्टर की राय: ग्राहकों पर क्या होगा असर?

भारतीय ग्राहकों के लिए यह गर्व की बात है कि जो कार आप यहाँ की सड़कों पर चला रहे हैं, वही अब अंतरराष्ट्रीय सड़कों पर भी दौड़ेगी। इससे गाड़ियों की 'बिल्ड क्वालिटी' में सुधार आता है क्योंकि एक्सपोर्ट होने वाली यूनिट्स को कड़े वैश्विक मानकों से गुजरना पड़ता है। भविष्य में हमें भारतीय मॉडल्स में भी वही 'ग्लोबल स्टैंडर्ड' फीचर्स देखने को मिल सकते हैं।